फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Crores of rupees were embezzled on the pretext of doubling the amount in 15 months, case against four

Gorakhpur News: 15 महीने में रकम दोगुना करने का झांसा देकर करोड़ों हड़पे, चार पर केस

Sun, 16 Jun 2024 05:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Sun, 16 Jun 2024 05:27 PM IST
विज्ञापन
Crores of rupees were embezzled on the pretext of doubling the amount in 15 months, case against four
Fir demo - फोटो : फाइल फोटो

शाहपुर इलाके के बशारतपुर में फर्जी कंपनी खोलकर 15 माह में रुपये दोगुना कराने का झांसा देकर करोड़ों रुपये लेकर जालसाज फरार हो गए हैं। एसएसपी के निर्देश पर शाहपुर पुलिस ने कंपनी के अभिकर्ता, निदेशक समेत चार लोगों पर जालसाजी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धारा में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। पुलिस ने दो पीड़ितों की तहरीर पर जालसाजी का दो अलग-अलग केस दर्ज किया है।

विज्ञापन


एसएसपी को बांसगांव इलाके के हरिहरपुर गांव निवासी संजय पाठक और रामजानकीनगर बशारतपुर निवासी किरन विश्वकर्मा ने अलग-अलग प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन


पीड़ितों ने बताया कि पादरी बाजार के जंगल मातादीन, शिवपुर निवासी नंद प्रसाद गुप्ता अभिकर्ता, निदेशक कुंदन गुप्ता, रिंकी गौतम और रीना गोस्वामी ने आरकेआर केयर इंडिया निधि लिमिटेड नाम से कंपनी खोलकर 15 माह में रुपये दोगुना करने का प्रलोभन देकर रुपये जमा कराया था। उन्होंने राधिका कॉम्पलेक्स बशारतपुर में दफ्तर खोल रखे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


परिपक्वता सीमा पूरा होने पर जब लोग पहुंचे तो ऑफिस पर ताला लगा मिला।

किरन ने बताया कि वह बीमा कंपनी में ट्रेनर हैं। उन्हें अक्सर राधिका कॉम्लेक्स जाना पड़ता था। वहीं पर कंपनी के अभिकर्ता नंद प्रसाद गुप्ता से मुलाकात हुई। आरोपी ने ऑफिस ले जाकर कुंदन गुप्ता, रीना गोस्वामी और रिंकी गौतम से मुलाकात करवाई।

उन्होंने कंपनी में रुपया निवेश करने पर 15 माह में दोगुना करने की बात कही। चार अप्रैल 2020 को उन्होंने 35 हजार रुपये निवेश किया। उनको 15 माह बाद 50 हजार रुपये परिपक्वता राशि देने का बांड दिया गया। किरन का कंपनी पर विश्वास बढ़ा तो बैंक में जमा पांच लाख रुपये निकाल कर कंपनी में निवेश कर दिया। उन्हें सात लाख और तीन लाख रुपये का दो परिपक्वता बांड दिया गया।

30 अप्रैल 2022 को जब परिपक्वता राशि पूरी हुई तो किरन से बांड की मूल प्रति जमा कराकर कुंदन के खाते से 50 हजार रुपये उनके खाते में भेज दिया गया। शेष रकम कुछ दिन में खाते में पहुंच जाने का विश्वास दिलाया गया। जब उनके खाते में रकम नहीं आई तो उन्होंने अभिकर्ता नंद प्रसाद गुप्ता से संपर्क किया।

उसने विलंब तिथि को जोड़कर बोनस समेत पूरा रकम देने का आश्वासन दिया। 25 नवंबर 2022 को जब वह फिर कंपनी के दफ्तर पहुंची तो कंपनी कार्यालय पर ताला लगा मिला। दफ्तर पर ताला बंद होने से कई निवेशक परेशान हो गए।

संजय पाठक ने भी प्रार्थना पत्र देकर छह लाख, उनकी पत्नी मुन्नी पाठक ने डेढ़ लाख रुपये, नीलम विश्वकर्मा ने 50 हजार रुपये निवेश किए। सभी को परिपक्वता तिथि और राशि के अनुसार अलग-अलग तारीख का बांड दिया गया। लेकिन परिपक्वता तिथि पूर्ण होने से पहले ही कंपनी और उसके अधिकारी फरार हो गए।


सीओ की जांच के बाद दर्ज हुआ केस
एसएसपी ने दोनों शिकायत पत्रों की जांच सीओ गोरखनाथ योगेंद्र सिंह को दिया। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद शाहपुर पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर चारों जालसाजों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed