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राजघाट नया पुल: एक साल से मोड़े रखी धारा, तिरछा पिलर नहीं हो सका सीधा, निर्माण में होंगे 289 करोड़ रुपये खर्च
Thu, 07 May 2026 05:10 PM IST
Rohit Singh
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: Rohit Singh
Updated Thu, 07 May 2026 05:10 PM IST
सार
करीब एक वर्ष पूर्व निर्माण के दौरान एक पिलर तिरछा हो गया था। इसके बाद निर्माण एजेंसी और तकनीकी टीमों ने इसे सीधा करने के लिए कई प्रयास किए। पंबाब व आजमगढ़ से बुलाए गए विशेषज्ञों की सलाह पर नदी की धारा को मोड़ा गया ताकि दबाव कम हो सके और पिलर को संतुलित किया जा सके।
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राप्ती नदी पर निर्माणाधीन पुल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
राजघाट में राप्ती नदी पर निर्माणाधीन नए पुल का कार्य तेजी से जारी है लेकिन एक साल पहले तिरछा हुआ पिलर अब तक सीधा नहीं हो सका है। नदी की धारा मोड़ने और तकनीकी स्तर पर कई प्रयास किए जाने के बावजूद संबंधित पिलर की स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब इसके लिए दूसरे विशेषज्ञ बुलाए गए हैं। कुएं को हटाकर पत्थर के स्लैब को तोड़ने की कोशिश की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार, करीब एक वर्ष पूर्व निर्माण के दौरान एक पिलर तिरछा हो गया था। इसके बाद निर्माण एजेंसी और तकनीकी टीमों ने इसे सीधा करने के लिए कई प्रयास किए।
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पंबाब व आजमगढ़ से बुलाए गए विशेषज्ञों की सलाह पर नदी की धारा को मोड़ा गया ताकि दबाव कम हो सके और पिलर को संतुलित किया जा सके। साथ ही पिलर के कुएं में पत्थर के स्लैब को काटने की कोशिश भी की गई। हालांकि, इन सभी उपायों के बावजूद पिलर अब तक सीधा नहीं हो पाया है।
वर्तमान में नौसड़ से राजघाट और राजघाट से नौसड़, दोनों लेन में अन्य पिलरों का निर्माण तेजी से चल रहा है। बुधवार को भी साइट पर कार्य जारी रहा और श्रमिकों की टीमें निर्माण में जुटी रहीं। सेतु निगम के जीएम मिथिलेश कुमार का कहना है कि बाकी हिस्सों में काम निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रहा है।
दो-दो लेन के दोनों नए पुलों की लंबाई 412.92 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर होगी। पुल के निर्माण में करीब 289 कराेड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके पूरा होने से शहर के यातायात को बड़ी राहत मिलेगी। खासतौर पर नौसड़ और राजघाट के बीच आवागमन सुगम होगा और जाम की समस्या में कमी आएगी। हालांकि, तिरछे पिलर की समस्या अब भी चुनौती बनी हुई है।
दो-दो लेन के दोनों नए पुलों की लंबाई 412.92 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर होगी। पुल के निर्माण में करीब 289 कराेड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके पूरा होने से शहर के यातायात को बड़ी राहत मिलेगी। खासतौर पर नौसड़ और राजघाट के बीच आवागमन सुगम होगा और जाम की समस्या में कमी आएगी। हालांकि, तिरछे पिलर की समस्या अब भी चुनौती बनी हुई है।