ऑपरेशन तमंचा: गोरखपुर से पश्चिम बंगाल तक हो रही असलहों की सप्लाई, तस्करों ने ही बताया
गोरखपुर रेंज के आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया व कुशीनगर में पिछले तीन वर्षों के दौरान 2592 लोग असलहे के साथ पकड़े गए। 2019 में 743, 2020 में 969 और 2021 में 880 आरोपी पकड़े गए हैं।
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गोरखपुर से अब पश्चिम बंगाल तक असलहों की सप्लाई हो रही है। पहले बिहार तक ही असलहे भेजे जाते थे। इसका खुलासा पिछले तीन वर्षों के दौरान अवैध असलहों के साथ पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद हुआ है। खबर है कि गोरखपुर जोन में आठ हजार लोगों को अवैध असलहे के साथ दबोचा जा चुका है। इनके पास से 10 हजार असलहे बरामद किए जा चुके हैं। अभी चंद दिनों पहले यहां की पुलिस ने भी पश्चिम बंगाल के दो असलहा तस्करों को पकड़ा था।
जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर जोन के कई जिलों की सीमा बिहार से सटी है। बदमाशों से पूछताछ में पता चला है कि यहां से बिहार और फिर पश्चिम बंगाल तक असलहों की सप्लाई दी जा रही है। गोरखपुर रेंज के आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया व कुशीनगर में पिछले तीन वर्षों के दौरान 2592 लोग असलहे के साथ पकड़े गए। 2019 में 743, 2020 में 969 और 2021 में 880 आरोपी पकड़े गए हैं। अकेले गोरखपुर में ही करीब एक हजार लोग अवैध असलहों के साथ पकड़े जा चुके हैं।
पश्चिम बंगाल के पकड़े गए थे दो तस्कर
कैंट पुलिस ने गोरखपुर आए दो तस्करों को पकड़ा था। पश्चिम बंगाल के इच्छापुर चुनरी पांडा, वार्ड नंबर 13, थाना नवापार निवासी गोविंदा और देवीपुर वार्ड नंबर एक निवासी सूरज यादव के पास से दो तमंचा, एक कारतूस, एक पिस्टल 32 बोर व दो कारतूस बरामद किया था।
जोन के इस रेंज में पकड़े गए इतने असलहे
- गोरखपुर रेंज में तीन साल में 2592 पकड़े गए
- देवीपाटन मंडल में इस साल 1250 लोग असलहे के साथ पकड़े गए
बंगाल जेल में बंद जयहिंद गोरखपुर से मंगा रहा असलहा
पुलिस के अनुसार, गोरखपुर के बड़हलगंज का जयहिंद गैंगस्टर का आरोपित है। वह डी 14 नाम से पंजीकृत गैंग का सदस्य है और इस समय पश्चिम बंगाल के जेल में बंद है। वहां उसकी मुलाकात दो दिन पूर्व पकड़े गए तस्कर व असलहा पहुंचाने वाले गोविंदा व सूरज यादव से हुई थी। इसके बाद दोनों गोरखपुर असलहा लेने आए थे। जयहिंद असलहों को बिहार के मुंगेर से खरीद कर मंगाता है।
बड़हलगंज का अविनाश उपलब्ध कराता है असलहा
पुलिस के मुताबिक जयहिंद का साथी बड़हलगंज के संसारपार निवासी अविनाश शर्मा उर्फ पिंटू ही असलहा मुहैया कराता है। जो लोग असलहा लेने आते हैं, उन्हें अपने घर या होटल में ठहराने की व्यवस्था भी कराता है।
पश्चिम बंगाल के अशोक को देते हैं असलहा
पकड़े गए सूरज व गोविंदा और अन्य तस्कर असलहों को गोरखपुर से ले जाकर पश्चिम बंगाल के अशोक नामक व्यक्ति को देते हैं। कोलकाता में एक ज्वेलरी की दुकान में हुई डकैती में बड़हलगंज का जयहिंद भी शामिल था। इसी आरोप में वह पकड़ा गया और वर्तमान में कोलकाता की जेल में बंद है। वहां उसकी मुलाकात अन्य अपराधियों से हुई। इसके बाद असलहा तस्करी के चक्कर में पड़ गया। वह असलहों को बिहार, बंगाल आदि जगहों पर भेजवाता है। 10 से 15 हजार में बेचकर मुनाफा कमाता है। ये लोग कुशीनगर व देविरया के बार्डर के रास्ते असलहों को ले जाते हैं।
गोरखपुर जोन एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि ऑपरेशन तमंचा के तहत पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। बड़ी मात्रा में अवैध असलहे बरामद होने के साथ ही बिहार और पश्चिम बंगाल तक तस्करी में जुड़े लोग भी पकड़े गए हैं।