फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   story of all brutal murder in gorakhpur

यूपी के इस जिले की 'खूनी खेल' के आंकड़े देखकर रह जाएंगे दंग, यहां एक साथ परिवार के छह लोगों की हो चुकी है हत्या

Fri, 16 Oct 2020 03:09 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 16 Oct 2020 03:09 PM IST
सार

  • घटना के बाद सहम गए थे शहरवासी, एक ही परिवार के तीन और चार लोगों की हत्या से भी मच चुका है हड़कंप
  • गुरुवार को शाहपुर में नानी व नाती की घर में ही हत्या से एक बार फिर पुरानी घटनाओं की आई याद

विज्ञापन
story of all brutal murder in gorakhpur
गोरखपुर की इन घटनाओं ने भी फैलाई थी दहशत। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में दोहरे हत्याकांड ही नहीं, एक ही परिवार के छह लोगों की एक ही रात में हत्या हो चुकी है। सभी के शव उनके घर में ही अलग अलग कमरों में मिले थे। उस समय शहरवासी पूरी तरह से सहम गए थे। लोगों ने घरों में लोहे के दरवाजे लगवाने शुरू कर दिए थे।

विज्ञापन


वहीं एक ही परिवार के तीन और चार सदस्यों की हत्याओं से भी हडकंप मचा था। गुरुवार की रात शाहपुर के रामजानकी नगर में महिला व उसके नाती की घर में ही हत्या होने की खबर आई तो शहर के लोगों को एक बार फिर उन घटनाओं की याद आ गई।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार नवंबर 2000 को खोराबार इलाके के आजाद चौक स्थित शिवाजीनगर में बावरिया गिरोह ने लूटपाट के लिए राकेश राय व उनके परिवार के छह लोगों की हत्या कर शहर में दहशत फैला दी थी। सभी का शव अलग अलग कमरों से पुलिस ने बरामद किए थे। इस वारदात के बाद लोग इतना डर गए थे कि अपने घरों की सुरक्षा मजबूत करने में जुट गए थे। मोहल्लों में खुद लोगों ने कमेटियां बनाकर रात में गश्त शुरू कर दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद जुलाई 2015 को शाहपुर के झरना टोला में सीआरपीएफ में तैनात जवान जवाहरलाल की पत्नी रजिया, बेटियों पूनम, रूबी व बेटे अनूप की हत्या ने एक बार फिर दहशत फैलाई। रजिया का शव बेडरूम में तो बेटे का शव सीढ़ियों पर व बेटियों का शव छत पर पड़ा था। बेरहमी से उन्हें मारा गया था। बाद में पुलिस ने एक ऑटोचालक को मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजवाया था।

दिसंबर 2015 में कोतवाली के विंध्यवासिनी नगर में घर में ही पूर्वोत्तर रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर संजय श्रीवास्तव व उनकी पत्नी शिक्षिका तूलिका श्रीवास्तव की गला रेतकर हत्या हुई थी। जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी। दोनों का शव बिस्तर पर पड़ा था। पुलिस ने बाद में घर के नौकरों को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना था कि लूटपाट के लिए हत्या की गई थी।

इसके बाद दिसंबर 2018 में खजनी के पुरसापुर में दुर्गा सिंह व उनकी पत्नी कमलावती की हत्या हुई थी। भीड़ ने एक आरोपी मुंशी को भी मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। जिससे पंद्रह दिन तक गांव में पीएसी तैनात रही थी।

जनवरी 2016 को शाहपुर के बशारतपुर में घर में ही डॉक्टर ओमप्रकाश सिंह व उनके बेटे नितिन की हत्या हुई थी। दोनों का शव बिस्तर पर पड़ा था। पुलिस ने डॉक्टर की पत्नी अर्चना व उसके प्रेमी अजय को गिरफ्तार किया था। अप्रैल 2016 में शाहपुर के मोतीपोखरा में ही महिला सूफिया व उसकी बेटी अरसली की हत्या हुई थी। दोनों का शव घर में पड़ा था। बदबू उठने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने महिला के प्रेमी को गिरफ्तार किया था।

वहीं जनवरी 2016 को झंगहा के सुगहा में रिटायर्ड दारोगा के भाई बलवंत व दारोगा के बेटे कौशल की गोली मारकर हत्या की गई थी। बाद में इसी घटना की पैरवी कर रहे दारोगा जयहिंद व बेटे नागेंद्र की भी अप्रैल 2018 में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। आरोप उसी गांव के राघवेंद्र पर है। चार हत्याओं को अंजाम देने के बाद भी वह अभी तक पकड़ा नहीं गया है। इस समय वह जिले का सबसे बड़ा इनामी व टॉप टेन का अपराधी है। उसके ऊपर एक लाख रुपये का इनाम है। दिनदहाड़े दो साल में हुई चार हत्याओं से जनता आक्रोशित हो गई थी और पुलिस की गाड़ियों को फूंक दिया था।

इसके अलावा 24 अगस्त 2020 को गगहा में महिला हेमलता व उसके बेटे अंबुज की पीटकर हत्या कर दी गई थी। जिसके सभी आरोपी वर्तमान समय में जेल में है। वहीं अगस्त 2020 को गुलरिहा के ठाकुरपुर में घर में ही अनरजीत गुप्ता व लिवइन में रह रही रिंकी की फावड़े से काटकर हत्या कर दी गई थी। जिसके हत्यारोपी जेल में हैं।

इन घटनाओं ने भी फैलाई थी दहशत

वहीं जून 2020 को झंगहा में नदी किनारे खोराबार के रामनगर कड़जहां निवासी चचेरे भाइयों दिवाकर व कृष्णा की गोली मारकर हत्या की गई थी। गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव किया था। इस घटना के सभी आरोपी जेल में है।

खजनी के जैतपुर में पशु बाजार को लेकर करीब बीस वर्ष पहले हुए तिहरे हत्याकांड से भी उस समय दहशत था। आज भी लोगों की जुबान पर इस घटना की चर्चा आ जाती है। वहीं झंगहा का बौठा कांड भी लोगों को अभी नहीं भूला। करीब 90 के दशक में रंजिश में दो समुदायों में संघर्ष हो गया था। जिसमें एक ही रात में गांव के एक परिवार के करीब पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था। कई सालों तक उस घटना की चर्चा होती रही। बाद में पुलिस ने घटना के कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। कुछ के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई जिसमें वे ढेर हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed