फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Rasuka action against minor girl molested accused in Gorakhpur

खून से लथपथ मिली थी सात साल की दुष्कर्म पीड़िता, हैवानियत के आरोपी पर हुई रासुका की कार्रवाई

Tue, 09 Feb 2021 09:28 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 09 Feb 2021 09:28 AM IST
विज्ञापन
Rasuka action against minor girl molested accused in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी के खिलाफ डीएम ने रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई की है। आरोपी सिंटू राव अभी जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि गगहा इलाके का रहने वाला आरोपी सिंटू मुंबई में रहने के दौरान भी पॉक्सो एक्ट में जेल गया था। वहां से छूटने के बाद पांच महीने पहले गांव आया और फिर उसने बच्ची के साथ घटना की।
विज्ञापन

 
जानकारी के मुताबिक, गगहा इलाके के एक गांव की सात साल की बच्ची के साथ नवंबर 2020 में दुष्कर्म की घटना हुई थी। घटना वाले दिन बच्ची के पिता भैंस चराने गए थे और उसकी मां घर के बगल में कुछ दूरी पर घास काटने गई थी। तभी सिंटू राव बंधे पर स्थित उसकी झोपड़ी पर पहुंचा। वहां बच्ची को अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर सुनकर आई मां ने देखा कि बेटी खून से लथपथ थी।
विज्ञापन


लोकलाज के भय से मां ने घटना की सूचना थाने पर नहीं दी। हालांकि जब गांव के अन्य लोगों को इसकी खबर हुई तो अगले दिन सुबह गगहा थाने पहुंच सिंटू राव के खिलाफ तहरीर दी गई। गगहा पुलिस ने बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बच्ची की मां ने पुलिस को बताया था कि आरोपी पहले उसे भी छेड़ता था, लेकिन लोकलाज के भय से वह विरोध नहीं करती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

लोकलाज के डर से नहीं दी थी सूचना

डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि बच्ची से हैवानियत करने वाले सिंटू पर रासुका की कार्रवाई कर दी गई है।
 
घटना के बाद लोकलाज के डर से महिला ने बेटी के साथ हुई घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी थी। एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज भी करा लिया था, लेकिन बाद में लोगों ने उसे समझाया जिसके बाद उसने पुलिस को तहरीर दी। इस मामले में बिना पुलिस को सूचना दिए इलाज करने वाले झोलाछाप की भी तलाश की गई थी, लेकिन वह फरार हो गया था। बाद में जांच में पुलिस को उसके खिलाफ साक्ष्य नहीं मिल पाया था, जिस वजह से वह कार्रवाई से बच गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed