फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Police investigation records of criminals jailed for robbery and murder case ten years

जेल से बाहर आए बदमाशों ने दोबारा वारदात की तो खैर नहीं, पुलिस ऐसे खंगालेगी रिकॉर्ड

Sat, 13 Feb 2021 03:23 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 13 Feb 2021 03:23 PM IST
विज्ञापन
Police investigation records of criminals jailed for robbery and murder case ten years
गोरखपुर पुलिस।(फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

उत्तर प्रदेश के गोरखरपुर जिले में पिछले दस साल में लूट, डकैती, चोरी जैसी वारदात में जेल भेजे गए बदमाशों का पुलिस सत्यापन करेगी। पुलिस उनके घर जाकर उनके कामों के बारे में जानकारी जुटाएगी। अगर वास्तव में वे सुधर गए हैं और कोई रोजगार, नौकरी कर जीवन यापन कर रहे हैं तो पुलिस सिर्फ उनकी निगरानी करेगी।

विज्ञापन


वहीं जेल से बाहर आए बदमाशों ने दोबारा वारदात की तो उनपर कार्रवाई के साथ ही थानेदार की सीधी जिम्मेदारी मानी जाएगी और उन पर कड़ी कार्रवाई भी होगी। इस संबंध में डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने सभी सीओ को आदेश जारी कर दिया है। उनके इस आदेश पर कई थाना क्षेत्रों में काम भी शुरू हो गया है।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, शाहपुर इलाके में शिक्षिका हत्याकांड में त्रिभुवन सिंह के पकड़े जाने का मामला हो फिर दवा व्यापारी हत्याकांड में शूटर के पकड़े जाने की घटना हो। पिछले कई मामलों में जेल से छूटे बदमाश दोबारा वारदात करते दबोचे गए हैं। इससे साफ हो गया था कि पुलिस की निगरानी पूरी तरह से बंद हो गई है जिस वजह से वह गैंगस्टर या फिर दूसरे मामले में आरोपी होने के बावजूद जेल से बाहर आने पर दोबारा वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे देखते हुए ही एसएसपी ने सख्ती बरती है और तय किया है कि जिले में इस तरह के बदमाशों का सत्यापन पुलिस उनके घर जाकर करेगी। उनके काम के बारे में जानेगी और जरूरत पड़ी तो बैंक एकाउंट और रहन सहन के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। ताकि यह पता चल सके कि जमानत पर रिहा होने के बाद वह दोबारा अपराध की राह पर है या नहीं। अगर वह दोबारा अपराध की राह पर होगा तो पुलिस कार्रवाई करेगी नहीं तो सिर्फ उसकी निगरानी ही की जाएगी, पुलिस उन्हें परेशान नहीं करेगी।

धमकी के मामले सामने आए तो तुरंत दर्ज हो केस

कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिसमें जमानत पर रिहा होने के बाद बदमाश गवाह या फिर वादी को धमकी देते हैं कि वह सुलह कर लें, केस वापस लें। ऐसे मामलों की भी पुलिस जांच करेगी और इस तरह के मामले जहां पर भी सामने आएंगे पुलिस को तत्काल नया केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने का आदेश भी एसएसपी ने दिया है।

थानेदार, दरोगा की चरित्र पंजिका भी इसी से तय होगी
एसएसपी का मानना है कि तबादला होने के बाद अफसरों से यह लोग चरित्र पंजिका में गुड वर्क अंकित करा लेते हैं। ऐसे में काम करने वाले और बिना काम करने वाले पुलिस वाले एक ही श्रेणी में आ जाते हैं। अब ऐसा नहीं होगा। सभी थानेदार, दरोगा की चरित्र पंजिका वह खुद लिखेंगे और किसी भी सूरत में इसमें गड़बड़ी नहीं होगी। जो काम करने वाले होंगे उन्हें ही गुड वर्क करने का तमगा मिलेगा।

1465 बदमाशों के नाम आए सामने, करना है सत्यापन

पुलिस को डकैती, लूट, चोरी के जिन बदमाशों का सत्यापन करना है उसमें अभी 1465 नाम सामने आए हैं। इनमें कोतवाली थाने में 50, राजघाट में 44, तिवारीपुर में 54, कैंट थाने में 46, खोराबार में 109, रामगढ़ताल में 62, गोरखनाथ में 79, शाहपुर में 137, कैंपियरगंज में 18, पीपीगंज में 42, चिलुआताल में 109, सहजनवां में 79, गीडा में 53, चौरीचौरा में 71, झंगहा में 65, पिपराइच में 49, गुलरिहा में 61, बांसगांव में 37, गगहा में 47, बेलीपार में 40, गोला में 45, बड़हलगंज में 35, उरूवा बाजार में 22, बेलघाट में 32, खजनी में 32, सिकरीगंज में 30 और हरपुर बुदहट में 17 बदमाशों के नाम सामने आए हैं।

डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि दस साल में डकैती, चोरी, लूट में जेल भेजे गए बदमाशों का सत्यापन किया जाना है। अगर जमानत पर बाहर आने के बाद वह सुधर गए तो सिर्फ निगरानी की जाएगी नहीं तो कार्रवाई होगी। पुलिस घर जाकर सत्यापन करेगी कि वे अब क्या कर रहे हैं। पुलिस वालों के चरित्र पंजिका में भी गुडवर्क करने वालों के ही दर्ज होंगे। जमानत पर बाहर आए बदमाश दोबारा वारदात करते मिले तो संबंधित थानेदार, बीट दरोगा की सीधी जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed