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गोरखपुर का हिस्ट्रीशीटर दयाशंकर निषाद गिरफ्तार, टॉप-10 बदमाशों की सूची में था शामिल
Tue, 08 Sep 2020 08:40 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 08 Sep 2020 08:40 PM IST
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हिस्ट्रीशीटर दयाशंकर निषाद। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर के टॉप 10 बदमाशों में शामिल दयाशंकर निषाद को मंगलवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह घर में घुसकर महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में वांछित था। दयाशंकर और उसके परिवारवालों पर 'पुलिस पर हमला' का भी आरोप है। पुलिस ने आरोपित को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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जानकारी के मुताबिक, नंगा निषाद के पुत्र दयाशंकर निषाद के खिलाफ घर में घुसकर एक महिला के साथ दुष्कर्म करने का मुकदमा खोराबार थाने में वर्ष 2019 में दर्ज है, जिसमें वह फरार चल रहा था। खोराबार इंस्पेक्टर नासिर हुसैन ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाने का वांछित अपराधी एवं हिस्ट्रीशीटर दयाशंकर निषाद मोतीराम अड्डा की ओर जा रहा है।
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इसके बाद वनसप्ती मंदिर के पास घेराबंदी कर दयाशंकर को दबोच लिया गया। उसपर गुंडा एक्ट एवं यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज है। बीते 25 अगस्त को उसके भाई दीपचंद निषाद को पुलिस जेल भेज चुकी है। उन्होंने बताया कि सहारा इस्टेट परिसर में रहने वाले कारोबारी की जमीन कब्जाने के आरोप में भी दयाशंकर निषाद व दिलीप निषाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।
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मनबढ़ है परिवार, थानेदार पर किया था हमला
दयाशंकर निषाद ग्रामसभा खोराबार निवासी नंगा निषाद का बड़ा पुत्र है। परिवार में पिता नंगा निषाद सहित छह लोग गैंगस्टर के आरोपित हैं। दयाशंकर यूपी पुलिस में नौकरी कर चुका है। वह कुशीनगर जिले के हाटा कोतवाली से नौकरी छोड़ चुका है। दयाशंकर निषाद चौरीचौरा क्षेत्र से विधायक का चुनाव भी लड़ चुका है।
पूरा परिवार इतना मनबढ़ है कि उन्होंने कुछ वर्ष पहले खोराबार थाने के दो सिपाहियों को अपने घर में बंधक बना लिया था। उन्हें छुड़ाने पुलिस टीम पहुंची तो मनबढ़ों ने हमला कर दिया। इसमें तत्कालीन खोराबार इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह को गंभीर चोटें आई थीं। वह करीब एक वर्ष तक कोमा में थे। इस घटना में नौ पुलिस कर्मी भी घायल हो गए थे।
पूरा परिवार इतना मनबढ़ है कि उन्होंने कुछ वर्ष पहले खोराबार थाने के दो सिपाहियों को अपने घर में बंधक बना लिया था। उन्हें छुड़ाने पुलिस टीम पहुंची तो मनबढ़ों ने हमला कर दिया। इसमें तत्कालीन खोराबार इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह को गंभीर चोटें आई थीं। वह करीब एक वर्ष तक कोमा में थे। इस घटना में नौ पुलिस कर्मी भी घायल हो गए थे।