पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी: अंगूठे का क्लोन बनाकर खाते से निकाल लेते थे रकम, गिरोह का हुआ पर्दाफाश
रुद्रपुर में सहज जन सेवा केंद्र चलाता था मास्टर माइंड, क्लोनिंग मशीन के साथ चार आरोपी गिरफ्तार
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सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर अंगूठे का क्लोन बनाकर आधार कार्ड से रकम निकालने वाले गिरोह का शनिवार को पर्दाफाश हुआ। डीएम आशुतोष निरंजन की मौजूदगी में एसपी ने डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि साइबर अपराध का मास्टर माइंड रुद्रपुर में सहज जन सेवा केंद्र चलाता है। पूरे मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से अंगुठों का क्लोन, क्लोनिंग मशीन, कंप्यूटर, सादे कागज पर खाताधारकों के अंगुठा निशान और एक लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं।
रुद्रपुर तहसील सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी ने बताया कि साइबर सेल देवरिया, थाना रुद्रपुर और थाना गौरीबाजार की संयुक्त टीम ने अंगूठे का क्लोन बनाकर बैंक खाते से रुपया निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सरगना ने रुद्रपुर थाने के एकला मिश्रौलिया गांव निवासी अछैबर और माहीगंज गांव के रहने वाले जितेंद्र विश्वकर्मा को पीएम आवास दिलाने का झांसा देकर उनके आधार कार्ड की फोटोकॉपी और सादे कागज पर अंगूठे का निशान ले लिया।
मास्टर माइंड रुद्रपुर के दुग्धेश्वरनाथ वार्ड का निवासी किशन रावत रुद्रपुर बस स्टेशन के पास सहज जन सेवा केंद्र चलाता है। उसने अपने साथी गनेशपुर टोला शिवपुर के विकास यादव, गाजीपुर भैसही के मिर्जा शमीम बेग और फारूख मिर्जा के साथ मिलकर अंगूठे का क्लोन बनवाकर आधारकार्ड नंबर से अंगूठे के क्लोन का प्रयोग कर अछैबर के खाते से एक लाख दस हजार रुपये और जितेंद्र विश्वकर्मा के खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए।
गिरोह के सदस्य मिर्जा शमीम बेग और उसका बेटा फारूख मिर्जा देवरिया के अबुबकर नगर में रहकर रबर की मुहरें बनाने का काम करते हैं। यह लोग मुहर बनाने के आड़ में क्लोनिंग करते थे। अंगूठे का क्लोन बनाने के लिए उनके पास से एक क्लोन मशीन पकड़ी गई। साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 19 अदद अंगुठों के क्लोन, एक लाख 160 रुपये नकद, दो अदद आधार कार्ड, 13 सादे कागज पर 69 लोगों का अंगुठा निशान , थंब इंप्रेशन मशीन, लैपटॉप, कंप्यूटर सेट,क्लोन मशीन, स्कैनर, डिजिटल स्टांप मशीन, माइक्रो प्रिटिंग इंक पैड,फोटो पॉलिमर रसायन आदि बरामद हुआ।
रकम मिलने के बाद फूट कर रो पड़े अछैबर
गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ चल रही है। उनके बैंक खातों की डिटेल लिया जाएगा। सादे कागज पर लिए गए 69 अंगुठों के निशान का भी क्लोन बनाकर बैंक खातों से रकम निकालने की संभावना है। साइबर सेल को इस अपराध से जुड़े अन्य तथ्यों की गहनता से परीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को आईटी एक्ट और धोखाधड़ी के मामले में चालान किया गया। साइबर सेल की सफलता पर एसपी ने घटना के अनावरण में लगी टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया।
साइबर अपराधियों के कारनामे से पाई पाई जोड़ कर एक लाख 160 रुपया अपने खाते में जमा करने वाले एकला मिश्रौलिया के अछैबर को गायब रकम के मिलने की उम्मीद जगी तो वह फूट फूट रो पड़े। अंगूठे की क्लोनिंग कर बैंक खाता साफ करने वाले गिरोह की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक को धन्यवाद दिया। कहा, मेहनत मजदूरी से कमाई गई रकम गायब होने के बाद उनके दिन का चैन और रात की नींद हराम हो गई थी।
पुरस्कृत होने वाले पुलिस कर्मी
प्रभारी निरीक्षक अनिल पांडेय, प्रभारी निरीक्षक साइबर सेल अश्वनी राय, उपनिरीक्षक ब्रजेश मिश्र,उपनिरीक्षक साइबर सेल मुकेश मिश्र, शिवमंगल, कृष्ण कुमार सिंह, सिपाही सुरेंद्र नाथ राय, प्रद्युम्न जायसवाल, राजेश तिवारी, अरविंद कुशवाहा, गुलशन सोनकर,सुशील कुमार, उमेश चौहान, अभय सिंह, स्वतंत्र कुमार, अंकिता तिवारी, अर्चना यादव और साधना।