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सावधान! ऑनलाइन लोन के चक्कर में खाली ना हो जाए बैंक खाता

Mon, 25 Jan 2021 10:30 AM IST
vivek shukla शिवम सिंह, गोरखपुर।
शिवम सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 25 Jan 2021 10:30 AM IST
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Cyber cell issued alert for loan from app in gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : पेक्सेल्स
ऑनलाइन लोन एप के इस्तेमाल के खतरे भी बहुत हैं। इसके जरिए जालसाज पूरी जानकारी लेकर बैंक खातों को खाली कर दे रहे हैं। आसपास के जिलों में इस तरह की वारदात सामने आने के बाद साइबर सेल ने अलर्ट जारी किया है।
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सेल की ओर से लोगों को सोशल मीडिया पर जागरूकता संदेश भेजे जा रहे हैं। इसका मकसद है कि लोग जागरूक हों और इस एप का इस्तेमाल काफी सावधानी से करें ताकि साइबर अपराध से बच सकें।
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जानकारी के मुताबिक, कोरोना काल में कई लोग बाहर से लौटकर घर को आए हैं और यहीं पर व्यापार या फिर दूसरे कामों को करना चाहते हैं। इसका फायादा जालसाज उठाने लगे हैं। अन्य माध्यमों से खाते का डिटेल पाने में अब वह ज्यादा सफल नहीं हो रहे हैं, इस वजह से बैंक की सुविधा में सेंधमारी कर रहे हैं। छोटी चूक बड़ा नुकसान कर सकती है, इस वजह से जागरूकता फैलाई जा रही है ताकि लोग जालसाजों के झांसे से बच सके।
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ऐसे होती है इंस्टेंट एप लोन से प्रक्रिया

गूगल प्ले स्टोर पर तमाम एप मौजूद हैं। एप को डाउनलोड करने के बाद लोन आसानी से मुहैया कराने का दावा किया जाता है। ऑनलाइन लोन देने वाले एप की कोई रेग्युलेटरी अथॉरिटी नहीं है। इसलिए ज्यादातर एप में 10 से लेकर 40 प्रतिशत तक की ब्याज दर पर मासिक और वार्षिक लोन देने के दावे हो रहे हैं। यहां पर लोन लेने के लिए आपको पूरा ब्योरा भरना होता है। जिसका फायदा जालसाज उठा रहे हैं।

इस तरह के एप
कैश आय, गोल्ड बाउल, कैश वी, लिक्विड कैश, रुपये फैक्ट्री, क्रेडिट कैश, कैश लोन, रैपिड रुपी, उधार, तकाकैश, ईजी लोन, इंडिया लैंड्स, पेमनी, स्मार्ट क्विक कैश, लाइट लोन सहित सैकड़ों एप मौजूद हैं।

बैंक के बाहर भी चस्पा किए गए हैं जागरूकता के संदेश
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी इंस्टेंट एप को लेकर अलर्ट जारी किया है। बैंक की तरफ से जारी सूचना में बताया गया है कि किसी भी तरह के अंजाने लिंक को क्लिक न करें। साथ ही तुरंत लोन देने वाले फर्जी एप्स से बचने की जरूरत है। बैंक से जुड़े लोगों का कहना है कि ग्राहकों के पास ऐसे मैसेज भेजे जा रहे हैं कि पांच मिनट में दो लाख रुपये का लोन पाएं। इस चक्कर में लोग इसके जाल में फंस जाते हैं।

ये बरतें सावधानियां

  • लोन लेने से पहले ऑफर, उसकी शर्तें और नियम की जानकारी ले लें।
  • किसी भी सस्पेक्टेड लिंक को क्लिक करने से बचें। उसे डाउनलोड करने से परहेज करें।
  • एप के बारे में भारतीय रिजर्व बैंक, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) के तहत रजिस्ट्रेशन को चेक करें।
  • एनबीएफसी और अन्य तरह की कंपनियों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। कंपनी के एप में लोकेशन और अन्य तरह की जानकारी मांगने पर रिजेक्ट कर दें।

यह है एप के जरिए लोन की प्रक्रिया

  • इंस्टेंट लोन लेने वाले सबसे पहले अपनी सभी जानकारियां फार्म में भरते हैं।
  • अपने मोबाइल नंबर के साथ-साथ फैमिली मेंबर्स का मोबाइल नंबर भी देना होता है।
  • एप डाउनलोड करने पर तीन महीने का बैंक स्टेटमेंट, पैन कार्ड और आधार कार्ड की कॉपी देनी होती है।
  • कुछ मिनट में प्रोसेस पूरी होने पर एक हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की रकम बैंक एकाउंट में ट्रांसफर होती है।
  • लोन अप्रुवल और प्रोसेसिंग फीस भी जमा कराई जाती है। लोन लेने पर जीएसटी भी मांगते हैं। इंस्टेंट लोन एप के एजेंट फोन कॉल से संपर्क में रहते हैं।

एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि कई जगह पर एप से जालसाजी के मामले संज्ञान में आए हैं। इस वजह से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। किसी के साथ जालसाजी होती है तो वह तुरंत सूचना दे। साइबर सेल ऐसी शिकायतों पर कार्रवाई करेगी, लेकिन पहले लोगों को खुद से सतर्क रहना होगा।

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