फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Cream is made from milk, whereas 'creme' may contain sugar, vegetable oil, and artificial flavors.

सेहत का खतरा: बिस्किट खरीदने से पहले पढ़ें..'क्रीम' लिखा है तो ठीक, 'क्रेमे' लिखा है तो हो जाएं सावधान

Sat, 25 Jul 2026 02:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो रंजीत साहनी, गोरखपुर
रंजीत साहनी, गोरखपुर Updated Sat, 25 Jul 2026 02:43 AM IST
सार

क्रेमे फिलिंग में आमतौर पर चीनी, वनस्पति तेल, परिष्कृत आटा, नमक, कृत्रिम स्वाद और विभिन्न प्रकार की वसा का इस्तेमाल किया जा सकता है। बाजार में कई नामी कंपनियों के बिस्किट भी क्रेमे फिलिंग के नाम से बिक रहे हैं। देखने में यह बिस्किट क्रीम वाले ही नजर आते हैं लेकिन दोनों के बीच अंतर समझना जरूरी है। 

विज्ञापन
Cream is made from milk, whereas 'creme' may contain sugar, vegetable oil, and artificial flavors.
क्रेमे फीलिंग में वनस्पति तेल का प्रयोग किया जाता है ( सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बाजार में बिकने वाले क्रीम बिस्किट को देखकर अक्सर लोग इसे दूध से बनी असली क्रीम वाला उत्पाद समझ लेते हैं लेकिन पैकेट पर लिखे एक शब्द से इसकी असलियत का पता चल सकता है। बिस्किट के पैकेट पर यदि क्रीम लिखा है तो इसका संबंध दूध से बनी क्रीम से होता है, जबकि क्रेमे लिखे होने पर यह जरूरी नहीं कि उसमें असली दूध की क्रीम मौजूद हो।

विज्ञापन


क्रेमे फिलिंग में आमतौर पर चीनी, वनस्पति तेल, परिष्कृत आटा, नमक, कृत्रिम स्वाद और विभिन्न प्रकार की वसा का इस्तेमाल किया जा सकता है। बाजार में कई नामी कंपनियों के बिस्किट भी क्रेमे फिलिंग के नाम से बिक रहे हैं। देखने में यह बिस्किट क्रीम वाले ही नजर आते हैं लेकिन दोनों के बीच अंतर समझना जरूरी है।
विज्ञापन


विशेषज्ञों के अनुसार, क्रेमे फिलिंग वाले उत्पादों में यदि हाइड्रोजनीकृत या आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत वनस्पति वसा का इस्तेमाल हुआ है तो उसमें हानिकारक वसा की मात्रा होने की आशंका रहती है। इसका अधिक सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्रीम और क्रेमे में अंतर समझिए
क्रीम : दूध से प्राप्त वसा से बनी होती है। इसमें दूध की क्रीम का इस्तेमाल होता है और यह डेयरी उत्पाद की श्रेणी में आता है।

क्रेमे : यह नाम अक्सर बिस्किट और अन्य भरावन वाले उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें चीनी, वनस्पति तेल, परिष्कृत आटा, कृत्रिम स्वाद और वसा का मिश्रण हो सकता है। इसमें असली दूध की क्रीम होना जरूरी नहीं है।

इन चीजों से तैयार फिलिंग स्वाद में मीठी और आकर्षक लगती है। इसमें पोषण की मात्रा कम और कैलोरी अधिक हो सकती है। ऐसे उत्पादों का लगातार और अधिक सेवन वजन, मोटापा और शरीर में वसा बढ़ने की समस्या को बढ़ा सकता है। यदि उत्पाद में हानिकारक वसा मौजूद है तो लंबे समय तक सेवन से हृदय के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

बोले चिकित्सक
ऐसे बिस्किट और अन्य पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का लगातार अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। इनमें चीनी और वसा की मात्रा अधिक होने से वजन बढ़ने और मोटापे की समस्या हो सकती है। हानिकारक वसा के अधिक सेवन शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है, जिससे आगे चलकर हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे उत्पादों का सेवन बच्चों को भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। मधुमेह, मोटापा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए: डॉ. बीके सुमन, फिजिशियन जिला अस्पताल


लोगों को खाद्य पदार्थ खरीदते समय जागरूक होने की जरूरत है। बाजार में बिक रहे सामान को पैकेट पर लिखी जानकारी देखकर ही खरीदें। असली और मिलावटी सामान से सावधान रहें। उपभोक्ताओं को केवल उत्पाद के नाम या आकर्षक पैकेजिंग देखकर सामान नहीं खरीदना चाहिए। बिस्किट खरीदने से पहले पैकेट पर लिखे क्रीम और क्रेमे के अंतर को समझें। केवल नाम देखकर नहीं बल्कि उसमें इस्तेमाल की गई सामग्री पढ़कर ही खरीदारी करें: डॉ.सुधीर सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed