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गोरखपुर : पटाखों के साथ बिकेंगे टेराकोटा के उत्पाद
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गोरखपुर : पटाखों के साथ बिकेंगे टेराकोटा के उत्पाद
गोरखपुर । एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल उत्पादों को बढ़ावा देने के क्रम में जिला प्रशासन पटाखों के साथ ही टेराकोटा उत्पादों की भी बिक्री करने की योजना बना रहा है। शहर में 12 स्थानों पर खाली मैदानों मेें पटाखे की दुकानें लगाने की अनुमति दी गई है। वहीं पर टेराकोटा उत्पाद के स्टॉल भी लगाने की तैयारी है। हर जगह दो से तीन स्टॉल लगाए जाएंगे।
टेराकोटा उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में उद्योग विभाग ने वर्चुअल फेयर का भी आयोजन किया था। इसमें 35 देशों से करीब एक हजार खरीदारों ने भाग लिया। स्थिति यह है कि जिले में ही यहां के उत्पादों की बिक्री के लिए सही प्लेटफार्म नहीं तैयार हो पा रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन की यह पहल दीवाली में टेराकोटा शिल्पकारों के परिवारों में रोशनी बिखेर सकता है।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने भी अपील की कि इस दीवाली में लोग स्थानीय स्तर पर बने टेराकोटा के उत्पादों को जरूर खरीदें। टेराकोटा उत्पादों की बिक्री के लिए पटाखों की अस्थायी दुकानों के साथ ही शहर के सार्वजनिक स्थानों पर स्थायी दुकान के लिए जगह दी जाएगी।
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गोरखपुर । एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल उत्पादों को बढ़ावा देने के क्रम में जिला प्रशासन पटाखों के साथ ही टेराकोटा उत्पादों की भी बिक्री करने की योजना बना रहा है। शहर में 12 स्थानों पर खाली मैदानों मेें पटाखे की दुकानें लगाने की अनुमति दी गई है। वहीं पर टेराकोटा उत्पाद के स्टॉल भी लगाने की तैयारी है। हर जगह दो से तीन स्टॉल लगाए जाएंगे।
टेराकोटा उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में उद्योग विभाग ने वर्चुअल फेयर का भी आयोजन किया था। इसमें 35 देशों से करीब एक हजार खरीदारों ने भाग लिया। स्थिति यह है कि जिले में ही यहां के उत्पादों की बिक्री के लिए सही प्लेटफार्म नहीं तैयार हो पा रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन की यह पहल दीवाली में टेराकोटा शिल्पकारों के परिवारों में रोशनी बिखेर सकता है।
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डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने भी अपील की कि इस दीवाली में लोग स्थानीय स्तर पर बने टेराकोटा के उत्पादों को जरूर खरीदें। टेराकोटा उत्पादों की बिक्री के लिए पटाखों की अस्थायी दुकानों के साथ ही शहर के सार्वजनिक स्थानों पर स्थायी दुकान के लिए जगह दी जाएगी।
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