{"_id":"5f2849088ebc3e63d25a6997","slug":"corona-virus-also-threatens-the-hip-gorakhpur-city-news-gkp3605254179","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना वायरस से कूल्हे को भी खतरा : डॉ. अमित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना वायरस से कूल्हे को भी खतरा : डॉ. अमित
विज्ञापन
कोरोना वायरस से कूल्हे को भी खतरा : डॉ. अमित
गोरखपुर। कोरोना से ग्रस्त मरीजों के कूल्हे से संबंधित बीमारियों के चपेट में आने का भी खतरा है। आमतौर पर पीड़ितों में मांसपेशियों में दर्द तथा जोड़ों में दर्द एक लक्षण के तौर पर सामने आ रहा है। यह समस्या सामान्य वायरल इंफेक्शन में भी मरीजों में होती है लेकिन कोरोना मरीजों में हाइपरकॉग्यूलेबिलिटी (खून की धमनियों में रक्त का थक्का जम जाना) मिलती है, इससे कूल्हों और घुटने के खराब होने की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है। इसकी वजह से कूल्हों में अवस्कुलर नेक्रोसिस जैसी बीमारी होने की आशंका प्रबल हो जाती है।
ये जानकारी अंश आर्थोपेडिक सेंटर के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित मिश्रा ने बोन एंड ज्वाइंट-डे के मौके पर सोमवार को दी। उन्होंने बताया कि कोरोना बीमारी के बीच बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। अवस्कुलर नेक्रोसिस बीमारी में लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की वजह से हड्डियों में कमजोरी और दर्द रह सकता है। इस बीमारी से हड्डियों में ऑस्टियोपोरोसिस की आशंका भी है, जो कूल्हे को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे बचने के लिए अधिक से अधिक व्यायाम करें और विटामिन-डी का सेवन करें। उन्होंने कहा कि युवा भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। कोरोना महामारी के खत्म होने के बाद कूल्हे और जोड़ों के दर्द के केस बढ़ेंगे। इसलिए अभी से सतर्क रहेंगे तो इससे काफी हद तक बचा जा सकता है।
विज्ञापन
गोरखपुर। कोरोना से ग्रस्त मरीजों के कूल्हे से संबंधित बीमारियों के चपेट में आने का भी खतरा है। आमतौर पर पीड़ितों में मांसपेशियों में दर्द तथा जोड़ों में दर्द एक लक्षण के तौर पर सामने आ रहा है। यह समस्या सामान्य वायरल इंफेक्शन में भी मरीजों में होती है लेकिन कोरोना मरीजों में हाइपरकॉग्यूलेबिलिटी (खून की धमनियों में रक्त का थक्का जम जाना) मिलती है, इससे कूल्हों और घुटने के खराब होने की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है। इसकी वजह से कूल्हों में अवस्कुलर नेक्रोसिस जैसी बीमारी होने की आशंका प्रबल हो जाती है।
ये जानकारी अंश आर्थोपेडिक सेंटर के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित मिश्रा ने बोन एंड ज्वाइंट-डे के मौके पर सोमवार को दी। उन्होंने बताया कि कोरोना बीमारी के बीच बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। अवस्कुलर नेक्रोसिस बीमारी में लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की वजह से हड्डियों में कमजोरी और दर्द रह सकता है। इस बीमारी से हड्डियों में ऑस्टियोपोरोसिस की आशंका भी है, जो कूल्हे को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे बचने के लिए अधिक से अधिक व्यायाम करें और विटामिन-डी का सेवन करें। उन्होंने कहा कि युवा भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। कोरोना महामारी के खत्म होने के बाद कूल्हे और जोड़ों के दर्द के केस बढ़ेंगे। इसलिए अभी से सतर्क रहेंगे तो इससे काफी हद तक बचा जा सकता है।
विज्ञापन