{"_id":"60e1857f8ebc3ec2005c5399","slug":"corona-vaccine-people-going-abroad-upset-due-to-co-vaccine-not-being-valid-in-many-countries","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चिंता: कोवैक्सीन से बढ़ी विदेश जाने वालों की मुसीबत, कई देशों में मान्य न होने की वजह से परेशान हो रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिंता: कोवैक्सीन से बढ़ी विदेश जाने वालों की मुसीबत, कई देशों में मान्य न होने की वजह से परेशान हो रहे लोग
Sun, 04 Jul 2021 03:25 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 04 Jul 2021 03:25 PM IST
सार
विभाग के पास रोज तीन से चार लोग इस तरह की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
कोविड टीकाकरण अभियान के बीच विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे ऐसे लोग जिन्होंने कोवैक्सीन लगवाई है, की मुसीबत बढ़ गई है। कारण, कई देशों ने अभी कोवैक्सीन को मान्यता नहीं दी है। ऐसे में विभाग के पास रोज तीन से चार लोग इस तरह की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। लेकिन विभाग फिलहाल समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है।
केस-एक
साहबगंज के मुजीब ने 15 जून को जिला अस्पताल के संक्रामक रोग विभाग में कोवैक्सीन की पहली डोज लगवाई। 28 दिन बाद 13 जुलाई को उन्हें दूसरी डोज लगनी है। लेकिन इस बीच सऊदी से उनका वीजा आ गया। इसमें कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद आने की बात कही गई है। अब मुजीब परेशान हैं।
केस-दो
राजेंद्र नगर के राकेश सिंह कतर में प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। पिछले महीने उन्होंने कोवैक्सीन का टीका लगवाया। इस बीच कंपनी से कॉल आई और टीके की दोनों डोज लगवाकर आने के लिए कहा गया। बताया गया कि कोवैक्सीन कतर में मान्य नहीं है। ऐसे में कोविशील्ड लगवाकर आएं। अब वह परेशान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
केस-एक
साहबगंज के मुजीब ने 15 जून को जिला अस्पताल के संक्रामक रोग विभाग में कोवैक्सीन की पहली डोज लगवाई। 28 दिन बाद 13 जुलाई को उन्हें दूसरी डोज लगनी है। लेकिन इस बीच सऊदी से उनका वीजा आ गया। इसमें कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद आने की बात कही गई है। अब मुजीब परेशान हैं।
विज्ञापन
केस-दो
राजेंद्र नगर के राकेश सिंह कतर में प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। पिछले महीने उन्होंने कोवैक्सीन का टीका लगवाया। इस बीच कंपनी से कॉल आई और टीके की दोनों डोज लगवाकर आने के लिए कहा गया। बताया गया कि कोवैक्सीन कतर में मान्य नहीं है। ऐसे में कोविशील्ड लगवाकर आएं। अब वह परेशान हैं।
विज्ञापन
कॉकटेल डोज लगाने की नहीं है अनुमति
विदेश जाने वाले लोग अब कोविशील्ड लगाने की मांग कर रहे हैं। जबकि विभाग को कॉकटेल डोज लगाने की अनुमति नहीं है। न ही इस पर अभी कोई गाइडलाइन आई है। आरएमआरसी कॉकटेल डोज पर शोध कर रहा है। इसमें एक साल का समय लगेगा। बता दें, सिद्धार्थनगर के औदही कला में 20 लोगों को पहली डोज कोविशील्ड की लगाई गई जबकि दूसरी डोज कोवैक्सीन की लगी है।
गल्फ कंट्री में कोवैक्सीन नहीं है मान्य
गल्फ कंट्री में अभी कोवैक्सीन को मान्यता नहीं दी गई है। इनमें सऊदी अरब, कतर, दुबई, ईरान, ईराक, कुवैत आदि देश शामिल हैं। इन देशों ने कोविशील्ड वैक्सीन को मान्यता दी है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि विदेश जाने की तैयारी कर चुके लोग वैक्सीन की समस्या लेकर आ रहे हैं। इसकी जानकारी शासन को दी गई है। गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है।
गल्फ कंट्री में कोवैक्सीन नहीं है मान्य
गल्फ कंट्री में अभी कोवैक्सीन को मान्यता नहीं दी गई है। इनमें सऊदी अरब, कतर, दुबई, ईरान, ईराक, कुवैत आदि देश शामिल हैं। इन देशों ने कोविशील्ड वैक्सीन को मान्यता दी है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि विदेश जाने की तैयारी कर चुके लोग वैक्सीन की समस्या लेकर आ रहे हैं। इसकी जानकारी शासन को दी गई है। गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है।