{"_id":"61c0238cbfc99d725552fe80","slug":"corona-third-wave-alert-no-one-will-die-due-to-shortage-of-oxygen-in-gorakhpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"तीसरी लहर से पहले सतर्कता: ऑक्सीजन की कमी से नहीं जाएगी जान, गोरखपुर में 15 प्लांट तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीसरी लहर से पहले सतर्कता: ऑक्सीजन की कमी से नहीं जाएगी जान, गोरखपुर में 15 प्लांट तैयार
Mon, 20 Dec 2021 12:03 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 20 Dec 2021 12:03 PM IST
सार
गोरखपुर एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज समेत कई स्वास्थ्य केंद्रों पर प्लांट लगे हैं। यहां पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन देने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
कोरोना की संभावित तीसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से किसी की जान नहीं जाएगी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बीआरडी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, रेलवे अस्पताल, महिला अस्पताल समेत कई स्वास्थ्य केंद्रों पर 17 ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। इनमें से 15 प्लांट तैयार हो गए हैं। सिर्फ दो पर काम चल रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत से पूरे जिले में हाहाकर मच गया था। 45 दिनों के अंदर स्थिति ऐसी हो गई थी कि लोगों को एक-एक सिलिंडर के लिए परेशान होना पड़ा था। इसे देखते हुए शासन ने अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद से एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, रेलवे अस्पताल, होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज बड़हलगंज समेत कई स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 17 ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। इनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरौली और सहजनवां को छोड़कर सभी जगहों पर ऑक्सीजन की सप्लाई भी शुरू कर दी गई है। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, एम्स में तो मरीजों को पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन देने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
सीएमओ डॉ. आशुतोष दूबे ने बताया कि इन केंद्रों पर प्लांट लगाने वाली कंपनियों ने ऑक्सीजन की जांच कराई है, जो पूरी तरह से ठीक पाया गया है। इसके बाद से ऑक्सीजन का उपयोग शुरू कर दिया गया है। प्लांट को पाइपलाइन से जोड़ दिया गया है। अस्पतालों में बेड पर ऑक्सीजन प्वाइंट बनाते हुए मरीजों को सुविधाएं देनी शुरू कर दी गई है। इसके बाद से ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत अब नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत से पूरे जिले में हाहाकर मच गया था। 45 दिनों के अंदर स्थिति ऐसी हो गई थी कि लोगों को एक-एक सिलिंडर के लिए परेशान होना पड़ा था। इसे देखते हुए शासन ने अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद से एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, रेलवे अस्पताल, होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज बड़हलगंज समेत कई स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 17 ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। इनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरौली और सहजनवां को छोड़कर सभी जगहों पर ऑक्सीजन की सप्लाई भी शुरू कर दी गई है। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, एम्स में तो मरीजों को पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन देने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. आशुतोष दूबे ने बताया कि इन केंद्रों पर प्लांट लगाने वाली कंपनियों ने ऑक्सीजन की जांच कराई है, जो पूरी तरह से ठीक पाया गया है। इसके बाद से ऑक्सीजन का उपयोग शुरू कर दिया गया है। प्लांट को पाइपलाइन से जोड़ दिया गया है। अस्पतालों में बेड पर ऑक्सीजन प्वाइंट बनाते हुए मरीजों को सुविधाएं देनी शुरू कर दी गई है। इसके बाद से ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत अब नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन
इन स्थानों पर तैयार हो गए ऑक्सीजन प्लांट
| अस्पताल | एलएमपी (लीटर प्रति मिनट) | बेड |
| बीआरडी मेडिकल कॉलेज | 1000 | 1000 |
| जिला अस्पताल | 1960 | 305 |
| महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय | 600 | 200 |
| चौरीचौरा सीएचसी | 500 | 50 |
| टीबी अस्पताल | 400 | 100 |
| कैंपियरगंज सीएचसी | 300 | 60 |
| हरनही सीएचसी | 300 | 50 |
| एम्स | 400 | 100 |
| होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज बड़हलगंज | 300 | 100 |
| सहजनवां सीएचसी | 333 | 30 |
| चरगांवा सीएचसी | 250 | 30 |
| पिपरौली सीएचसी | 333 | 30 |
| महिला अस्पताल | 1000 | 200 |
| बासगांव सीएचसी | 160 | 30 |
सीएमओ डॉ. आशुतोष दूबे ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले 15 ऑक्सीजन प्लांट तैयार हो चुके हैं। दो प्लांटों पर काम चल रहा है। एक सप्ताह के अंदर वह भी क्रियाशील हो जाएंगे। ऑक्सीजन की कमी से किसी भी मरीज की जान नहीं जाएगी। सभी तैयारियों पूरी कर ली गई हैं।