यहां चार घंटे में पता लग जाएगा कोरोना है भी या नहीं, इसके बदले चुकानी होगी ये कीमत
- गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय और लाइफ डायग्नोस्टिक सेंटर को मिली जांच की मंजूरी
- खुद की ट्रूनेट मशीन से रोजाना सौ नमूनों की जांच करेंगे
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर के दो निजी लैब कोरोना जांच की रिपोर्ट चार घंटे में देंगे। दोनों की क्षमता रोजाना सौ नमूनों की जांच करने की है। खास बात यह है कि निजी लैब खुद की ट्रूनेट मशीन से जांच करेंगे। इसके लिए मरीज को 2500 रुपये खर्च करने होंगे।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोरोना की जांच के लिए गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय और बेतियाहाता स्थित लाइफ डायग्नोस्टिक सेंटर को मंजूरी दी गई है। तीन दिन पूर्व विभाग ने तिलक पैथालॉजी को भी ट्रूनेट मशीन से जांच की सुविधा दी है।
जिले में ही करेंगे जांच
कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों के बीच शासन अब जांच की गति और बढ़ाना चाह रहा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में माइक्रोबायोलॉजी और आरएमआरसी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लेकिन इन दोनों सेंटरों पर आठ जिलों का जिम्मा है। इसकी वजह से रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन का समय लग जा रहा है।
गुरुग्राम, नोएडा भेजते थे नमूने
दूसरी ओर निजी अस्पतालों को ओपीडी की अनुमति भी दी गई है। ऐसे में लोग वहां इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने शहर के दो निजी लैब को जांच की मंजूरी दी है। यह लैब नमूना लेकर जिले में ही जांच करेंगे और चार घंटे के अंदर रिपोर्ट भी दे देंगे।
इससे पूर्व चार निजी सेंटरों को जांच की अनुमति दी गई थी। यह नमूने लेकर जांच के लिए गुरुग्राम और नोएडा भेजते थे। इनकी रिपोर्ट आने में 48 से 72 घंटे तक का समय लग जाता है। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि दो निजी लैब खुद के ट्रूनेट मशीन से जांच करेंगे। तीन दिन पूर्व शहर के एक और लैब को ट्रूनेट मशीन से जांच की सुविधा दी गई है। यह लोग पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर तत्काल जानकारी भी देंगे।