हॉटस्पॉट एरिया में तैनात कर्मियों की होगी कोरोना जांच, इस विभाग के लोगों का लिया जाएगा नमूना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना महामारी में दूसरे की निगरानी करने वाले लोगों की कोरोना जांच होगी। हॉटस्पॉट इलाके में काम करने वाले पुलिस कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों सहित निगरानी समिति से जुड़ी आशा, एनएनम और आंगनबाड़ी वर्कर का चयन इसके लिए किया गया है। रविवार से इन कर्मियों के नमूने लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जिले में कोरोना के अब तक 165 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 80 फीसदी प्रवासी है। बताया जाता है कि करीब 90 हजार से अधिक प्रवासी गैर प्रांतों से लौटे हैं। इनकी निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की 126 टीमें लगी हुई है।
इनमें करीब 4200 कर्मचारी अपनी सेवा दे रहे हैं। इन कर्मियों में आशा कार्यकत्री, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्री व डब्ल्यूएचओ की टीम शामिल है। इसके अलावा गांव में निगरानी समिति बनी है। इसमें प्रधान व सचिव शामिल है।
जबकि हॉटस्पॉट एरिया में पुलिस कर्मियों की तैनाती है। इन कर्मियों की जांच का फैसला शासन की ओर से लिया गया है। इनकी पूल टेस्टिंग होगी। रविवार से इसकी शुरुआत भी हो गई है। रोजाना 100 सैंपल अलग-अलग क्षेत्रों से लिए जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पांच टीमें बना रखी है।
जिला अस्पताल में लिए गए 40 नमूने
फ्रंट लाइन कर्मचारियों की पूल टेस्टिंग रविवार से शुरु हो गई। पहले दिन जिला अस्पताल में 40 लोगों के नमूने लिए गए हैं। इसके अलावा 100 बेड टीबी अस्पताल व गीडा डेंटल कॉलेज में बने क्वारंटीन सेंटर से भी नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों की जांच पूल टेस्टिंग के जरिए बीआरडी में होगी।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि शासन के निर्देश मिलने के बाद फ्रंट लाइन पर तैनात कर्मचारियों का कोरोना जांच का फैसला लिया गया है। इसके तहत नमूने लेने शुरू कर दिए गए है। पूल टेस्टिंग के जरिए सब की जांच होगी।