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बीआरडी मेडिकल कॉलेज: कोरोना गया नहीं, आउटसोर्सिंग लैब टेक्नीशियनों की विदाई की तैयारी
Sun, 24 Oct 2021 01:03 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 24 Oct 2021 01:03 PM IST
सार
लैब टेक्नीशियनों की 25 अक्तूबर को सेवा समाप्त हो रही है। वहीं बीआरडी में प्रतिदिन पांच हजार कोरोना जांचें होनी हैं। ऐसे में 25 लैब टेक्नीशियन को हटाने के बाद माइक्रोबायोलॉजी में बचे सभी कर्मचारी मिलकर भी लक्ष्य हासिल नहीं कर सकेंगे।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग के जरिए तैनात 22 लैब टेक्नीशियनों को 25 अक्टूबर को कार्यमुक्त किया जा रहा है, इससे कोरोना जांच पर बुरा असर पड़ना तय है। शासन ने त्योहार के दिनों में प्रतिदिन पांच हजार जांच करने का फरमान भेज दिया है, मगर इसे करेगा कौन, यह एक बार भी नहीं सोचा। इन 25 लैब टेक्नीशियन को हटाने के बाद माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कुल जितने कर्मचारी बचेंगे, वे सब मिलकर भी पांच हजार जांच करने का लक्ष्य हासिल नहीं कर सकते।
लैब टेक्नीशियन कहते हैं कि ये हमारी रोजी-रोटी से जुड़ा सवाल जरूर है, मगर इस वक्त यह देशहित से जुड़ा मसला भी है। कोरोना जांचें ठीक से नहीं हुईं और सीएम के जिले में ही कोरोना फैल गया तो आखिर कौन जवाब देगा? लैब टेक्नीशियनों का कहना है कि आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपने यहां के आउटसोर्सिंग कर्मियों को फिर से नियुक्ति देने के लिए शासन को पत्र लिखा है। ऐसे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी शासन को पत्र लिखकर नियुक्ति की मांग कर सकता है। इसे लेकर शनिवार को लैब टेक्नीशियनों ने प्राचार्य से मुलाकात करनी भी चाही, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
जानकारी के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर में जब संक्रमितों की संख्या बढ़ी तो जांच का दायरा भी बढ़ा दिया गया। जांच का दायरा बढ़ा तो बीआरडी ने नए लैब टेक्नीशियनों की तलाश शुरू की। इस बीच 26 अप्रैल 2021 को 22 लैब टेक्नीशियनों की नियुक्ति आउसोर्सिंग के जरिए की गई। इन सबके बीच कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम हुई तो अब इन्हें निकालने की तैयारी चल रही है। 25 अक्तूबर को इनकी सेवा समाप्त हो रही है। इनकी सेवा समाप्ति के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कोविड जांच भी प्रभावित होगी।
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इनकी सेवा समाप्ति के बाद माइक्रोबायोलॉजी विभाग के पास केवल 12 कर्मचारी बचेंगे, जो तीन शिफ्टों में जांच करेंगे। बावजूद इसके सब मिलकर भी रोज पांच हजार जांच नहीं कर पाएंगे। विभाग के पास कंप्यूटर ऑपरेटर तक भी नहीं बचेंगे। ऐसे में जांच के बाद रिपोर्ट को पोर्टल पर अपलोड करने में भी परेशानी आएगी। सूत्रों के अनुसार प्राचार्य को संबंधित विभाग ने करीब एक माह पूर्व ही इसे लेकर पत्राचार कर दिया था कि इनकी सेवा बढ़ा दी जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो जांच प्रभावित होगी।
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लैब टेक्नीशियन कहते हैं कि ये हमारी रोजी-रोटी से जुड़ा सवाल जरूर है, मगर इस वक्त यह देशहित से जुड़ा मसला भी है। कोरोना जांचें ठीक से नहीं हुईं और सीएम के जिले में ही कोरोना फैल गया तो आखिर कौन जवाब देगा? लैब टेक्नीशियनों का कहना है कि आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपने यहां के आउटसोर्सिंग कर्मियों को फिर से नियुक्ति देने के लिए शासन को पत्र लिखा है। ऐसे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी शासन को पत्र लिखकर नियुक्ति की मांग कर सकता है। इसे लेकर शनिवार को लैब टेक्नीशियनों ने प्राचार्य से मुलाकात करनी भी चाही, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
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जानकारी के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर में जब संक्रमितों की संख्या बढ़ी तो जांच का दायरा भी बढ़ा दिया गया। जांच का दायरा बढ़ा तो बीआरडी ने नए लैब टेक्नीशियनों की तलाश शुरू की। इस बीच 26 अप्रैल 2021 को 22 लैब टेक्नीशियनों की नियुक्ति आउसोर्सिंग के जरिए की गई। इन सबके बीच कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम हुई तो अब इन्हें निकालने की तैयारी चल रही है। 25 अक्तूबर को इनकी सेवा समाप्त हो रही है। इनकी सेवा समाप्ति के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कोविड जांच भी प्रभावित होगी।
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इनकी सेवा समाप्ति के बाद माइक्रोबायोलॉजी विभाग के पास केवल 12 कर्मचारी बचेंगे, जो तीन शिफ्टों में जांच करेंगे। बावजूद इसके सब मिलकर भी रोज पांच हजार जांच नहीं कर पाएंगे। विभाग के पास कंप्यूटर ऑपरेटर तक भी नहीं बचेंगे। ऐसे में जांच के बाद रिपोर्ट को पोर्टल पर अपलोड करने में भी परेशानी आएगी। सूत्रों के अनुसार प्राचार्य को संबंधित विभाग ने करीब एक माह पूर्व ही इसे लेकर पत्राचार कर दिया था कि इनकी सेवा बढ़ा दी जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो जांच प्रभावित होगी।
चीन में बढ़ रहा है कोरोना संक्रमण
जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार भले ही कम हो गई है, लेकिन अभी पूरी दुनिया से कोरोना खत्म नहीं हुआ है। चीन और यूनाइटेड किंगडम में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज हो गई है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण के बढ़ने का कोई समय निर्धारित नहीं है। ऐसी स्थिति में अगर लैब टेक्नीशियन हटा दिए जाते हैं तो परेशानी बढ़ सकती है।
त्योहार में जांच पर विशेष निगाह
दिवाली, छठ का त्योहार आने वाला है। ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में लोग मुंबई, केरल, तमिलनाडु जैसे राज्यों से गोरखपुर आते हैं। इसे देखते हुए त्योहार में जांच बढ़ाने के निर्देश शासन की ओर से मिले हैं। शासन ने प्रतिदिन पांच हजार जांच के निर्देश भी दिए हैं। लेकिन लैब टेक्नीशियन हट जाते हैं तो यह जांच हर हाल में प्रभावित होगी।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि शासन ने लैब टेक्नीशियनों को तीन माह के लिए रखा था। 25 अक्तूबर को इनकी सेवा समाप्त हो रही है। शासन को पत्र लिखा जाएगा। शासन से जो भी निर्देश मिलेगा उसका पालन किया जाएगा।
त्योहार में जांच पर विशेष निगाह
दिवाली, छठ का त्योहार आने वाला है। ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में लोग मुंबई, केरल, तमिलनाडु जैसे राज्यों से गोरखपुर आते हैं। इसे देखते हुए त्योहार में जांच बढ़ाने के निर्देश शासन की ओर से मिले हैं। शासन ने प्रतिदिन पांच हजार जांच के निर्देश भी दिए हैं। लेकिन लैब टेक्नीशियन हट जाते हैं तो यह जांच हर हाल में प्रभावित होगी।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि शासन ने लैब टेक्नीशियनों को तीन माह के लिए रखा था। 25 अक्तूबर को इनकी सेवा समाप्त हो रही है। शासन को पत्र लिखा जाएगा। शासन से जो भी निर्देश मिलेगा उसका पालन किया जाएगा।