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तैयारी: शासन ने तय की संक्रमित बच्चों के लिए दवाओं की खुराक, डॉक्टरों से सलाह के बाद ही करें इस्तेमाल

Fri, 14 Jan 2022 11:01 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 14 Jan 2022 11:01 AM IST
सार

स्वास्थ्य विभाग निर्धारित दवाओं की किट बनाएगा। दवाओं का वितरण ग्राम प्रधान, आशा, आंगनबाड़ी और निगरानी समितियों के माध्यम से होगा। वहीं कोरोना पॉजिटिव या संक्रमितों के संपर्क में आने पर ही दवाएं दी जानी है।

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Corona in UP Government fixed dosage of medicines for corona infected children
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने का सिलसिला शुरू हो गया है। रोजाना लगभग एक दर्जन से अधिक मासूम कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। इसे देखते हुए शासन ने अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों के लिए दवाएं तय की हैं।

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सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि बच्चों के लिए शासन ने दवाएं और उनके डोज तय कर दिए हैं। कोरोना संक्रमित होने या फिर संक्रमित के संपर्क में आने पर डॉक्टरों की सलाह पर बच्चों को ये दवाएं दी जानी हैं।
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डॉ. आशुतोष ने बताया कि शासन की ओर से जो दवाएं निर्धारित की गई हैं। उनकी किट भी बनाई जाएगी। इस किट को ग्राम प्रधान, आशा, आंगनबाड़ी और निगरानी समितियों के माध्यम से मरीजों और उनके संपर्क में आने वाले लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा।

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एक वर्ष से कम आयु के बच्चों में कोरोना के लक्षण

बुखार, खांसी, जुकाम, लगातार रोना, दूध का पीना बंद कर देना, दस्त लगना, पसली चलना, निढाल या सुस्त पड़ जाना।

0 से दो माह के शिशुओं के लिए दवाएं

पैरासिटामॉल ड्रॉप (0.5 एमएल) दिन में तीन बार, ओआरएस-दस्त होने की स्थिति में (एक लीटर पानी को उबाल कर ठंडा करें। इसके बाद एक लीटर पानी में पूरा पैकेट घोल कर दस्त होने पर थोड़ा-थोड़ा दें।)

तीन से छह माह के शिशुओं के लिए दवाएं

पैरासिटामॉल ड्रॉप (एक एमएल) दिन में तीन बार

सात से 12 माह के शिशुओं के लिए दवाएं

पैरासिटामॉल ड्रॉप (एक एमएल) दिन में चार बार। मल्टी विटामिन ड्रॉप (0.5 मिली) सात दिन तक दी जानी है।
नोट: यह दवाएं बुखार आने की स्थिति में ही देनी है। खाली पेट दवा न दें।

एक से पांच वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में कोरोना के लक्षण

बुखार, खांसी, जुकाम, लगातार रोना, दूध का पीना बंद कर देना, दस्त लगना, पसली चलना, निढाल या सुस्त पड़ जाना।

एक से दो वर्ष आयु के बच्चों के लिए दवाएं

पैरासिटामॉल सीरप (पांच एमएल) दिन में चार बार, छह घंटे के अंतराल पर। मल्टी विटामिन सीरप (2.5 मिली) दिन में एक बार रात को। ओआरएस- दस्त होने पर पिलाते रहे।

दो से तीन वर्ष के बच्चों के लिए दवाएं

पैरासिटामॉल सीरप (10 एमएल) दिन में तीन बार आठ घंटे के अंतराल पर। मल्टीविटामिन (2.5 मिली) दिन में दो बार। सात दिन तक दवा दी जानी है।  

तीन से पांच वर्ष के बच्चों के लिए दवाएं

पैरासिटामॉल सीरप (10 एमएल) दिन में चार बार छह घंटे के अंतराल पर। मल्टीविटामिन सीरप ( 2.5 मिली) दिन में दो बार- सात दिन तक दवा दी जानी है।

छह से 12 वर्ष के बच्चों में लक्षण

बुखार, खांसी, जुकाम, खाना-पीना बंद कर देना, बुखार के साथ दस्त लगना, पसली चलना, सुस्त पड़ जाना।
छह से 12 वर्ष के बच्चों के लिए दवाएं
पैरासिटामॉल टेबलेट (500 एमजी)- आधी गोली दिन में तीन बार आठ घंटे के अंतराल पर। बुखार आने यह दवा दी जाएगी।
मल्टीविटामिन टेबलेट- एक गोली दिन में एक बार रात को सोते वक्त- सात दिन यह दवा दी जानी है।
आइवरमेक्टिन टेबलेट- एक गोली दिन में एक बार रात को खाना खाने के बाद- तीन दिन तक यह दवा दी जानी है।
ओआरएस-  दस्त होने पर देना है।
 

12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में लक्षण

बुखार, खांसी, जुकाम, थकावट, सिर अथवा बदन में दर्द, स्वाद अथवा गंध का पता न चल पाना, बुखार के साथ दस्त, बुखार के साथ त्वचा पर चकत्ते।

12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए

पैरासिटामॉल टेबलेट- 650 एमजी अथवा 500 एमजी की एक टेबलेट दिन में तीन बार, पांच दिन तक।  आइवरमेक्टिन- 12 एमजी की एक गोली दिन में एक बार रात में भोजन के बाद, पांच दिन तक।  
एजिथ्रोमायसिन- 500 एमजी दिन में एक बार, पांच दिन तक ।
विटामिन-सी- 500 एमजी एक गोली दिन में एक बार, सात दिन तक।
विटामिन-बी कांपलेक्स- एक टेबलेट, सात दिन तक।
विटामिन- डी थ्री- 60 हजार यूनिट हर सप्ताह में एक बार दूध अथवा पानी के साथ। तीन सप्ताह तक।
 

खतरे के लक्षण

लगातार कई दिनों तक 101 डिग्री से अधिक का बुखार।
सांस फूलना, सांस लेने में परेशानी।
पल्स ऑक्सीमीटर से नापने पर ऑक्सीजन का स्तर 94 प्रतिशत से कम आना।
भ्रम की स्थिति  
 
नोट: लक्षण होने पर या फिर कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर ही ये दवाएं दी जानी है। दवाएं डॉक्टरों के सलाह पर ही लें।

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