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Corona Alert: किसी प्रकार का बुखार हो, सीएचसी-पीएचसी पर ही कराएं इलाज

Fri, 19 Jun 2020 05:21 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 19 Jun 2020 05:21 PM IST
सार

  • जिले में शासन की गाइड लाइन के अनुसार ओपीडी सेवाएं भी शुरू हो चुकी हैं
  • कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए और भी एहतियात बरतने की आवश्यकता

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Corona Alert any kind of fever get treatment on CHC PHC only in Gorakhpur
कोरोना वायरस। - फोटो : पीटीआई

विस्तार

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने जनमानस से अपील की है कि सर्दी, खांसी, जुखाम, बुखार सहित किसी भी प्रकार की बीमारी का लक्षण परिलक्षित होने पर सरकारी अस्पतालों का ही रूख करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि जब सरकारी अस्पतालों में महज 1 रुपये की पर्ची पर इलाज शुरू हो गया तो किसी को भी अपने मन से दवा लेने या फिर किसी झोलाछाप के पास जाने की कोई आवश्यकता नहीं है।

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लोगों को चाहिए कि वह सीएचसी-पीएचसी पर ही चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करें। कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए इस मामले में और भी एहतियात बरतने की आवश्यकता है। जिले में शासन की गाइडलाइन के अनुसार ओपीडी सेवाएं भी शुरू हो चुकी हैं लिहाजा प्रशिक्षित चिकित्सकों की सेवाएं सर्व सुलभ हैं।
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मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा है कि अगर किसी भी अप्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा इलाज का मामला संज्ञान में आता है तो कड़ी कार्यवाही की जाएगी। कोविड-19 संक्रमण के मामले में अगर अप्रशिक्षित व्यक्ति के पास कोई इलाज करवाता है तो उसे भी संक्रमण के प्रसार का दोषी माना जाएगा।
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लोगों को चाहिए कि अपने इस व्यवहार में बदलाव लाएं। उन्होंने बताया कि सभी सीएचसी-पीएचसी को निर्देशित किया गया है कि वह फैसिलिटी स्तर पर ही कोविड हेल्प डेस्क बनावें। यह डेस्क कोविड-19 के मरीजों की स्क्रीनिंग और इलाज में मददगार होगा।

 

ऐसे काम करेगा हेल्प डेस्क

उन्होंने कहा कि मानसून की शुरूआत के साथ ही इंसेफेलाइटिस, कालाजार, डेंगू जैसी बीमारियों की भी दस्तक होने लगती है। इन सभी बीमारियों के इलाज में समय का काफी महत्व है। अगर समय रहते मरीज को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचा दिया जाए तो इलाज मिल जाएगा और कोई बुरा परिणाम सामने नहीं आएगा। हालात तभी बिगड़ते हैं जब व्यक्त बुखार की दवा अपने आप लेने लगता है या किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति के चक्कर में पड़ जाता है। जनसहयोग के बिना यह व्यवहार परिवर्तन संभव नहीं है।

उत्तर प्रदेश सरकार में सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने पत्र भेज कर हेल्प डेस्क संचालन का दिशा-निर्देश दिया है। पत्र के अनुसार सीएचसी-पीएचसी के ओपीडी क्षेत्र में हेल्प डेस्क की स्थापना की जानी है। इस डेस्क पर इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स आक्सीमीटर के साथ पैरामेडिकल स्टॉफ तैनात किये जाएंगे। हेल्प डेस्क पर बोर्ड लगा कर फ्लू और बुखार के रोगियों की पृथक स्क्रीनिंग की जाएगी। इस सुविधा से सभी को सुगम उपचार मिल सकेगा।

सीएचसी-पीएचसी पर ओपीडी के नियम
  • मरीज की इंफ्रारेड थर्मामीटर से स्क्रीनिंग।
  • एक रोगी के साथ मात्र एक तीमारदार की अनुमति।
  • रोगी और तीमारदार के लिए मॉस्क अनिवार्य।
  • जुखाम, खांसी, बुखार और सांस में तकलीफ वालों की पृथक जांच होगी।
  • पंजीकरण काउंटर वाले व्यक्ति को ग्लब्स व मॉस्क पहनना अनिवार्य।
  • ज्यादा ओपीडी होने पर एक से अधिक पंजीकरण काउंटर और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन होगा।
  • बीपी, शुगर के मरीजों को एक बार में एक माह की दवा देनी होगी।
  • ओपीडी के बाहर भी फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य।
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