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तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी: 70 लैब टेक्नीशियन फिर करेंगे कोरोना की जांच, मेडिकल कॉलेज से भी मांगे गए प्रस्ताव
Wed, 21 Jul 2021 11:46 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 21 Jul 2021 11:46 AM IST
सार
कार्यकाल बढ़ाने के लिए विभाग ने शासन को भेजा प्रस्ताव। जून में इन लैब टेक्नीशियन को हटा दिया गया था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर गोरखपुर में 70 लैब टेक्नीशियन से कोरोना की जांच फिर से कराने का फैसला स्वास्थ्य विभाग ने लिया है। इनका कार्यकाल बढ़ाने संबंधी पत्र सीएमओ ने शासन को भेज दिया है। इसमें शासन से जल्द इजाजत देने के लिए आग्रह किया गया, ताकि अगस्त से सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना की जांच शुरू की जा सके। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने आशंका व्यक्त की है कि कोरोना की तीसरी संभावित लहर अगस्त-सितंबर में आ सकती है।
इस लहर को विशेषज्ञों ने बच्चों के लिहाज से खतरनाक बताया है, क्योंकि अब तक बच्चों के लिए कोई टीका नहीं आया है। ऐसे में विभाग पहले से ही बच्चों को दवाओं की किट बांटना शुरू कर चुका है। इसी वर्ष अप्रैल में जब कोरोना के केस बढ़ने लगे तो स्वास्थ्य विभाग ने 70 लैब टेक्नीशियनों की नियुक्ति तीन माह के लिए कर दी। जून में इनका कार्यकाल खत्म हो गया।
इस बीच आईसीएमआर और आईएमए ने तीसरी लहर की आशंका जताई है। इसपर शासन ने फिर से विभाग से कर्मियों के संबंध में पूरी जानकारी मांगी है। विभाग ने इन लैब टेक्नीशियनों का कार्यकाल बढ़ाने संबंधी पत्र व सभी का ब्योरा शासन को भेजा है।
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सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि शासन को पत्र भेज दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगस्त माह से इन लैब टेक्नीशियनों का कार्यकाल बढ़ जाएगा।
इसके बाद से अगस्त से सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना की जांच भी शुरू कर दी जाएपी। अभी गिने-चुने बूथों पर ही कोविड की जांच हो रही है। इसके अलावा जिला अस्पताल के पास बने बूथ पर चार शिफ्टों में 24 घंटे संक्रमितों की जांच की जा रही है।
मेडिकल कॉलेज से भी मांगे गए प्रस्ताव
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि तीसरी लहर से पहले शासन ने किट से लेकर अन्य सामग्रियों के प्रस्ताव मांगे हैं। इनमें किट की उपलब्धता, केमिकल, मशीनें आदि शामिल हैं। इसे एक से दो दिनों के अंदर शासन को भेज दिया जाएगा जिससे अगस्त के पहले सप्ताह तक सभी सामान मिल जाए।
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इस लहर को विशेषज्ञों ने बच्चों के लिहाज से खतरनाक बताया है, क्योंकि अब तक बच्चों के लिए कोई टीका नहीं आया है। ऐसे में विभाग पहले से ही बच्चों को दवाओं की किट बांटना शुरू कर चुका है। इसी वर्ष अप्रैल में जब कोरोना के केस बढ़ने लगे तो स्वास्थ्य विभाग ने 70 लैब टेक्नीशियनों की नियुक्ति तीन माह के लिए कर दी। जून में इनका कार्यकाल खत्म हो गया।
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इस बीच आईसीएमआर और आईएमए ने तीसरी लहर की आशंका जताई है। इसपर शासन ने फिर से विभाग से कर्मियों के संबंध में पूरी जानकारी मांगी है। विभाग ने इन लैब टेक्नीशियनों का कार्यकाल बढ़ाने संबंधी पत्र व सभी का ब्योरा शासन को भेजा है।
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सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि शासन को पत्र भेज दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगस्त माह से इन लैब टेक्नीशियनों का कार्यकाल बढ़ जाएगा।
इसके बाद से अगस्त से सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना की जांच भी शुरू कर दी जाएपी। अभी गिने-चुने बूथों पर ही कोविड की जांच हो रही है। इसके अलावा जिला अस्पताल के पास बने बूथ पर चार शिफ्टों में 24 घंटे संक्रमितों की जांच की जा रही है।
मेडिकल कॉलेज से भी मांगे गए प्रस्ताव
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि तीसरी लहर से पहले शासन ने किट से लेकर अन्य सामग्रियों के प्रस्ताव मांगे हैं। इनमें किट की उपलब्धता, केमिकल, मशीनें आदि शामिल हैं। इसे एक से दो दिनों के अंदर शासन को भेज दिया जाएगा जिससे अगस्त के पहले सप्ताह तक सभी सामान मिल जाए।