GDA ने की कार्रवाई: पहले मैरिज हाल कराया बंद, अब वाटर पार्क पर चला बुलडोजर
सीएम योगी ने गोरखपुर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत 5000 लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन हॉल बनाने का निर्देश दिया है। इसलिए जीडीए के अधिकारी जमीन की तलाश में जुटे थे। शुक्रवार को जीडीए की ओर से पार्क की जमीन का समतलीकरण कराया गया।
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पूर्वांचल के पहले वाटर पार्क नीर निकुंज में अवैध तरीके से चल रहे मैरिज हाल को गोरखपुर विकास प्राधिकारण ( जीडीए) पहले बंद कराया और शुक्रवार को वाटर पार्क पर बुलडोजर चलवा कर ध्वस्त करा दिया। खाली कराई गई जमीन के साथ ही चंपा देवी पार्क की कुछ जमीन को साथ जोड़कर अब प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर बनेगा, जिसकी क्षमता पांच हजार लोगों के बैठने की होगी।
नौकायन रोड पर चंपा देवी पार्क के पास वाटर पार्क, नीर निकुंज बना था। जीडीए अफसरों के मुताबिक 28 अक्तूबर 2005 को मेसर्स केआर एम्यूजमेंट एंड रिसार्ट्स पार्क रोड के रोहित अग्रवाल ने मिस्टर कुक रेस्टोरेंट के माध्यम से वाटर पार्क की स्थापना के लिए जीडीए से अनुबंध किया था। इससे जुड़ा पूरक अनुबंध 18 अक्टूबर 2007 में हुआ। वाटर पार्क बनाने के लिए जीडीए की ओर से 12 एकड़ जमीन आवंटित की गई।
निर्माण होने पर इसका नाम नीर निकुंज वाटर पार्क रखते हुए आमजन के लिए खोला गया। वाटर पार्क की खाली पड़ी जमीन पर मैरिज हाॅल का संचालन होने लगा था। बाद में 08 नवंबर 2019 को वाटर पार्क का अनुबंध खत्म हो गया। इसके बाद वहां से सामान हटाने का निर्देश जीडीए ने आवंटियों को दिया था, लेकिन खाली नहीं किया गया।
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अवैध मैरिज हॉल चलाने पर दर्ज हुआ था केस
वाटर पार्क की जमीन पर अवैध तरीके से मैरिज हाॅल चलाने की शिकायत वर्ष 2019 में हुई थी। तब जांच के बाद जीडीए अधिकारियों ने उसे सील कर दिया। जीडीए ने वाटर पार्क का आवंटन करते समय ही अतिरिक्त निर्माण नहीं किए जाने की बात कही थी। जबकि पार्क के साथ पाथवे बनाने की शर्तों के साथ इसका अनुबंध हुआ था, लेकिन बाद में संचालकों ने पांच मैरिज हाॅल बना लिए।
इस मामले में जीडीए की ओर से वर्ष 2019 में कैंट थाने में केस दर्ज कराया गया था। जीडीए के अवर अभियंता रमापति वर्मा की तहरीर पर 17 जून 2019 को वाटर पार्क के साझेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत छह धाराओं में केस दर्ज कराया गया था।
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मामले की जांच के दौरान पार्क का सील तोड़ने, वाटर पार्क में अनाधिकृत उपयोग करने सहित अन्य आरोपों की पुष्टि के लिए कोई साक्ष्य नहीं पाए गए। इसके आधार पर अभियुक्तों की ओर से हाईकोर्ट में वाद दाखिल किया गया, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 23 फरवरी 2021 को केस बंद करने का आदेश दिया था।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत बनेगा कन्वेंशन हॉल
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कर्मचारियों के मुताबिक, इस कन्वेंशन हाॅल में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय बैठकें, गोष्ठी, आयोजन, प्रदर्शनी आदि आयोजन हो सकेंगे। इसके लिए कुल 25 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि यह जमीन जीडीए की है। इसमें 25 एकड़ भूमि में कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। इसलिए शुक्रवार को जमीन को बराबर कराने का काम शुरू किया गया है। जल्द ही इस योजना पर आगे का काम शुरू हो जाएगा।