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Gorakhpur News: खोराबार टाउनशिप व मेडिसिटी योजना का निर्माण कार्य रोका, मुआवजे की दर बढ़ाने की मांग
Fri, 29 Dec 2023 01:34 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 29 Dec 2023 01:34 PM IST
सार
जंगल सिकरी उर्फ खोराबार के कई काश्तकार बृहस्पतिवार दोपहर में खोराबार टाउनशिप और मेडिसिटी योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य के पास पहुंचे और काम बंद करवा दिया। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली व डंपर को वहां से वापस कर दिया। मां
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खोराबार टाउनशिप। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
खोराबार टाउनशिप और मेडिसिटी योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य को कुछ काश्तकारों ने बृहस्पतिवार को रोक दिया। वे जमीन के मुआवजे की दर बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे फाइल लेकर दौड़ रहे हैं, लेकिन काम में हीलाहवाली की जा रही है। उनका कहना है कि मुआवजे की दर बढ़ाए जाने तक वे काम नहीं करने देंगे।
जंगल सिकरी उर्फ खोराबार के कई काश्तकार बृहस्पतिवार दोपहर में खोराबार टाउनशिप और मेडिसिटी योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य के पास पहुंचे और काम बंद करवा दिया। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली व डंपर को वहां से वापस कर दिया। मांग की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश का पालन कर उचित मुआवजा दिया जाए।
काश्तकारों का कहना है कि वे दो महीने से फाइल लेकर दौड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें टाला जा रहा है। उनका कहना है कि मुआवजा मिलने पर ही वे कहीं और जमीन खरीद सकेंगे। इधर किसानों की फाइल शुक्रवार तक भूमि अर्जन पुनर्वासन प्राधिकरण (लारा) कोर्ट में भेजे जाने की उम्मीद है। मुआवजे को लेकर यहीं सुनवाई होगी।
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काम का विरोध करने वालों में तारा देवी, पप्पू, सतीराम, सत्यराम, दीपक, भभूती, सूरज, जगदीश, संगीता, पुष्पा आदि शामिल रहे।
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जंगल सिकरी उर्फ खोराबार के कई काश्तकार बृहस्पतिवार दोपहर में खोराबार टाउनशिप और मेडिसिटी योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य के पास पहुंचे और काम बंद करवा दिया। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली व डंपर को वहां से वापस कर दिया। मांग की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश का पालन कर उचित मुआवजा दिया जाए।
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काश्तकारों का कहना है कि वे दो महीने से फाइल लेकर दौड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें टाला जा रहा है। उनका कहना है कि मुआवजा मिलने पर ही वे कहीं और जमीन खरीद सकेंगे। इधर किसानों की फाइल शुक्रवार तक भूमि अर्जन पुनर्वासन प्राधिकरण (लारा) कोर्ट में भेजे जाने की उम्मीद है। मुआवजे को लेकर यहीं सुनवाई होगी।
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काम का विरोध करने वालों में तारा देवी, पप्पू, सतीराम, सत्यराम, दीपक, भभूती, सूरज, जगदीश, संगीता, पुष्पा आदि शामिल रहे।