Gorakhpur News: गीडा में आवंटित भूमि के 65 प्रतिशत हिस्से पर करा सकेंगे निर्माण, निवेशकों को दी गई राहत
गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि निवेशकों के लिए गीडा की नई भवन नियमावली तैयार की गई है। पहली बार यह सुविधा मिली है। अब निवेशक एफएआर खरीद सकेंगे। भू आच्छादन और स्वीकृत एफएआर भी बढ़ाया गया है। निवेशक अधिक से अधिक भूखंडों का उपयोग भी कर सकेंगे।
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ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस) 2023 को लेकर गीडा की नई भवन नियमावली ने निवेशकों की नई राह खोल दी है। अब निवेशक किसी भी औद्योगिक भूखंड का 65 प्रतिशत तक हिस्सा निर्माण के लिए प्रयोग कर सकेंगे। जबकि पहले यह दायरा 60 प्रतिशत तक था। गीडा ने फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को भी डेढ़ गुना कर दिया है।
गीडा को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए 60 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला है। इसमें से करीब 54 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव गीडा को प्राप्त भी हो चुका हैं। इसी क्रम में गीडा ने भवन नियमावली में संशोधन कर निवेशकों की राहत को और आसान कर दिया है।
गीडा की पुरानी भवन नियमावली में औद्योगिक भूखंड का आच्छादन 50 से 60 प्रतिशत था। यानी यदि 100 वर्ग मीटर का भूखंड है तो अधिकतम 60 प्रतिशत क्षेत्रफल पर निर्माण हो सकता था। एफएआर .6 से 1.20 था। यानी भूतल से लेकर ऊपर के तलों को मिलाकर अधिकतम 120 वर्ग मीटर तक निर्माण हो सकता था।
अब भूतल पर 65 वर्ग मीटर तक निर्माण निवेशक कर सकेंगे। एफएआर मिलाकर 150 वर्ग मीटर तक निर्माण करा सकेंगे। इस पहल से निवेशकों को काफी राहत होगी। साथ ही वे अधिक भूखंडों का इस्तेमाल कर सकेंगे। फ्लैटेड फैक्ट्री में पहली बार भू आच्छादन व एफएआर का उल्लेख किया गया है।
ये हैं प्रमुख प्रावधान
| योजना | पुरानी नियमावली में भू आच्छादन | एफएआर | नई नियमावली में भू आच्छादन | एफएआर |
| आवासीय | 45-65 प्रतिशत | 1.25 से 2.0 | 60-85 प्रतिशत | 1.5 से 2.0 |
| समूह आवास | 35 प्रतिशत | 1.5 | 35 प्रतिशत | 2.75 |
| औद्योगिक | 50 से 60 प्रतिशत | .6 से 1.20 | 60 से 65 प्रतिशत | 1.3 से 1.50 |
| व्यावसायिक | 30 से 50 प्रतिशत | 1.5 से 2.0 | 40 प्रतिशत | 2.0 |
| संस्थागत | 30 से 35 प्रतिशत | .8 से 1.0 प्रतिशत | 30 से 35 प्रतिशत | 1.0 से 2.0 प्रतिशत |
गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि निवेशकों के लिए गीडा की नई भवन नियमावली तैयार की गई है। पहली बार यह सुविधा मिली है। अब निवेशक एफएआर खरीद सकेंगे। भू आच्छादन और स्वीकृत एफएआर भी बढ़ाया गया है। निवेशक अधिक से अधिक भूखंडों का उपयोग भी कर सकेंगे।