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गोड़धोइया: अब एसटीपी तक बनेगा आरसीसी नाला, सड़क व सोलर लाइट भी मिलेंगी
Sat, 04 Jul 2026 02:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 04 Jul 2026 02:35 AM IST
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गोरखपुर। शहर की जलनिकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए गोड़धोइया नाला का एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) तक बचा हुआ 1500 मीटर हिस्सा भी अब आरसीसी बनाया जाएगा। इस परियोजना को शासन स्तर से स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही करीब 93 करोड़ रुपये की धनराशि जारी होने की उम्मीद है। इस राशि से नाले के निर्माण के साथ एप्रोच रोड, सोलर स्ट्रीट लाइट और लैंडस्केपिंग का कार्य भी कराया जाएगा।
वर्तमान में अमृत 2.0 योजना के तहत 495 करोड़ रुपये की लागत से गोड़धोइया नाला के 9.25 किलोमीटर हिस्से का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना का अधिकांश कार्य प्रगति पर है हालांकि सीवर संबंधी कुछ कार्य अभी बाकी हैं। वहीं, एसटीपी के पास करीब 1500 मीटर हिस्सा अब तक कच्चा होने के कारण नाले का पानी सीधे ट्रीटमेंट प्लांट तक नहीं पहुंच पा रहा था। इससे जल प्रवाह बाधित होने के साथ जलनिकासी व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी।
इसी समस्या को देखते हुए शासन ने शेष 1500 मीटर हिस्से को भी आरसीसी बनाने का निर्णय लिया है। इसके पूरा होने के बाद गोड़धोइया नाले का पानी बिना किसी अवरोध के सीधे एसटीपी तक पहुंचेगा। इससे नाले में पानी रुकने की समस्या समाप्त होगी और आसपास के कई मोहल्लों की जलनिकासी व्यवस्था भी अधिक सुचारु हो जाएगी। बरसात के दौरान जलभराव की समस्या में भी राहत मिलने की उम्मीद है।
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जल निगम नगरीय के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार ने बताया कि अमृत 2.0 योजना के तहत गोड़धोइया नाले के शेष 1500 मीटर हिस्से को आरसीसी बनाने की मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना के लिए जल्द ही धनराशि स्वीकृत होगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना पूरी होने पर नाले की पूरी लंबाई आरसीसी हो जाएगी और जलनिकासी व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी होगी।
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वर्तमान में अमृत 2.0 योजना के तहत 495 करोड़ रुपये की लागत से गोड़धोइया नाला के 9.25 किलोमीटर हिस्से का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना का अधिकांश कार्य प्रगति पर है हालांकि सीवर संबंधी कुछ कार्य अभी बाकी हैं। वहीं, एसटीपी के पास करीब 1500 मीटर हिस्सा अब तक कच्चा होने के कारण नाले का पानी सीधे ट्रीटमेंट प्लांट तक नहीं पहुंच पा रहा था। इससे जल प्रवाह बाधित होने के साथ जलनिकासी व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी।
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इसी समस्या को देखते हुए शासन ने शेष 1500 मीटर हिस्से को भी आरसीसी बनाने का निर्णय लिया है। इसके पूरा होने के बाद गोड़धोइया नाले का पानी बिना किसी अवरोध के सीधे एसटीपी तक पहुंचेगा। इससे नाले में पानी रुकने की समस्या समाप्त होगी और आसपास के कई मोहल्लों की जलनिकासी व्यवस्था भी अधिक सुचारु हो जाएगी। बरसात के दौरान जलभराव की समस्या में भी राहत मिलने की उम्मीद है।
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जल निगम नगरीय के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार ने बताया कि अमृत 2.0 योजना के तहत गोड़धोइया नाले के शेष 1500 मीटर हिस्से को आरसीसी बनाने की मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना के लिए जल्द ही धनराशि स्वीकृत होगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना पूरी होने पर नाले की पूरी लंबाई आरसीसी हो जाएगी और जलनिकासी व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी होगी।