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खुशखबर: गोरखपुर पर बढ़ रहा उद्योगपतियों और बैंकों का विश्वास, बढ़ेंगे रोजगार के मौके
Sat, 11 Jan 2020 01:54 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Sat, 11 Jan 2020 01:54 PM IST
सार
- लगेंगे उद्योग तो शहर में ही युवाओं को रोजगार के अधिक मौके मिलेंगे
- गीडा ने 387 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की
- बैंकिंग: बढ़ रहा है सीडी रेशियो, 18 नई उद्योगों के लिए स्टेट बैंक की ओर से दिया जाएगा 300 करोड़ का लोन
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अमर उजाला ने उठाया था मामला
- फोटो : amarujala
विस्तार
पूर्वांचल में औद्योगिक विकास के लिए प्रदेश सरकार की पहल का असर दिखने लगा है। उद्योगपतियों और बैंकों का विश्वास गोरखपुर पर बढ़ने लगा है। स्वाभाविक है रोजगार के अधिक मौके अपने ही शहर में उपलब्ध होंगे।
बैंकों का सीडी रेशियो (ऋण-जमा अनुपात) बेहतर होने लगा है। वहीं भारतीय स्टेट बैंक की ओर से गोरखपुर क्षेत्र में 18 नई औद्योगिक इकाइयों के लिए करीब 300 करोड़ रुपये के आवेदनों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक नए उद्योगों की स्थापना और विस्तारीकरण के वित्त पोषण के लिए सरकार की कोशिश के बाद जल्द ही बैंकों की ओर से वृहद ऋण शिविर का आयोजन किया जाने वाला है। वहीं औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराने के लिए गीडा की ओर से 387 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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भारतीय रिजर्व बैंक के मानक के अनुसार बैंकों का सीडी रेशियो न्यूनतम 60 प्रतिशत होना चाहिए, लेकिन दो तीन साल पहले गोरखपुर के बैंकों में यह अनुपात 36 प्रतिशत के आसपास रहा करता था।
2018 में गीडा दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर जिले के सीडी रेशियो की खराब स्थिति पर चिंता जताई थी। इसके बाद से शासन-प्रशासन सक्रिय हुआ और इस स्थिति में लगातार सुधार हुआ है।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन ने बताया कि मार्च 2018 में यह आंकड़ा 36.17 प्रतिशत था, वह सितंबर 2019 में 41.64 प्रतिशत और दिसंबर 2019 में 42.84 प्रतिशत हो गया है। बैंकों का कुल व्यवसाय सितंबर 2019 में 37785 करोड़ पार कर गया है। जबकि मार्च 2018 में यह आंकड़ा मात्र 9723 करोड़ रुपये था। यह बढ़ोतरी 14.25 प्रतिशत रही।
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बैंकों का सीडी रेशियो (ऋण-जमा अनुपात) बेहतर होने लगा है। वहीं भारतीय स्टेट बैंक की ओर से गोरखपुर क्षेत्र में 18 नई औद्योगिक इकाइयों के लिए करीब 300 करोड़ रुपये के आवेदनों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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जानकारी के मुताबिक नए उद्योगों की स्थापना और विस्तारीकरण के वित्त पोषण के लिए सरकार की कोशिश के बाद जल्द ही बैंकों की ओर से वृहद ऋण शिविर का आयोजन किया जाने वाला है। वहीं औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराने के लिए गीडा की ओर से 387 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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भारतीय रिजर्व बैंक के मानक के अनुसार बैंकों का सीडी रेशियो न्यूनतम 60 प्रतिशत होना चाहिए, लेकिन दो तीन साल पहले गोरखपुर के बैंकों में यह अनुपात 36 प्रतिशत के आसपास रहा करता था।
2018 में गीडा दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर जिले के सीडी रेशियो की खराब स्थिति पर चिंता जताई थी। इसके बाद से शासन-प्रशासन सक्रिय हुआ और इस स्थिति में लगातार सुधार हुआ है।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन ने बताया कि मार्च 2018 में यह आंकड़ा 36.17 प्रतिशत था, वह सितंबर 2019 में 41.64 प्रतिशत और दिसंबर 2019 में 42.84 प्रतिशत हो गया है। बैंकों का कुल व्यवसाय सितंबर 2019 में 37785 करोड़ पार कर गया है। जबकि मार्च 2018 में यह आंकड़ा मात्र 9723 करोड़ रुपये था। यह बढ़ोतरी 14.25 प्रतिशत रही।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत दिया गया 2977 करोड़ का लोन
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन ने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत गत पिछले तीन वर्षों के दौरान वर्षों में करीब सात लाख खातों में से 2977 करोड़ का ऋण स्वीकृत किया गया। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 1406 करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है।
इसके साथ ही वार्षिक ऋण योजना के लक्ष्य प्राप्ति के मामले में गोरखपुर का लक्ष्य प्रदेश में सबसे बेहतर रहा। वित्तीय वर्ष 2017-18 तथा 2018-19 में क्रमश: 88.66 प्रतिशत तथा 97.92 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गयी जोकि प्रदेश द्वारा समान अवधि में प्राप्त लक्ष्यों के सापेक्ष 83.41 प्रतिशत व 75.83 प्रतिशत अधिक है। जिले में वार्षिक ऋण योजना को मार्च, 2020 तक शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने हेतु बैंकों को और अधिक सक्रिय किया गया है।
एक अप्रैल से देश के सबसे बड़ा ग्रामीण बैंक का मुख्यालय गोरखपुर में
बड़ौदा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में पूर्वांचल बैंक और काशी गोमती क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक का विलय होने जा रहा है। इसके बाद यह बैंक देश का सबसे बड़ा ग्रामीण बैंक हो जाएगा। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग के निर्देशानुसार एक अप्रैल 2020 से यह बैंक प्रभावी हो जाए जाएगा।
विलय के पश्चात यह बैंक लगभग दो हजार शाखाओं के साथ भारत वर्ष का सबसे बड़ा ग्रामीण बैंक होने के साथ-साथ प्रदेश के नागरिकों को और बेहतर बैंकिंग सुविधा प्रदान करने में सक्षम होगा। इसके साथ ही इस बैंक का प्रधान कार्यालय रायबरेली से स्थानांतरित होकर गोरखपुर आ जाएगा। इस बदलाव के बाद पूर्वांचल के आम नागरिकों के साथ साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा कुटीर उद्योगों एवं ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना की वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति आसानी से हो सकेगी।
इसके साथ ही वार्षिक ऋण योजना के लक्ष्य प्राप्ति के मामले में गोरखपुर का लक्ष्य प्रदेश में सबसे बेहतर रहा। वित्तीय वर्ष 2017-18 तथा 2018-19 में क्रमश: 88.66 प्रतिशत तथा 97.92 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गयी जोकि प्रदेश द्वारा समान अवधि में प्राप्त लक्ष्यों के सापेक्ष 83.41 प्रतिशत व 75.83 प्रतिशत अधिक है। जिले में वार्षिक ऋण योजना को मार्च, 2020 तक शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने हेतु बैंकों को और अधिक सक्रिय किया गया है।
एक अप्रैल से देश के सबसे बड़ा ग्रामीण बैंक का मुख्यालय गोरखपुर में
बड़ौदा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में पूर्वांचल बैंक और काशी गोमती क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक का विलय होने जा रहा है। इसके बाद यह बैंक देश का सबसे बड़ा ग्रामीण बैंक हो जाएगा। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग के निर्देशानुसार एक अप्रैल 2020 से यह बैंक प्रभावी हो जाए जाएगा।
विलय के पश्चात यह बैंक लगभग दो हजार शाखाओं के साथ भारत वर्ष का सबसे बड़ा ग्रामीण बैंक होने के साथ-साथ प्रदेश के नागरिकों को और बेहतर बैंकिंग सुविधा प्रदान करने में सक्षम होगा। इसके साथ ही इस बैंक का प्रधान कार्यालय रायबरेली से स्थानांतरित होकर गोरखपुर आ जाएगा। इस बदलाव के बाद पूर्वांचल के आम नागरिकों के साथ साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा कुटीर उद्योगों एवं ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना की वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति आसानी से हो सकेगी।
स्थापित होंगे 18 नए उद्योग, स्टेट बैंक देगा 300 करोड़ का लोन
गोरखपुर में जल्द ही 18 और नए उद्योग शुरू होने वाले हैं। भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार गोरखपुर क्षेत्र में 18 नई इकाइयों के लिए करीब 300 करोड़ रुपये के आवेदनों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन इकाइयों में 160 करोड़ की लागत से लाल जी हॉस्पिटल का भी प्रस्ताव शामिल है।
इसके अलावा गोरखपुर जिले में प्लेटिनम टाई-अप प्राइवेट लिमिटेड, अवध शुगर एंड एनर्जी लिमिनेट, रयाना पेपर बोर्ड इंडस्ट्रीज, स्मार्ट व्हील प्राइवेट लिमिटेड, गैलेंट इस्पात, अंबे प्रोपटेक प्राइवेट लिमिटेड जैसे बड़े उद्योगों को स्टेट बैंक द्वारा लोन स्वीकृत किया गया है। वहीं गोरखपुर में शुद्ध प्लस हाइजीन प्रोडक्ट्स में 80 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिसमें 500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
बढ़ेगा गीडा का लैंड बैंक, औद्योगिक गलियारा से मिलेगी औद्योगिक विकास को गति
पूर्वांचल में लैंड बैंक बढ़ाने के लिए गीडा द्वारा 387 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गीडा सीईओ संजीव रंजन ने बताया कि इसके अलावा 18 राजस्व ग्रामों को अधिसूचित क्षेत्र में शामिल कर मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। व्यावसायिक प्रयोजन के लिए कालेसर गांव में 27 एकड़ भूमि में से 26 एकड़ जमीन खरीदी जा चुकी है।
वस्त्रोद्योग को बढ़ावा देने के लिए गीडा के औद्योगिक क्षेत्र में 76 करोड़ की लागत से 15 एमएलडी का कॉमन एफ्लूयेंट ट्रीटमेंट प्लाट (सीईटीपी) स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा उप्र एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा विकसित किए जा रहे लगभग 91 किमी लंबे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे प्रथम चरण में 500 हेक्टेयर में औद्योगिक कॉरिडोर का विकास भी प्रस्तावित है जिससे पूर्वांचल एवं गोरखपुर क्षेत्र में औद्योगिक विकास को और गति मिलेगी।
इसके अलावा गोरखपुर जिले में प्लेटिनम टाई-अप प्राइवेट लिमिटेड, अवध शुगर एंड एनर्जी लिमिनेट, रयाना पेपर बोर्ड इंडस्ट्रीज, स्मार्ट व्हील प्राइवेट लिमिटेड, गैलेंट इस्पात, अंबे प्रोपटेक प्राइवेट लिमिटेड जैसे बड़े उद्योगों को स्टेट बैंक द्वारा लोन स्वीकृत किया गया है। वहीं गोरखपुर में शुद्ध प्लस हाइजीन प्रोडक्ट्स में 80 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिसमें 500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
बढ़ेगा गीडा का लैंड बैंक, औद्योगिक गलियारा से मिलेगी औद्योगिक विकास को गति
पूर्वांचल में लैंड बैंक बढ़ाने के लिए गीडा द्वारा 387 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गीडा सीईओ संजीव रंजन ने बताया कि इसके अलावा 18 राजस्व ग्रामों को अधिसूचित क्षेत्र में शामिल कर मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। व्यावसायिक प्रयोजन के लिए कालेसर गांव में 27 एकड़ भूमि में से 26 एकड़ जमीन खरीदी जा चुकी है।
वस्त्रोद्योग को बढ़ावा देने के लिए गीडा के औद्योगिक क्षेत्र में 76 करोड़ की लागत से 15 एमएलडी का कॉमन एफ्लूयेंट ट्रीटमेंट प्लाट (सीईटीपी) स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा उप्र एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा विकसित किए जा रहे लगभग 91 किमी लंबे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे प्रथम चरण में 500 हेक्टेयर में औद्योगिक कॉरिडोर का विकास भी प्रस्तावित है जिससे पूर्वांचल एवं गोरखपुर क्षेत्र में औद्योगिक विकास को और गति मिलेगी।