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Gorakhpur News: सीएम योगी ने दिए निर्देश-मई तक पूरा करें गोड़धोइया नाला परियोजना
Sat, 19 Apr 2025 07:09 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Sat, 19 Apr 2025 07:09 PM IST
सार
सीएम योगी ने कहा कि गोड़धोइया नाला का सिकुड़ा स्वरूप आधा गोरखपुर के लिए जलजमाव का सबसे बड़ा कारण था। पहले यह नाला पूरे उत्तर क्षेत्र के बरसाती जल की निकासी का माध्यम था। पर, धीरे-धीरे करके वह सिकुड़ता गया। उसके बाद उसमें सिल्ट जमा हो गया।
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गोड़धोइया नाला के निर्माण की प्रगति रिपोर्ट देखते सीएम योगी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए मई तक इसे पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनसभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के पूर्ण हो जाने से शहर के उत्तरी क्षेत्र के लोगों को जलजमाव से मुक्ति मिल जाएगी। यह स्वच्छता, ग्रीनरी का भी प्रतिमान बनेगा।
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जेल बाईपास के समीप स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों की जानकारी ली। इसके बाद नाले के समीप जाकर वाटर लेवल के बारे में पूछा। निरीक्षण करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि गोड़धोइया नाला का सिकुड़ा स्वरूप आधा गोरखपुर के लिए जलजमाव का सबसे बड़ा कारण था।
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पहले यह नाला पूरे उत्तर क्षेत्र के बरसाती जल की निकासी का माध्यम था। पर, धीरे-धीरे करके वह सिकुड़ता गया। उसके बाद उसमें सिल्ट जमा हो गया। कभी सफाई नहीं हुई। मकान बनते गए और एक समय ऐसा आ गया कि जब बरसात होती थी तो नाले के शुरुआती स्थल मेडिकल कॉलेज के आगे से मोहद्दीपुर तक जलजमाव ही दिखता था। उन्होंने कहा कि राप्तीनगर, बिछिया, मैत्रिपुरम और आसपास के क्षेत्र में खूब जलजमाव होता था।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जलजमाव और गंदगी और गंदगी इनसे जनित होने वाली बीमारियों का भी कारण बनता था। इसलिए सरकार ने इस नाले को लेकर एक परियोजना बनाई। उन्होंने कहा कि जब कोई निर्माण होता है तो तात्कालिक रूप से कुछ लोगों को परेशानी होती है। पर, जब यह परियोजना पूरी हो जाएगी तब जलनिकासी की समस्या का समाधान हो जाएगा।
यहां सीवर लाइन भी बिछ रही है और जहां जगह मिल रहा वहां सड़क भी बन रही है। इसके साथ ही इसे ग्रीनरी और व्यापक सुंदरीकरण के साथ भी जोड़कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। जो लोग यहां गंदगी और बदबू के कारण इधर आने में हिचकते थे अब उनका संकोच दूर हो जाएगा।
सीएम ने कहा कि जल निगम और स्थानीय प्रशासन ने उन्हें आश्वस्त किया है कि मई तक इसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। जहां वाटर डायवर्जन को दिक्कत आएगी, वहां कच्चे मार्ग से इसका समाधान किया जाएगा।
कोशिश हो रही है कि बरसात के पहले यह परियोजना जलनिकासी का बेहतरीन माध्यम बन जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ सांसद रविकिशन, महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव और कई पार्षद तथा भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहे।