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Gorakhpur News: बाढ़ सुरक्षा की पूरी करें तैयारी, एक सप्ताह में दें रिपोर्ट: डीएम
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गोरखपुर। विकास भवन के सभागार में बुधवार को आयोजित बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी कृष्णा करूणेश ने बाढ़ की तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपने मातहतों से कहा कि बाढ़ से संबंधित सभी संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करके एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देश दिया कि रेगुलेटर तथा तटबंधों के अनुरक्षण एवं मरम्मत का कार्य समय से पूर्ण कर लें।
बैठक के दौरान अपर जिला अधिकारी वित्त व राजस्व विनीत कुमार सिंह ने बताया कि गोरखपुर बहुआपदा प्रभावित क्षेत्र है और प्रत्येक वर्ष पूर्ण व आंशिक रूप से बाढ़ से प्रभावित होता है। पूर्व अनुभव के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित करके सभी संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ सुरक्षा समितियों का गठन कर लिया गया है, नविकों व गोताखोरों को सेफ्टी किट प्रदान किये जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जनपद में नदियों एवं बाढ़ से सुरक्षा के लिए निर्मित तटबंधों तथा बाढ़ बचाव हेतु वर्तमान में 26 परियोजनाएं चल रही है, जिसमें से 12 पूरी हो चुकी है। अन्य परियोजनाओं के कार्य 15 जून हो जाएंगे।
नगर आयुक्त ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन नालों को समय से पूर्ण करा लिया जाय, जिससे की शहरी क्षेत्र में होने वाले जलभराव से बचा जा सके। जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण कर लें और साथ ही कहा कि बारिश के जलजमाव से निजात पाने के लिए पर्याप्त मात्रा में पम्पों की व्यवस्था कर ली जाए।
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उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि समन्वय बनाकर कार्य करें। बाढ़ चौकियों का गठन, साइनेज बोर्ड, बाढ़ सुरक्षा समिति, कंट्रोल रूम तथा ग्रामीण क्षेत्र के संभ्रांत लोगों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर कार्य किया जाए। कृषि विभाग को निर्देश दिया कि सभी कृषकों के फसलों का, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का रजिस्ट्रेशन अवश्य कर लें ताकि बाढ़ प्रभावित फसलों की रिकवरी सुचारू ढंग से प्रदान किया जा सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सीएचसी/पीएचसी अलर्ट मूड में रहेंगी, वहां पर किसी भी प्रकार की दवाइयों व स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार मीना, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर मृणाली अविनाश जोशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी गण उपस्थित रहे।
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बैठक के दौरान अपर जिला अधिकारी वित्त व राजस्व विनीत कुमार सिंह ने बताया कि गोरखपुर बहुआपदा प्रभावित क्षेत्र है और प्रत्येक वर्ष पूर्ण व आंशिक रूप से बाढ़ से प्रभावित होता है। पूर्व अनुभव के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित करके सभी संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ सुरक्षा समितियों का गठन कर लिया गया है, नविकों व गोताखोरों को सेफ्टी किट प्रदान किये जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जनपद में नदियों एवं बाढ़ से सुरक्षा के लिए निर्मित तटबंधों तथा बाढ़ बचाव हेतु वर्तमान में 26 परियोजनाएं चल रही है, जिसमें से 12 पूरी हो चुकी है। अन्य परियोजनाओं के कार्य 15 जून हो जाएंगे।
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नगर आयुक्त ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन नालों को समय से पूर्ण करा लिया जाय, जिससे की शहरी क्षेत्र में होने वाले जलभराव से बचा जा सके। जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण कर लें और साथ ही कहा कि बारिश के जलजमाव से निजात पाने के लिए पर्याप्त मात्रा में पम्पों की व्यवस्था कर ली जाए।
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उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि समन्वय बनाकर कार्य करें। बाढ़ चौकियों का गठन, साइनेज बोर्ड, बाढ़ सुरक्षा समिति, कंट्रोल रूम तथा ग्रामीण क्षेत्र के संभ्रांत लोगों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर कार्य किया जाए। कृषि विभाग को निर्देश दिया कि सभी कृषकों के फसलों का, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का रजिस्ट्रेशन अवश्य कर लें ताकि बाढ़ प्रभावित फसलों की रिकवरी सुचारू ढंग से प्रदान किया जा सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सीएचसी/पीएचसी अलर्ट मूड में रहेंगी, वहां पर किसी भी प्रकार की दवाइयों व स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार मीना, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर मृणाली अविनाश जोशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी गण उपस्थित रहे।