इस विभाग की लापरवाही से स्वस्थ व्यक्ति निकला था कोरोना पॉजिटिव, अब ऐसे होगी कार्रवाई
- नाम की गफलत में कोरोना वार्ड में करा दिया गया था भर्ती
- दूसरी बार निगेटिव व्यक्ति की इसके बाद रिपोर्ट आई थी पॉजिटिव
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रविवार को आई पॉजिटिव रिपोर्ट, तो मचा हड़कंप
निगेटिव आए व्यक्ति की दूसरी बार जांच के लिए शनिवार को रिपोर्ट भेजी गई थी। रविवार की देर रात पॉजिटिव रिपोर्ट आई तो अधिकारियों के होश उड़ गए। उन्हें समझ नहीं आ रहा था वह करें तो क्या करें। क्योंकि उनकी चूक की वजह से एक व्यक्ति संक्रमित हो गया और उसका परिवार 14 दिन के लिए पूरी तरह से परेशान हो गया है।
जानकारी के मुताबिक बृहस्पतिवार को चार लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। नाम की गफलत के चलते एक निगेटिव व्यक्ति को मेडिकल कॉलेज के कोरोना वार्ड में भर्ती करा दिया गया था, जबकि पीपीगंज का रहने वाला पॉजिटिव व्यक्ति टीबी अस्पताल में क्वारंटीन रहा।
15 घंटे बाद जब विभाग को पता चला तो आनन-फानन में उसे मेडिकल कॉलेज से टीबी अस्पताल में क्वारंटीन कराया गया। इसके बाद विभाग के आलाधिकारी यह दलील देते रहे कि उसे संक्रमण का कोई खतरा नहीं है। क्योंकि वहां हर व्यक्ति तीन-तीन मीटर की दूरी पर है।
जबकि उसे न केवल कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया था, बल्कि तीन अन्य संक्रमित व्यक्तियों के साथ एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज भी भेजा गया था। इसके अलावा उसके परिवार के 17 सदस्यों को भी 100 बेड टीबी अस्पताल में क्वारंटीन कर दिया गया।
नगर विधायक डॉ आरएमडी अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को कमिश्नर जयंत नार्लिकर से वार्ता करते हुए जांच कराने को कहा। विधायक ने कहा कि सामान्य नागरिक मेडिकल कालेज के कोरोना वार्ड में करीब 15 घंटे रहा।
ऐसे में विभाग की लापरवाही से व्यक्ति पॉजिटिव हो गया। इतना ही नहीं पॉजिटिव होने से पहले वह क्वारंटीन सेंटर था। ऐसे में इस आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है कि वहां कितने लोगों को पॉजिटिव किया होगा।