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Gorakhpur Weather: सीजन में दूसरी बार हुआ कोल्ड डे, अभी और सताएगी ठंड
Fri, 19 Jan 2024 10:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Updated Fri, 19 Jan 2024 10:44 AM IST
सार
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर भारत पर ऊपरी क्षोभ मंडल में 250-290 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही जेट स्ट्रीम के कारण उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों से आ रही ठंडी पछुआ हवाओं के ऊपर से गुजरने से पिछले एक सप्ताह से शीत दिवस (कोल्ड डे) की परिस्थितियां बनी हुई हैं।
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गोरखपुर में ठंड।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
ठंड का कहर जारी है, जिससे अभी और कुछ दिन राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार इस सीजन का दूसरा कोल्ड डे था और ऐसा आगे भी रहने का अनुमान है। इसके साथ ही पछुआ हवा चलने से रात में ठंड बढ़ने और न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज होने के आसार हैं। बृहस्पतिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में महज तीन डिग्री सेल्सियस का अंतर दर्ज किया गया, जिससे पूरे दिन कंपकंपी का अहसास हुआ।
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मौसम विभाग के मानक पर बृहस्पतिवार कोल्ड-डे था। इस सीजन का यह दूसरा दिन है। इससे पहले 12 जनवरी को सीवियर कोल्ड-डे रहा। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी कोल्ड-डे रहने का अनुमान जताया है। कोल्ड-डे का मानक अधिकतम तापमान का औसत से 6.5 डिग्री सेल्सियस का कम होना है।
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बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान औसत से 6.5 डिग्री सेल्सियस कम रिकार्ड किया गया। गलन भरी ठंड के चलते बृहस्पतिवार को शहरवासियों की गतिविधियां प्रभावित हुईं। लोग बिना जरूरत घर से नहीं निकले। ऐसे में बहुत से इलाकों में सन्नाटे की स्थिति रही। दिन में भी ओस की बूंदें गिरती रहीं।
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बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान तीसरे दिन 14 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 10.7 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। शुक्रवार को मौसम विभाग ने अधिकतम 15 व न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है।
पछुआ हवाओं की रफ्तार से और बढ़ेगा सर्दी का सितम
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर भारत पर ऊपरी क्षोभ मंडल में 250-290 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही जेट स्ट्रीम के कारण उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों से आ रही ठंडी पछुआ हवाओं के ऊपर से गुजरने से पिछले एक सप्ताह से शीत दिवस (कोल्ड डे) की परिस्थितियां बनी हुई हैं। इसके अभी आगे भी ऐसे ही बने रहनी की संभावना है।
इसके साथ ही निचले क्षोभ मंडल में चल रही पुरवा हवाओं के कारण पिछले तीन-चार दिन से न्यूनतम तापमान में हुई वृद्धि अब रुक जाएगी। पुनः पछुवा हवाओं के प्रभाव से 20 जनवरी से न्यूनतम तापमान में क्रमिक गिरावट आने की संभावना है।
क्या है जेट स्ट्रीम
जेट स्ट्रीम तेज हवा के संकीर्ण बैंड हैं जो आम तौर पर दुनिया भर में पश्चिम से पूर्व की ओर चलते हैं। पृथ्वी पर चार प्राथमिक जेट धाराएं हैं। दो ध्रुवीय जेट धाराएं, उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के पास और दो उपोष्णकटिबंधीय जेट धाराएं भूमध्य रेखा के करीब। जेट स्ट्रीम तब बनती हैं जब गर्म वायुराशियां वायुमंडल में ठंडी वायुराशियों से मिलती हैं।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर भारत पर ऊपरी क्षोभ मंडल में 250-290 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही जेट स्ट्रीम के कारण उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों से आ रही ठंडी पछुआ हवाओं के ऊपर से गुजरने से पिछले एक सप्ताह से शीत दिवस (कोल्ड डे) की परिस्थितियां बनी हुई हैं। इसके अभी आगे भी ऐसे ही बने रहनी की संभावना है।
इसके साथ ही निचले क्षोभ मंडल में चल रही पुरवा हवाओं के कारण पिछले तीन-चार दिन से न्यूनतम तापमान में हुई वृद्धि अब रुक जाएगी। पुनः पछुवा हवाओं के प्रभाव से 20 जनवरी से न्यूनतम तापमान में क्रमिक गिरावट आने की संभावना है।
क्या है जेट स्ट्रीम
जेट स्ट्रीम तेज हवा के संकीर्ण बैंड हैं जो आम तौर पर दुनिया भर में पश्चिम से पूर्व की ओर चलते हैं। पृथ्वी पर चार प्राथमिक जेट धाराएं हैं। दो ध्रुवीय जेट धाराएं, उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के पास और दो उपोष्णकटिबंधीय जेट धाराएं भूमध्य रेखा के करीब। जेट स्ट्रीम तब बनती हैं जब गर्म वायुराशियां वायुमंडल में ठंडी वायुराशियों से मिलती हैं।