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कोरोना जांच के लिए मनमानी वसूली पर होगी कार्रवाई, यहां कर सकते हैं शिकायत
Sat, 19 Sep 2020 03:17 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 19 Sep 2020 03:17 PM IST
सार
- निर्धारित दर पर कराएं जांच, अधिक राशि लेने वाले केंद्रों की करें शिकायत होगी कार्रवाई
- कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर, एंटीजन और ट्रूनेट जांच पद्धति को विश्वसनीय बताया
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा है कि कोरोना जांच के लिए अधिकृत निजी पैथालॉजी केंद्रों पर जांच के लिए किसी को निर्धारित दर से ज्यादा रुपये देने की आवश्यकता नहीं है। यदि केंद्र निर्धारित दर से ज्यादा की मांग कर रहे हैं तो शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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सीएमओ ने बताया कि कोरोना जांच के लिए एंटीजन, आरटीपीसीआर और ट्रूनेट जांच पद्धति ही विश्वसनीय हैं। पंजीकृत प्राइवेट नर्सिंग होम को संदिग्ध रोगियों की तत्काल जांच के लिए एंटीजन किट दिए गए हैं ताकि उन्हें यथाशीघ्र चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध हो सके। ऐसे नर्सिंग होम को कोरोना की एंटीजन जांच निशुल्क करनी है। उन्हें मरीजों को एंटीजन पॉजिटिव या निगेटिव की रिपोर्ट भी देनी होगी।
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सीएमओ ने बताया कि जिले की जिन निजी पैथालॉजी को कोरोना के आरटीपीसीआर और ट्रूनेट जांच के लिए अधिकृत किया गया है, उनके लिए भी शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार दरें तय कर दी गई हैं। कोई भी अधिकृत निजी पैथालॉजी आरटीपीसीआर जांच के लिए 1600 रुपये से अधिक नहीं ले सकता।
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इस माह 60 हजार से ज्यादा सैंपलिंग
सीएमओ ने बताया कि ट्रूनेट जांच दो चरणों में होती है। पहले चरण के लिए अधिकतम 2000 रुपये, जबकि दूसरे चरण (कंफर्मेटरी) के लिए 1600 रुपये से ज्यादा नहीं लिया जा सकता। बताया कि ऐसी शिकायतें संज्ञान में आई थीं कि कलेक्शन चार्ज के नाम पर 100 रुपये अतिरिक्त की मांग की जा रही थी तो तत्काल हस्तक्षेप करते हुए रोक लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि मरीज चाहे कोरोना पॉजिटिव निकले या फिर कोरोना निगेटिव, निर्धारित दरों से ज्यादा लेना कानूनन अपराध होगा और ऐसी शिकायत की पुष्टि होने पर संबंधित के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत करवाया जाएगा। अगर किसी से जांच के नाम पर ज्यादा रुपये लिए जा रहे हैं तो वह इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर के नंबर 0551-2201796, 0551-2202205 और 0551-2204196 पर सूचित कर सकता है।
सीएमओ ने बताया कि एक सितंबर से 16 सितंबर के बीच इस माह 60 हजार से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच की जा चुकी है। रोजाना 5000 से अधिक लोगों के सैंपल लिए जाने का लक्ष्य है। प्रयास है कि इस माह जनपद में एक लाख से ज्यादा लोगों की जांच की जाए। जितनी अधिक जांच होगी, उतने ही ज्यादा मरीज मिलेंगे और संक्रमण की चेन टूटने में उतनी ही आसानी होगी।
उन्होंने बताया कि मरीज चाहे कोरोना पॉजिटिव निकले या फिर कोरोना निगेटिव, निर्धारित दरों से ज्यादा लेना कानूनन अपराध होगा और ऐसी शिकायत की पुष्टि होने पर संबंधित के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत करवाया जाएगा। अगर किसी से जांच के नाम पर ज्यादा रुपये लिए जा रहे हैं तो वह इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर के नंबर 0551-2201796, 0551-2202205 और 0551-2204196 पर सूचित कर सकता है।
सीएमओ ने बताया कि एक सितंबर से 16 सितंबर के बीच इस माह 60 हजार से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच की जा चुकी है। रोजाना 5000 से अधिक लोगों के सैंपल लिए जाने का लक्ष्य है। प्रयास है कि इस माह जनपद में एक लाख से ज्यादा लोगों की जांच की जाए। जितनी अधिक जांच होगी, उतने ही ज्यादा मरीज मिलेंगे और संक्रमण की चेन टूटने में उतनी ही आसानी होगी।