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UP News: गीता जयंती समारोह में बोले सीएम योगी, 'जगत के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है श्रीमद्भागवत'
Mon, 05 Dec 2022 10:09 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 05 Dec 2022 10:09 AM IST
सार
मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता व अन्य धार्मिक साहित्य के प्रकाशन के लिए गीता प्रेस के संस्थापक सेठ जी जयदयाल गोयंदका ने 100 वर्ष पूर्व गीता प्रेस की स्थापना कर धार्मिक साहित्य के क्षेत्र में अद्भुत व अनुकरणीय मानक स्थापित किए। वहीं कल्याण पत्रिका के जरिये जन-जन तक सनातन संस्कृति का संवर्धन करने वाले भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार मानवीय रूप में दिव्य पुरुष थे।
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गीता प्रेस में सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गीता वह ग्रंथ है जो क्षेत्र, भाषा, जाति, मत, मजहब से परे सभी लोगों को निष्काम कर्म की प्रेरणा देते हुए चराचर जगत के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। यह आने वाली पीढ़ी के लिए अमर वाक्य बनकर प्रेरणा देने का सार्वभौमिक ग्रंथ है।
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वह रविवार की शाम गीता प्रेस में आयोजित गीता जयंती समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान ने गीता की रचना सिर्फ अर्जुन के द्वंद्व को समाप्त करने के लिए ही नहीं, बल्कि समूची मानवता को कर्तव्य पथ पर चलने की प्रेरणा देने के लिए की थी। कहा कि निष्काम कर्तव्य के प्रति आग्रही होना वास्तव में भगवान का काम करने के समान है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता व अन्य धार्मिक साहित्य के प्रकाशन के लिए गीता प्रेस के संस्थापक सेठ जी जयदयाल गोयंदका ने 100 वर्ष पूर्व गीता प्रेस की स्थापना कर धार्मिक साहित्य के क्षेत्र में अद्भुत व अनुकरणीय मानक स्थापित किए। वहीं कल्याण पत्रिका के जरिये जन-जन तक सनातन संस्कृति का संवर्धन करने वाले भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार मानवीय रूप में दिव्य पुरुष थे।
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मुख्यमंत्री ने गीता प्रेस प्रबंधन का आह्वान किया कि वह शताब्दी वर्ष समारोह में 100 करोड़ धार्मिक साहित्य छापने का लक्ष्य रखे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चित्रमय सुंदरकांड का विमोचन भी किया। कार्यक्रम का संचालन गीता प्रेस के प्रबंधक लालमणि तिवारी ने किया।
इस अवसर पर गीता प्रेस के ट्रस्टी बैजनाथ अग्रवाल, कृष्ण कुमार खेमका, मुरली मनोहर सराफ, स्वामी नरहरिदास, संतोष दास, महंत रविंद्र दास आदि भी मौजूद रहे।
जीवन का सही मार्ग दिखाती है गीता: प्रो. जेपी पांडेय
गीता जयंती समारोह की अध्यक्षता करते हुए मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि गीता लाल कपड़े में लपेटकर घर के किसी कोने में रखने वाली किताब नहीं बल्कि जीवन का सही मार्ग दिखाने का जीवंत माध्यम है। हर व्यक्ति को गीता में भगवान की तरफ से दिए गए संदेशों को समझना चाहिए और उन्हें अपने जीवन में उतारना चाहिए।