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Gorakhpur Zoo: एक हफ्ते बाद भी क्रॉल से बाहर नहीं आया 'केसरी', CM ने किया था नामकरण- जानिए कौन है
Tue, 28 Jan 2025 12:14 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: रोहित सिंह
Updated Tue, 28 Jan 2025 12:14 PM IST
सार
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में 20 जनवरी को सीएम योगी ने पीलीभीत से आए बाघ, बहराइच से आए भेड़िए और हाथी गंगा प्रसाद को बाड़ में छोड़ा था। भेड़िए (भैरव व भैरवी) अब वह बाहर निकलने के लिए दिनभर में एक-दो बार ही छलांग लगा रहे हैं। इन सबके साथ रेस्क्यू हाथी सेंटर में आया गंगा प्रसाद पूरी तरह से मस्त है।
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क्रॉल के अंदर बंद बाघ
- फोटो : स्त्रोत-चिड़ियाघर
विस्तार
चिड़ियाघर के बाड़े में आने के एक हफ्ते बाद भी केसरी (पीलीभीत से आया बाघ) क्रॉल (टहलने के लिए बनाई गई बड़ी जगह) से बाहर नहीं निकल रहा। दर्शक उसे देखने के लिए आ रहे लेकिन उनके हाथ निराशा ही लग रही। जू कीपरों ने भी बाघ को निकालने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए। वह क्रॉल से दूसरे वन्यजीवों को देखकर दहाड़ रहा है।
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शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में 20 जनवरी को सीएम योगी ने पीलीभीत से आए बाघ, बहराइच से आए भेड़िए और हाथी गंगा प्रसाद को बाड़ में छोड़ा था। भेड़िए (भैरव व भैरवी) अब वह बाहर निकलने के लिए दिनभर में एक-दो बार ही छलांग लगा रहे हैं। इन सबके साथ रेस्क्यू हाथी सेंटर में आया गंगा प्रसाद पूरी तरह से मस्त है।
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भेड़िया और हाथी चिड़ियाघर के अन्य वन्यजीव की तरह ढल रहे है। भोजन करने के बाद वह बाड़े में टहल और घूम फिर रहे हैं, लेकिन बाघ में अभी तक कोई बदलाव नहीं आया। वह भोजन-पानी तो ले रहा है लेकिन बाहर नहीं निकल रहा।
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