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सीएम योगी के खास लोगों में से एक थे केबी सिंह, अब उनके बेटे ने इस वजह से कर ली आत्महत्या
Tue, 03 Mar 2020 11:50 AM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 03 Mar 2020 11:50 AM IST
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बाएं सीएम योगी, दाएं केबी सिंह का बेटा दीनदयाल। फाइल
- फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में रविवार को शहर के एक बड़ें ईंट भट्ठा कारोबारी दीनदयाल सिंह उर्फ दीनू (43) ने तरंग क्रॉसिंग के पास ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। दीनदयाल के पिता केबी सिंह बड़े कारोबारी थे। बीते दिसंबर में उनकी मौत के बाद ईंट व्यवसाय को दीनदयाल ने संभाला था।
केबी सिंह जनसंघ के कार्यकर्ता और ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष भी थे। उनकी प्रसिद्धि का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके निधन की सूचना पाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रद्धांजलि देने उनके घर गए थे। दीनदयाल सिंह के पिता केबी सिंह की मौत दिसंबर 2019 में बीमारी से हो गई थी। उनके आवास पर पांच जनवरी को पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया था।
छह भाइयों में पांचवें नंबर पर थे दीनू
दीनदयाल छह भाइयों में पांचवें नंबर पर थे। उनके बड़े भाई अर्जुन सिंह, गेंदा सिंह और छोटे भाई जितेंद्र सिंह हुमायूंपुर स्थित मकान पर रहते हैं। वे कपड़े का व्यापार करते हैं। चौथे नंबर के भाई घनश्याम सिंह सूरजकुंड में मकान बनवाकर रहते हैं। तीसरे नंबर के भाई अशोक सिंह उर्फ काली हुमायूंपुर उत्तरी स्थित गोकुल अपार्टमेंट में रहते हैं।
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केबी सिंह जनसंघ के कार्यकर्ता और ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष भी थे। उनकी प्रसिद्धि का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके निधन की सूचना पाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रद्धांजलि देने उनके घर गए थे। दीनदयाल सिंह के पिता केबी सिंह की मौत दिसंबर 2019 में बीमारी से हो गई थी। उनके आवास पर पांच जनवरी को पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया था।
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छह भाइयों में पांचवें नंबर पर थे दीनू
दीनदयाल छह भाइयों में पांचवें नंबर पर थे। उनके बड़े भाई अर्जुन सिंह, गेंदा सिंह और छोटे भाई जितेंद्र सिंह हुमायूंपुर स्थित मकान पर रहते हैं। वे कपड़े का व्यापार करते हैं। चौथे नंबर के भाई घनश्याम सिंह सूरजकुंड में मकान बनवाकर रहते हैं। तीसरे नंबर के भाई अशोक सिंह उर्फ काली हुमायूंपुर उत्तरी स्थित गोकुल अपार्टमेंट में रहते हैं।
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विवाद होने पर दीनदयाल को पिता ने नए मकान में कर दिया था शिफ्ट
पिता केबी सिंह ने जिंदा रहते ही बेटों के बीच संपत्तियों का बंटवारा कर दिया था। दीनदयाल को भट्ठे की देखभाल की जिम्मेदारी दी गई थी और उनके साथ ही काली भी काम संभालते थे। दोनों भाइयों के बीच विवाद था। दोनों गोकुल अपार्टमेंट में रहते थे। दोनों के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए पिता ने गोरखनाथ के राजेंद्रनगर में एक मकान लिया था और दीनदयाल को परिवार सहित वहां पर भेज दिया था। मगर इसके बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ था।
दर्ज हो सकता है आत्महत्या के लिए उकसाने का केस
मृत शख्स की जेब से मिले सुसाइड नोट में बड़े भाई को खुदकुशी के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। पुलिस इस सुसाइड नोट की गहनता से जांच कर रही है। मुमकिन है कि इस मामले में पुलिस वादी बनकर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज कराए।
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