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मकरसंक्रांति के दिन गोरखपुर को मिल सकती है यूपी के पहले आयुष विश्वविद्यालय की सौगात, सीएम योगी करेंगे शिलान्यास
Sat, 21 Nov 2020 01:49 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 21 Nov 2020 01:49 PM IST
सार
- मकरसंक्रांति के दिन आयुष विश्वविद्यालय के शिलान्यास की उम्मीद, सीएम ने की समीक्षा
- मलमलिया में 24.29 हेक्टेयर में बनेगा विश्वविद्यालय, 10 करोड़ रुपये भी मिल चुके हैं
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सीएम योगी आदित्यनाथ। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर में खुलने वाले प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय की आधारशिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनवरी 2021 में रखेंगे। यह परियोजना कोविड-19 की वजह से लटकी हुई थी। अब इसमें तेजी लाई गई है। मकरसंक्रांति के दिन इसके शिलान्यास की तैयारी है।
लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अफसरों को हर हाल में जनवरी के दूसरे सप्ताह तक शिलान्यास की तैयारियां पूरी कर लेने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने चरगांवा में बनने वाले वेटनरी कॉलेज का निर्माण भी जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि शिलान्यास के साथ ही आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य भी शुरू हो जाए। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि आयुष विश्वविद्यालय के लिए जरूरी भूमि की व्यवस्था कर ली गई है। जनवरी में लेटर ऑफ इंटेंट जारी हो जाएगा।
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बता दें कि शहर से सटे चौरीचौरा तहसील के मलमलिया गांव में 24.29 हेक्टेयर जमीन आयुष विभाग के नाम कर दी गई है। एम्स के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में गोरखपुर के नाम एक और उपलब्धि इस विश्वविद्यालय के बनने से जुड़ जाएगी। पिछले बजट में ही 10 करोड़ रुपये भी इसके लिए आवंटित कर दिए गए हैं।
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लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अफसरों को हर हाल में जनवरी के दूसरे सप्ताह तक शिलान्यास की तैयारियां पूरी कर लेने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने चरगांवा में बनने वाले वेटनरी कॉलेज का निर्माण भी जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है।
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मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि शिलान्यास के साथ ही आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य भी शुरू हो जाए। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि आयुष विश्वविद्यालय के लिए जरूरी भूमि की व्यवस्था कर ली गई है। जनवरी में लेटर ऑफ इंटेंट जारी हो जाएगा।
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बता दें कि शहर से सटे चौरीचौरा तहसील के मलमलिया गांव में 24.29 हेक्टेयर जमीन आयुष विभाग के नाम कर दी गई है। एम्स के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में गोरखपुर के नाम एक और उपलब्धि इस विश्वविद्यालय के बनने से जुड़ जाएगी। पिछले बजट में ही 10 करोड़ रुपये भी इसके लिए आवंटित कर दिए गए हैं।
पढ़ाई के साथ ही इलाज भी, संबद्धता दी जाएगी
यूपी में लखनऊ, वाराणसी, झांसी, प्रयागराज, बरेली, बांदा, मुजफ्फरपुर, पीलीभीत में आयुष मेडिकल कॉलेज हैं। इन सबकी संबद्धता गोरखपुर में खुल रहे पहले आयुष विश्वविद्यालय से रहेगी। यहां आयुर्वेद, योगा, यूनानी, होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा की पढ़ाई के साथ ही इन पद्धतियों से विभिन्न रोगों का इलाज भी संभव हो सकेगा। फरवरी 2020 में ही मुख्यमंत्री ने आयुष विश्वविद्यालय के लिए जगह चिह्नित होने के साथ ही आयुष विभाग के नाम 24.29 हेक्टेअर जमीन हो जाने की ट्वीट कर घोषणा की थी।
कनेक्टिविटी के लिहाज से भी जगह मुफीद
कनेक्टिविटी के लिहाज से भी चौरीचौरा तहसील के मलमलिया गांव की जमीन आयुष विश्वविद्यालय के लिए पूरी तरह मुफीद है। फोरलेन से सटा होने के साथ ही वहां से एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन तक पहुंचना आसान होगा।
कनेक्टिविटी के लिहाज से भी जगह मुफीद
कनेक्टिविटी के लिहाज से भी चौरीचौरा तहसील के मलमलिया गांव की जमीन आयुष विश्वविद्यालय के लिए पूरी तरह मुफीद है। फोरलेन से सटा होने के साथ ही वहां से एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन तक पहुंचना आसान होगा।