पराली व गोबर से भी पैसा कमाएंगे किसान: सपा पर सीएम योगी का हमला, बोले- वो बांटते थे, हम सभी को जोड़ते हैं
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार दक्षिणांचल के लोगों के विकास व आर्थिक समृद्धि के प्रति बेहद संवेदनशील है। इसी वजह से धुरियापार में बायोफ्यूल प्लांट की स्थापना की जा रही है। यहां किसान पराली व गोबर से भी पैसे कमाएंगे।
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व की सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वो (समाजवादी पार्टी) लोगों को बांटते थे, इसलिए गोरखपुर के दक्षिणांचल में कम्हरिया घाट पर पुल का विरोध करते थे। हम सभी को जोड़ते हैं, इसलिए इस घाट पर पुल बनवाकर दे दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र में फोरलेन का दूसरा पुल भी बनाने जा रही है।
मुख्यमंत्री, बृहस्पतिवार को दोपहर बाद सरयू (घाघरा) नदी के कम्हरिया घाट पर बने करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे पुल का लोकार्पण करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। 194 करोड़ की लागत से बने इस पुल से गोरखपुर से प्रयागराज की दूरी करीब 80 किलोमीटर कम हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समय कम्हरिया घाट पर पुल की मांग को लेकर आंदोलन हो रहा था, उस समय संसद चल रही थी। सरयू मां की कृपा से तब एक बड़ी घटना होने से बच पाई थी। आंदोलन को दबाने के लिए तत्कालीन सपा सरकार ने तमाम अत्याचार किए। तब इस मुद्दे को उन्होंने देश की संसद में उठाया था, देश के सामने इस तथ्य को रखा था कि विकास से कोसों दूर गोरखपुर के दक्षिणांचल के लिए इस पुल का निर्माण कितना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कम्हरिया घाट पर पुल बन जाने से प्रयागराज, आंबेडकर नगर, आजमगढ़ आदि जनपदों की दूरी बहुत सीमित हो जाएगी। बेलघाट, सिकरीगंज और आसपास का यह क्षेत्र गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के साथ भी जुड़कर अब विकास संग कदमताल करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दक्षिणांचल सांस्कृतिक रूप से बेहद समृद्ध है। क्षेत्र में पड़ने वाले रामजानकी मार्ग को पूर्व की सरकारों ने भुला दिया था। हमारी सरकार जनकपुर से अयोध्या तक को जोड़ रही है और इसके बीच दक्षिणांचल क्षेत्र भी बेहद महत्वपूर्ण है।
पराली व गोबर से भी पैसा कमाएंगे किसान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार दक्षिणांचल के लोगों के विकास व आर्थिक समृद्धि के प्रति बेहद संवेदनशील है। इसी वजह से धुरियापार में बायोफ्यूल प्लांट की स्थापना की जा रही है। यहां किसान पराली व गोबर से भी पैसे कमाएंगे।
स्वावलंबन का आधार बनेगी प्राकृतिक खेती
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी की मंशा है कि हमारे किसान आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हासिल करें, स्वावलंबी बनें। इसके लिए हमें प्राकृतिक खेती की तरफ अग्रसर होना होगा। सीएम ने कहा कि मेरा मानना है कि हमारे खेतों में चार गुना उत्पादन की क्षमता है, लेकिन तकनीकी की जानकारी के अभाव में उस क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। यदि हम प्राकृतिक खेती को तकनीकी के साथ जोड़कर आगे बढ़ेंगे तो जहां एक एकड़ में 10 क्विंटल धान की उपज होती है वहां 40 से 45 क्विंटल धान उपजाया जा सकेगा। प्राकृतिक खेती अपनाने से केमिकल फर्टिलाइजर व पेस्टिसाइड पर खर्च शून्य होगा। कम लागत पर अधिक उत्पादन होगा और कुल मिलाकर प्राकृतिक खेती स्वावलंबन का आधार बनेगी।
कम्हरिया घाट के आसपास का क्षेत्र बनेगा प्राकृतिक खेती का हब
सीएम योगी ने कम्हरिया घाट के आसपास के क्षेत्र को प्राकृतिक खेती का हब बनाने की मंशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सब्जी और दूध उत्पादों को कम्हरिया घाट पुल के माध्यम से देश के अन्य हिस्सों व दुनिया के देशों में पहुंचाया जाएगा।
दक्षिणांचल में बहेगी औद्योगिक विकास की बयार
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दक्षिणांचल के औद्योगिक विकास का खाका भी खींचा। कहा कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे बनने वाला औद्योगिक गलियारा विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। गीडा से लेक बेलघाट, धुरियापार तक औद्योगिक विकास होगा। नौजवानों को यहीं पर रोजगार मुहैया होगा। सीएम ने कहा कि इस क्षेत्र के विकास के लिए वृहद कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। मुख्यमंत्री ने लिंक एक्सप्रेसवे के लिए किसानों के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया कि उन्होंने कोई विवाद नहीं किया बल्कि विकास के लिए अपनी जमीन दे दी।
पीएम मोदी के पंच प्रण को जीवन में उतारने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट काल में जब पूरी दुनिया पस्त हो गई थी तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती से खड़ा रहा। आज भारत दुनिया की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है और उसमें उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तर प्रदेश को समृद्ध प्रदेश बनाना है तो इसमें सबको सहभागी बनना होगा। भारत को विश्व की सबसे बड़ी ताकत बनाने के लिए पीएम मोदी के हाथों को मजबूत करते हुए हमें स्वतंत्रता दिवस पर उनके द्वारा दिए गए पंच प्रण को जीवन में अपनाना पड़ेगा। यदि हम ऐसा कर सके तो अगले 25 वर्ष के अमृत काल में भारत, दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति होगा।
हर ग्राम पंचायत व निकाय को आत्मनिर्भर बनाने की मंशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को विश्व की सबसे बड़ी महाशक्ति बनाने के लिए हर ग्राम पंचायत व निकाय को आत्मनिर्भर बनाना होगा। इसकी शुरुआत गांव से करनी होगी। सभी गांव व निकाय स्वावलंबन की ओर चलें। सार्वजनिक भूमि का बेहतर विकास करते हुए गांव के पैसे का सदुपयोग गांव में करें।
स्मार्ट गांव से ही स्मार्ट बनेंगे प्रदेश व देश
मुख्यमंत्री ने सरकार की तरफ से ग्राम पंचायतों व निकायों में कराए जा रहे विकास व कायाकल्प के कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि गांव-गांव अमृत सरोवर बन रहे हैं। ग्राम सचिवालय बन रहे हैं। गांव को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जा रहा है। गांव पर ही विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों को देने की सुविधा दी जा रही है। सरकार हर गांव को स्मार्ट बनाने में जुटी है। यदि हमारे गांव स्मार्ट बन गए तो फिर जनपद, प्रदेश और देश को स्मार्ट बनने में देर नहीं लगेगी। दुनिया यहां नौकरी खोजने आएगी।
विकास की आभा से निखरा नया गोरखपुर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया गोरखपुर विकास की आभा से निखरा हुआ है। 1990 में यहां खाद कारखाना बंद हो गया था जिस पर 2016 तक किसी सरकार ने निर्णय नहीं लिया। पीएम मोदी ने इसे फिर से चलाया है। आज गोरखपुर में एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी की सुविधाएं हैं। हर इलाज गोरखपुर में उपलब्ध है। गोरखपुर में चिड़ियाघर है तो मुंबई की चौपाटी व मरीन ड्राइव सा खूबसूरत रामगढ़ताल भी। सीएम योगी ने कहा कि जिस क्षेत्र में इंसेफेलाइटिस से प्रतिवर्ष हजारों मौतें होती थी, वहां पांच साल में ही सरकार ने इसे नियंत्रित कर लिया है। इससे होने वाली मौतों में 95 फीसदी तक की कमी आई है। बीच में कोरोना का प्रभाव नहीं होता तो शेष 5 फीसदी पर भी नियंत्रण पा लिया गया होता।
युवा भाजपा कार्यकर्ता को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने युवा भाजपा कार्यकर्ता व बेलघाट के प्रमुख प्रतिनिधि सूर्य प्रकाश सिंह कौशिक को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कहा कि कौशिक छात्र जीवन से ही संघर्षशील छवि के थे। सूर्य प्रकाश सिंह कौशिक का पिछले दिनों आकस्मिक निधन हो गया था।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुल का उद्घाटन, निरीक्षण भी किया
मुख्यमंत्री ने कम्हरिया घाट पर बने पुल का उद्घाटन करने से पूर्व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से पूजन किया। फीता काटकर उद्घाटन करने के बाद वाहन में सवार होकर पुल का निरीक्षण भी किया। मंच से बटन दबाकर पुल निर्माण के शिलापट का अनावरण किया।
लाभार्थियों को मिला सम्मान
सीएम योगी ने मंच से पीएम आवास योजना, सीएम आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, भवन सन्निर्माण कर्मकार योजना, महिला स्वयंसेवी समूह के कुछ लाभार्थियों व प्रगतिशील किसानों को प्रतीकात्मक चाबी, स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र आदि प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया।
पुल के लिए संघर्ष करने वालों को दिया सम्मान
कम्हरिया घाट पर पुल के लिए लंबा आंदोलन चला था। सपा शासन में वर्ष 2013 में जल सत्याग्रह और जल समाधि तक कि स्थिति सुर्खियों में रही थी। मुख्यमंत्री योगी ने इसके लिए आंदोलन करने वाले संघर्ष वीरों को जमकर शाबासी दी। अपने संबोधन में उन्होंने कम्हरिया घाट पुल के लिए आंदोलन करने वाले भिखारी प्रजापति, सतवंत सिंह, शिवाजी चंद समेत सभी के नामों का उल्लेख करते हुए उनके संघर्ष को सम्मान दिया। कहा कि जब अच्छी सरकार होती है तो प्रशासन भी उसी के अनुरूप कार्य करता है। आज सकारात्मक सोच की सरकार है तो प्रशासन आपके स्वागत में पलक-पांवड़े बिछाकर खड़ा है।
सीएम योगी की दृढ़ इच्छाशक्ति की देन है कम्हरिया घाट पर पुल : जितिन प्रसाद
लोकार्पण समारोह के दौरान प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि कम्हरिया घाट पर पुल का निर्माण मुख्यमंत्री योगी की दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते ही हो पाया है। यह पुल, क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी सौगात है। इसके जरिए आवागमन तो सहज होगा ही उद्योग व व्यवसाय को बढ़ावा मिलने से क्षेत्र का कायाकल्प हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, प्रदेश के 25 करोड़ लोगों की आशाओं की पूर्ति कर रहे हैं। समारोह में स्वागत संबोधन संतकबीर नगर के सांसद प्रवीण निषाद व खजनी के विधायक श्रीराम चौहान ने किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष व एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक महेंद्र पाल सिंह, विपिन सिंह, राजेश त्रिपाठी, गणेश चौहान, ब्लाक प्रमुख बेलघाट पूजा सिंह कौशिक, भाजपा जिला अध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह आदि मौजूद रहे।
20 लाख आबादी को मिलेगा लाभ
कम्हरिया घाट (सिकरीगंज-बेलघाट-लोहरैया-शंकरपुर-बाघाड़) पर पुल का निर्माण 193 करोड़, 97 लाख, 20 हजार रुपये की लागत से हुआ है। घाट के एक तरफ गोरखपुर और दूसरी तरफ अंबेडकरनगर जनपद स्थित है। इस घाट पर पुल की मांग क्षेत्र के लोग लंबे समय से कर रहे थे। कारण, पुल के अभाव में इन दोनों जिलों के बीच की दूरी 60 किलोमीटर बढ़ जाती थी। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड ने 1412.45 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण जून 2022 में पूर्ण करा दिया । इस पुल से करीब 500 गांवों और 20 लाख की आबादी लाभान्वित होगी।
कई जिलों के लिए आवागमन होगा आसान
पुल के बन जाने से गोरखपुर, आंबेडकरनगर, आजमगढ़ और संतकबीरनगर के बीच इंटर कनेक्टिविटी सहज हो गई है। इन जिलों के साथ ही जौनपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर की यात्रा के लिए भी दूरी काफी कम हो गई है। इससे लोगों के समय व ईंधन की बचत होगी। सबसे बड़ी सहूलियत आस्था की नगरी प्रयागराज जाने वाले लोगों को होगी। कम्हरिया घाट पुल से होकर जाने में गोरखपुर से प्रयागराज की दूरी 280 किलोमीटर की बजाय अब सिर्फ 200 किलोमीटर होगी।