डबल मर्डर में गिरफ्तारी को लेकर सड़क जाम कर रहे थे ग्रामीण, समझाने पहुंची पुलिस से हुई झड़प
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पुलिस के जाने के बाद ग्रामीणों ने सड़क पर जमकर बवाल काटा। इस दौरान सीओ कैंट, इंस्पेक्टर खोराबार की गाड़ियां तोड़ दी गईं। पथराव से रोडवेज की चार बसें और दो प्राइवेट कार भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
उधर, सूचना पर एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ, एसपी नार्थ अरविंद पांडेय पिपराइच, झंगहा, चौरीचौरा और कैंट पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर ग्रामीणों को खदेड़ा और शाम करीब पांच बजे आवागमन शुरू कराया। पुलिस ने पथराव के आरोप में दस लोगों को हिरासत में लिया है।
पथराव हुआ तो पुलिस को एक किमी पीछे हटना पड़ा
कुसम्ही बाजार प्रतिनिधि से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार की दोपहर ढाई बजे के करीब दिवाकर के घरवाले और ग्रामीण सड़क पर आ गए। वह हत्यारों के गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसी बीच ग्रामीण यह भी आरोप लगाने लगे कि पुलिस रुपये लेकर मामले को रफा दफा करना चाहती है। साढ़े तीन बजे के करीब पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की।
सीओ कैंट सुमित शुक्ला भी पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश करने लगे। मगर भीड़ उग्र हो गई और लोग पुलिस पर चूड़ियां फेंकने लगे। फिर एकाएक पथराव शुरू कर दिया। पुलिस वाले कुछ समझ नहीं पाए और उन्हें करीब एक किलोमीटर तक पीछे भागना पड़ा।
इस दौरान गुस्साएं लोगों ने सीओ कैंट, इंस्पेक्टर खोराबार की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके साथ ही रोडवेज की बसों पर भी पथराव करने लगे। दो प्राइवेट कार पर भी ईंट फेंके गए और शीशा क्षतिग्रस्त हो गया।
बसों पर पथराव से यात्रियों में मची चीख-पुकार
अचानक बसों पर पथराव होने की वजह से उसमें सवार यात्री भी कुछ समझ नहीं पा रहे थे और चीख-पुकार मच गई। वहां पर मौजूद कुछ ग्रामीणों और पुलिसवालों ने किसी तरह से यात्रियों को सुरक्षित निकाला। वहीं दो प्राइवेट कार वाले कार छोड़कर भाग गए। मौके पर एसएसपी के पहुंचने के बाद पुलिस टीम सक्रिय हुई और ग्रामीणों को खदेड़ा जा सका।