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अजब-गजब: मुर्दे ही नहीं नेपाल के नागरिक भी ले रहे पेंशन, ऐसे हो रहा है काम में धांधली

Thu, 20 Feb 2020 03:21 PM IST
vivek shukla संजय कुमार पांडेय, महराजगंज।
संजय कुमार पांडेय, महराजगंज। Published by: vivek shukla Updated Thu, 20 Feb 2020 03:21 PM IST
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citizens of Nepal are taking pension in Maharajganj
MaharajGanj - फोटो : अमर उजाला।
निचलौल विकास खंड क्षेत्र के सिधावें गांव में सरकार की योजनाओं में धांधली देख कर कोई चौक जाएगा। यहां पात्रता को दरकिनार कर योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। यहां शादी के बाद विधवा पेंशन दिया जा रहा है। यहीं नेपाल में रहने के बाद भी भारत के इस गांव से लाभार्थी को पेंशन मिल रहा है। सरकार की ओर से दिए जाने वाले विधवा व विकलांग पेंशन योजनाओं में खुब धांधली हुई है। जिम्मेदारों द्वारा कई बार भौतिक सत्यापन भी हुआ। लेकिन अपात्रों को सूची से नाम बाहर नहीं निकाला गया। विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से पेंशन के नाम पर सरकारी रकम का खूब दुरुपयोग किया गया है।
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प्रहलाद बताते है कि वह विकलांग हैं। उनका जिम्मेदारों द्वारा विकलांग पेंशन भी बनवाया गया है। पेंशन का रकम भी मिलता है। लेकिन उनके पेंशन में पूरा पता उनके ग्राम पंचायत की जगह दूसरे ग्राम पंचायत संडा खुर्द दर्ज कर दिया गया है। गांव के रामबचन, रामनयन, विशुननरायन, अयोध्या व अभिषेक का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण इस तरह की धांधली है। इसकी जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।
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केस नंबर एक-
सिधावें कह रहने वाली गायत्री देवी की पति बृजमोहन की मौत के बाद उनके नाम से विधवा पेंशन बनाया गया। जिसके बाद उनका पेंशन का रकम गायत्री देवी व लड़के प्रमोद की ज्वाइंट खाता में आने लगा। वही कुछ वर्ष बाद पेंशन धारक गायत्री की मौत हो गई। लेकिन पेंशन सूची सत्यापन के बाद भी उनका नाम सूची से बाहर नहीं निकाला गया। जिसके कारण आज भी मृतक गायत्री व उनके लड़के प्रमोद के ज्वाइंट खाता नगर सहकारी बैंक में पेंशन का रकम आ रहा है।
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केस नंबर दो-
गुड्डी देवी के पति चंद्रेश की मौत के बाद उनका भी विधवा पेंशन बनाया गया। जिसके कुछ वर्ष बाद गुड्डी दूसरी शादी कर ली। उसके बाद नेपाल राष्ट्र के नवलपरासी जिला अंतर्गत गांव परसिया में रहने लगी। वह बीते करीब आठ वर्षों से नेपाल में अपने पति के पास रह रही है। लेकिन पेंशन का लालच उन्हें अभी भी है। इनका विधवा पेंशन का रकम अभी भी सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में आता है।

केस नंबर तीन-
सुमंता देवी व निर्मला देवी के पति के मौत के बाद इन दोनों महिलाओं का भी विधवा पेंशन बनवाया गया। लेकिन कुछ समय बाद सुमंता व निर्मला अपने मृत पति के छोटे भाई से शादी कर ली। शादी के करीब सात वर्ष बाद भी इन दोनों महिलाओं को विधवा पेंशन का लालच नहीं छोड़ा है। आज भी इन दोनों महिलाओं को पेंशन का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बैंक में आता है।

केस नंबर चार-
कमला देवी के पति जगदीश के मौत के बाद उनका भी विधवा पेंशन बना। लेकिन कमला देवी अपने पति जगदीश के मौत के बाद अपने मायके अमरुतिया में करीब दस वर्ष रह रही हैं। लेकिन जिम्मेदारों द्वारा कई बार सत्यापन के बाद भी उनका नाम पेंशन सूची से बाहर नहीं निकाला गया। जिसके कारण आज भी उनको पेंशन का रकम नगर सहकारी बैंक में आता है।


जांच कर होगी कार्रवाई-बीडीओ
निचलौल बीडीओ परमेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि ऐसे मामले की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा मामला है, तो जांच कर सूची से उनका नाम बाहर किया जाएगा। साथ ही दोषियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ दिया जा जाएगा।
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