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Raksha Bandhan 2020: बहनों ने कहा- 'राखी देसी ही चाहिए, न हो तो रक्षासूत्र दे दें'

Fri, 31 Jul 2020 08:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Fri, 31 Jul 2020 08:15 AM IST
सार

  • शहर में दुकानदारों से बोलीं बहनें, चीन में बनी राखी अब और नहीं
  • बेतियाहाता और गोलघर क्षेत्र की दुकानों से की खरीदारी

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chinease rakhi are not allowed uses only local product
राखी की दुकान पर ग्राहक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तीन अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और नेह की डोर पर्व से जुड़ती है। ऐसे में बृहस्पतिवार को शहर में खरीदारी करने के लिए बहनें घर से बाहर निकलीं।

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उन्होंने दुकानदारों से साफ कहा कि इस बार वे अपने भाई की कलाई पर देसी राखी ही बांधेंगी। अगर उनके पास यह नहीं हो तो वे रक्षासूत्र ही दे दें। वे उसी स्नेह से इसे ही बांध देंगी पर चीन में बनी राखियों को बर्दाश्त नहीं करेंगी।
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शहर के चार थानाक्षेत्र में लॉकडाउन लगा है। ऐसे में बहनें और अन्य लोग कैंट थानाक्षेत्र के गोलघर स्थित राखियों की दुकानों पर पहुंच रहे हैं। ज्यादातर लोग देश में बनाई गई देसी राखियों को ही तवज्जो दे रहे हैं।
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बेतियाहाता की मधु ने बताया कि इस बार घर में सभी लोगों ने अपने देश में बनाई राखियों को खरीदने का मन बनाया है। अगर यह नहीं मिलती है तो रक्षासूत्र भाई की कलाई पर बांध देंगे। दुकानदार सोनू ने बताया कि बाजार में चावल वाली राखी 10 से लेकर 20 रुपये तक, स्टोन वाली राखी 10 से 150 रुपये तक, कार्टून राखी पांच से लेकर 50 रुपये तक में मिल रही है।


इसके अलावा मौली राखी पांच से लेकर 20 रुपये तक, थाली रक्षा रोल राखी 30 से 150 रुपये तथा रुद्राक्ष वाली राखी पांच से 25 रुपये तक में बिक रही है। दुकानदार ज्ञान ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से इस बार कारोबार में मंदी है। ज्यादातर राखियों को बाहर भेजा नहीं गया है। पिछले साल दो हफ्ते पहले से ही दुकानों पर राखियों को खरीदने के लिए भीड़ लग जाती थी इस बार ऐसा नहीं है।

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