फीस जमा नहीं कराने पर ऑनलाइन पढ़ाई से बाहर नहीं किए जाएंगे बच्चे, यहां देखें पूरी गाइडलाइन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनलॉक-2 में शैक्षणिक सत्र को नियमित रखने के लक्ष्य से सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड से संचालित सभी माध्यमिक विद्यालय छह जुलाई से खुलेंगे। इस दौरान स्कूल प्रबंधन अगले सत्र से जुड़े प्रवेश कार्य के लिए शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को बुला सकेंगे। स्कूल की मासिक फीस भी इस दौरान जमा करा सकेंगे।
यह जरूर है कि प्रबंधन अभिभावकों पर इसके लिए कोई दबाव नहीं बना सकेंगे। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई या टेस्ट से बाहर नहीं किया जाएगा। शासन की इसपर नजर होगी। शासन की ओर से इस संबंध में गाइडलाइन भी जारी की गई है।
जिले में सीबीएसई, आईसीएसई और यूूपी बोर्ड से संचालित स्कूलों की संख्या 621 है। शासन ने स्पष्ट किया है कि छह जुलाई के बाद जल्द ही शिक्षक और अभिभावक संघ की बैठक की जाए। ऑनलाइन पठन-पाठन को बढ़ावा देने की दिशा में काम हो। कक्षावार समय सारिणी बनाकर 15 जुलाई तक ऑनलाइन शिक्षण कार्य शुरू करा दिया जाए। ऑनलाइन शिक्षण प्रणाली के प्रभावी संचालन के लिए वेबिनार और ऑनलाइन ट्यूटोरियल आदि के माध्यम से शिक्षकों, विद्यार्थियों, प्रधानाचार्यों को प्रशिक्षित किया जाए।
सक्षम प्राथमिकता से जमा कराएं फीस
शासन ने स्पष्ट किया है कि नियमित वेतन पाने वाले, सरकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं अन्य अभिभावक जो इनकम टैक्स जमा करते हों वे प्राथमिकता के आधार पर मासिक फीस जमा करा दें। शासन के संज्ञान में आया है कि ये लोग भी आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों की आड़ में फीस जमा नहीं कर रहे हैं।
लिखित दें, क्यों नहीं जमा करा रहे फीस
शासन ने कहा है कि जो अभिभावक फीस नहीं जमा करा पा रहे हों, वे लिखित प्रार्थना पत्र अपनी आर्थिक कठिनाईयों को दर्शाते हुए स्कूल के प्रबंधन या प्रधानाचार्य को दें। इसपर सकारात्मक रूप से विचार करते हुए आसान किस्तों में शुल्क लिया जाए। यदि अभिभावक शुल्क न दे सकें तो उसके बच्चे को ऑनलाइन क्लास से बाहर न किया जाए। न तो नाम काटा जाए।
स्कूलों की संख्या
सीबीएसई- 111
आईसीएसई- 19
यूपी बोर्ड -491
इन नियमों का करना होगा पालन
- प्रतिदिन नियमित रूप से विद्यालय भवन, फर्नीचर को सैनिटाइज कराया जाए।
- छह फीट की दूरी, मास्क लगाना अनिवार्य होगा, विद्यालय आने वाले लोगों की प्रवेश से पूर्व थर्मल स्कैनिंग की जाएगी।
- कोरोना संक्रमण को लेकर जारी होने वाली सभी गाइडलाइन का पालन होगा।
- परिवहन शुल्क नहीं लिया जाएगा, फीस वृद्धि नहीं की जाएगी।
- मासिक फीस जमा कराई जा सकेगी,
- वित्त विहीन विद्यालयों के प्रबंधकों की ओर से शिक्षकों और कार्मिकों को समय से वेतन का भुगतान किया जाए।