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Exclusive: कोरोना पर भारी पड़ रहा बच्चों का दम, 99 फीसदी घर पर ही हो गए स्वस्थ
Tue, 18 Jan 2022 01:29 PM IST
vivek shukla
नीरज मिश्रा, गोरखपुर।
नीरज मिश्रा, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 18 Jan 2022 01:29 PM IST
सार
विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर को बच्चों के लिए अधिक खतरनाक बताया था। फिलहाल किसी भी संक्रमित बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : PTI
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विस्तार
गोरखपुर में आशंका के विपरीत बच्चों और किशोरों के आगे कोरोना बेदम साबित हो रहा है। पहली, दूसरी और तीसरी लहर को मिलाकर, अब तक 10 साल तक के 1,543 बच्चे कोरोना संक्रमण का शिकार हुए हैं। इनमें से 99 प्रतिशत बच्चे होम आइसोलेशन में स्वस्थ हो गए। जबकि विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर को बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक बताया था।
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जानकारी के मुताबिक, एक जनवरी से जिले में कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला शुरू हुआ। प्रतिदिन लगभग 300 संक्रमित मिल रहे हैं। 17 दिनों में एक्टिव मरीजों का आंकड़ा तीन हजार के आसपास पहुंच गया है। इनमें 10 साल के संक्रमित बच्चों की संख्या महज 30 है।
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राहत की बात यह भी है कि इन बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी। होम आइसोलेशन में रहकर इन्होंने कोरोना को मात दे दी। तीनों लहर में जितने भी बच्चे अब तक संक्रमित मिले, उनमें से महज एक प्रतिशत को ही अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी। तीनों लहर के दौरान जिन चार मासूमों की मौत हुई, उनमें दूसरी बीमारियों के भी लक्षण थे।
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सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि तीसरी लहर में अब तक संक्रमण का असर, बच्चों पर ज्यादा देखने को नहीं मिला है। यह राहत की बात है। हालांकि, इस बार युवाओं में संक्रमण का असर, ज्यादा देखने को मिल रहा है, लेकिन मरीज होम आइेसोलेशन में ही ठीक हो जा रहे हैं।