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नई पहलः भाषा और गणित के पैमाने पर तौली जाएगी बच्चों के सीखने की क्षमता

Wed, 16 Sep 2020 04:07 PM IST
vivek shukla विवेक सिंह, गोरखपुर।
विवेक सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 16 Sep 2020 04:07 PM IST
सार

  • परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से पांचवीं के विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता का होगा आकलन
  • कक्षा एक के विद्यार्थी की भाषा का ज्ञान 20 शब्द प्रति मिनट होना चाहिए

 

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Children learning ability will be weighed on scale of language and mathematics
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता को सुधारने के लिए शासन की ओर से तरह तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता का नया पैमाना निर्धारित किया है। अब कक्षा पांच तक के बच्चों के मूल्यांकन का आधार भाषा और गणित होगी। इसे लेकर शासन का आदेश गोरखपुर के बेसिक शिक्षा विभाग में पहुंच गया है।

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आदेश के मुताबिक भाषा विषय में कक्षा एक के बच्चे को निर्धारित सूची में पांच शब्दों को पहचानने की क्षमता होनी चाहिए। कक्षा दो के छात्र को भाषा की किताब में 20 शब्द प्रति मिनट पढ़ने की क्षमता, कक्षा तीन के छात्र में 30 शब्द प्रति मिनट पढ़ने की क्षमता, कक्षा चार के बच्चे में किताब का छोटा पैरा पढ़कर 75 प्रतिशत प्रश्नों का सही जवाब देने की क्षमता तथा कक्षा पांच के छात्र में बड़ा पैरा पढ़कर 75 प्रतिशत सवालों के सही जवाब देने की क्षमता का मानक बना है।
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कोरोना संक्रमण काल के बाद हालात सामान्य होने पर विद्यालय खुलने के पूर्व विभागीय मानक चौक चौबंद किए जा रहे हैं। शिक्षकों का मूल्यांकन भी बच्चों की योग्यता के आधार पर होगा। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों से भी इस पर सवाल-जवाब हो सकता है।

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गणित के लिए यह होंगे मानक

गणित विषय में कक्षा एक के छात्र को निर्धारित सूची में पांच संख्याएं सही पढ़ने की क्षमता, कक्षा दो के छात्र को एक अंक का जोड़ना और घटाना आना चाहिए। कक्षा तीन के छात्र को हासिल वाले जोड़ और घटाने के सवाल 75 प्रतिशत हल करने की क्षमता का मानक है। कक्षा चार के छात्र को गुणा के 75 प्रतिशत सवाल हल करने का मानक तय हैं। कक्षा पांच के छात्र के लिए भाग के 75 प्रतिशत सवाल हल करने का मानक तय किया गया है।

शिक्षकों को मानक रखने होंगे याद
सर्व शिक्षा विभाग से जारी किए गए दिशा निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यह मानक बच्चों के साथ शिक्षक और विभागीय अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों को याद होना चाहिए। अगर कोई अधिकारी स्कूल का निरीक्षण करता है, तो उसे इसी मानक के आधार पर बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता का आंकलन करना होगा। कक्षा एक से पांच तक के बच्चों में गणित एवं भाषा का ज्ञान बेहतर करने के लिए कवायद की जा रही है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने कहा कि शासन की ओर से भाषा और गणित के आधार पर बच्चों के सीखने की क्षमता के आकलन की व्यवस्था की जा रही है। प्रेरणा लक्ष्य की प्रतिलिपि सभी खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से स्कूलों में भेज दी गई है।
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