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यूपी: सीएम योगी ने चरगावां और जंगल कौड़िया सीएचसी को लिया गोद, दोनों जगह अब बढ़ाए जाएंगे संसाधन
Wed, 09 Jun 2021 12:13 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 09 Jun 2021 12:13 AM IST
सार
सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि इसे लेकर शासन की ओर से पत्र मिला है। सीएम के गोद लिए दोनों अस्पतालों को तैयार किया जा रहा है। इन अस्पतालों के संसाधनों में कई खामियां थी। जिन्हें आनन-फानन दूर किया जा रहा है।
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फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चरगांवा और जंगल कौड़िया सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ) को गोद लेने का फैसला लिया है। इन दोनों सीएचसी में अब संसाधन बढ़ाए जाएंगे। इसे लेकर शासन से सीएमओ को निर्देश भी मिले हैं। दोनों अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसके अलावा सीएम ने वाराणसी के सीएचसी हाथी बाजार और सीएचसी मसौधा अयोध्या को भी गोद लिया है।
सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि इसे लेकर शासन की ओर से पत्र मिला है। सीएम के गोद लिए दोनों अस्पतालों को तैयार किया जा रहा है। इन अस्पतालों के संसाधनों में कई खामियां थी। जिन्हें आनन-फानन दूर किया जा रहा है।
इन अस्पतालों के डॉक्टरों के साथ स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की बैठक भी की गई है। सभी डॉक्टरों को समय पर अस्पताल पहुंचने की हिदायत दी गई है। सीएमओ ने बताया कि जो भी संसाधन कम होंगे, अब उन्हें दूर किया जाएगा। इसका ब्लू प्रिंट भी तैयार किया जा रहा है।
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30-30 बेड की है सीएचसी, संचालित होगी इमरजेंसी
सीएमओ ने बताया कि दोनों अस्पताल 30-30 बेड के हैं। दोनों में डॉक्टरों की तैनाती हैं। इन अस्पतालों में पीएचसी के प्रभारियों को ही सीएचसी की कमान सौंप दी गई है। दोनों अस्पतालों में सर्जन, फिजीशियन, एनेस्थिसिया विशेषज्ञ और गायनोलॉजिस्ट तैनात होंगी। अस्पतालों में इमरजेंसी संचालित होने के साथ ही सिजेरियन की सुविधा भी दी जाएगी। दोनों ही सीएचसी पर ओपीडी शुरू हो गई है। जल्द ही मरीजों की भर्ती भी शुरू होगी।
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सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि इसे लेकर शासन की ओर से पत्र मिला है। सीएम के गोद लिए दोनों अस्पतालों को तैयार किया जा रहा है। इन अस्पतालों के संसाधनों में कई खामियां थी। जिन्हें आनन-फानन दूर किया जा रहा है।
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इन अस्पतालों के डॉक्टरों के साथ स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की बैठक भी की गई है। सभी डॉक्टरों को समय पर अस्पताल पहुंचने की हिदायत दी गई है। सीएमओ ने बताया कि जो भी संसाधन कम होंगे, अब उन्हें दूर किया जाएगा। इसका ब्लू प्रिंट भी तैयार किया जा रहा है।
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30-30 बेड की है सीएचसी, संचालित होगी इमरजेंसी
सीएमओ ने बताया कि दोनों अस्पताल 30-30 बेड के हैं। दोनों में डॉक्टरों की तैनाती हैं। इन अस्पतालों में पीएचसी के प्रभारियों को ही सीएचसी की कमान सौंप दी गई है। दोनों अस्पतालों में सर्जन, फिजीशियन, एनेस्थिसिया विशेषज्ञ और गायनोलॉजिस्ट तैनात होंगी। अस्पतालों में इमरजेंसी संचालित होने के साथ ही सिजेरियन की सुविधा भी दी जाएगी। दोनों ही सीएचसी पर ओपीडी शुरू हो गई है। जल्द ही मरीजों की भर्ती भी शुरू होगी।
पीएचसी पर होता था इलाज, सीएचसी पर सुविधाएं न के बराबर
बताया जा रहा है कि इन दोनों अस्पतालों में सीएचसी के बजाए पीएचसी पर ज्यादा समय डॉक्टर व कर्मचारी देते थे। अधिकारियों के बार-बार निर्देश के बाद भी सीएचसी पर जाने से डॉक्टर कतराते थे। दोनों अस्पतालों में डॉक्टर व कर्मचारियों में अक्सर विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती थी। हाल ही में जंगल कौड़िया में एएनएम और डॉक्टर के बीच विवाद भी हुआ था। मामला थाने तक पहुंचा था। जबकि चरगावां सीएचसी पर गुटबाजी चरम पर है।
यहां कई गुट बने हैं। इस वजह से दोनों अस्पतालो से शिकायतों का अंबार अधिकारियों के पास लगा रहता है। दोनों अस्पतालों में उपर तक पहुंच वाले डॉक्टर व कर्मचारी तैनात हैं। इन्हें विभाग के एक बड़े अधिकारी शह भी देते हैं। बताया जाता है कि रोगी कल्याण निधि में सबसे अधिक रकम दोनों सीएचसी को दिया जाता है।
यहां कई गुट बने हैं। इस वजह से दोनों अस्पतालो से शिकायतों का अंबार अधिकारियों के पास लगा रहता है। दोनों अस्पतालों में उपर तक पहुंच वाले डॉक्टर व कर्मचारी तैनात हैं। इन्हें विभाग के एक बड़े अधिकारी शह भी देते हैं। बताया जाता है कि रोगी कल्याण निधि में सबसे अधिक रकम दोनों सीएचसी को दिया जाता है।