{"_id":"6502763f05f3395a840c8c9a","slug":"chief-material-manager-of-north-eastern-railway-had-threatened-contractor-pranav-tripathi-cbi-arrested-2023-09-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रेलवे अफसर रिश्वतखारी कांड: सात लाख दो वरना कर दूंगा ब्लैक लिस्ट... धमकी के बाद ही प्रणव ने खोला जोशी का खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे अफसर रिश्वतखारी कांड: सात लाख दो वरना कर दूंगा ब्लैक लिस्ट... धमकी के बाद ही प्रणव ने खोला जोशी का खेल
Thu, 14 Sep 2023 10:10 AM IST
शाहरुख खान
रोहित सिंह, गोरखपुर।
रोहित सिंह, गोरखपुर।
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 14 Sep 2023 10:10 AM IST
सार
Bribe Case in Up: पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक ने फर्म को ब्लैक लिस्ट करने के लिए ठेकेदार को दो बार लिखा था। दोनों बार फर्म के प्रोपराइटर से केसी जोशी ने लिखित में जवाब मांगा था। 15 सितंबर को अंतिम मौका देकर सात लाख रुपये की रिश्वत के लिए धमकाया था। खुद की फर्म को बचाने के लिए प्रणव ने सबूतों के साथ सीबीआई से शिकायत की और केसी जोशी को घूस लेते रंगेहाथ पकड़वा दिया।
विज्ञापन
रेलवे अफसर रिश्वतखारी कांड
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक केसी जोशी को रिश्वत लेते पकड़वाने वाले शिकायतकर्ता प्रणव त्रिपाठी की फर्म मेसर्स सूक्ति एसोसिएट 15 सितंबर को ब्लैक लिस्ट होने वाली थी। प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक ने फर्म को 23 अगस्त और 5 सितंबर को काली सूची में डालने के लिए जेम पोर्टल पर लिख दिया था।
दोनों बार फर्म के प्रोपराइटर से केसी जोशी ने लिखित में जवाब मांगा था। 15 सितंबर को अंतिम मौका देकर सात लाख रुपये की रिश्वत के लिए धमकाया था। खुद की फर्म को बचाने के लिए प्रणव ने सबूतों के साथ सीबीआई से शिकायत की और केसी जोशी को घूस लेते रंगेहाथ पकड़वा दिया।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर दो बजे ही शिकायतकर्ता प्रणव त्रिपाठी केसी जोशी के सरकारी के आवास पर पहुंच गया था। इस दौरान सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम के सदस्य भी उसके साथ ही थे। सीबीआई की टीम बाहर रुक गई, जबकि प्रणव के शर्ट के ऊपरी जेब में माइक्रो चिप डिवाइस ( रिकार्डिंग) रखकर और तीन लाख रुपये (पांच सौ की छह गड्डी) के साथ सरकारी आवास के अंदर भेजा गया।
विज्ञापन
अंदर जाने पर केसी जोशी ने पहले प्रणव से जेम पोर्टल की अंतिम तिथि की याद दिलाई। फिर जब प्रणव ने अपने पास रखे तीन लाख रुपये दिए तो केसी जोशी भड़क गया। नसीहत देते हुए बाकी की रकम को 14 तारीख तक उपलब्ध कराने की चेतावनी दी। इसके बाद उसने प्रणव से लिए रकम को सोफे पर रखे बैग में रखने की सलाह दी, जिसे उसने बैग में रख दिया। ये सारी बात उस डिवाइस में रिकॉर्ड हो गई।
विज्ञापन
दोनों बार फर्म के प्रोपराइटर से केसी जोशी ने लिखित में जवाब मांगा था। 15 सितंबर को अंतिम मौका देकर सात लाख रुपये की रिश्वत के लिए धमकाया था। खुद की फर्म को बचाने के लिए प्रणव ने सबूतों के साथ सीबीआई से शिकायत की और केसी जोशी को घूस लेते रंगेहाथ पकड़वा दिया।
विज्ञापन
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर दो बजे ही शिकायतकर्ता प्रणव त्रिपाठी केसी जोशी के सरकारी के आवास पर पहुंच गया था। इस दौरान सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम के सदस्य भी उसके साथ ही थे। सीबीआई की टीम बाहर रुक गई, जबकि प्रणव के शर्ट के ऊपरी जेब में माइक्रो चिप डिवाइस ( रिकार्डिंग) रखकर और तीन लाख रुपये (पांच सौ की छह गड्डी) के साथ सरकारी आवास के अंदर भेजा गया।
विज्ञापन
अंदर जाने पर केसी जोशी ने पहले प्रणव से जेम पोर्टल की अंतिम तिथि की याद दिलाई। फिर जब प्रणव ने अपने पास रखे तीन लाख रुपये दिए तो केसी जोशी भड़क गया। नसीहत देते हुए बाकी की रकम को 14 तारीख तक उपलब्ध कराने की चेतावनी दी। इसके बाद उसने प्रणव से लिए रकम को सोफे पर रखे बैग में रखने की सलाह दी, जिसे उसने बैग में रख दिया। ये सारी बात उस डिवाइस में रिकॉर्ड हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, प्रणव को ज्यादा देर तक अंदर रहकर बातों को रिकॉर्ड करवाना था, लेकिन वह जल्द ही निकल गया। इसके बाद सीबीआई की टीम ने आवास पर छापा मार दिया। तलाशी ली गई तो एक कमरे में एक अटैची में रकम मिली, जिसे केसी जोशी ने बैग से निकाल कर रखा था।
इसी बीच सीबीआई की टीम ने केसी जोशी का हाथ पकड़ते हुए खुद का परिचय दिया और अपने साथ लाए पानी के डिब्बे में उंगलियां डालने को कहा। उंगली डालते ही डिब्बे में बंद पानी का रंग सफेद से बदलकर गुलाबी हो गया। इसके बाद सीबीआई की टीम ने अटैची में रखे तीन लाख रुपये कब्जे में ले लिए। वहीं कमरे में दो लाख रुपये और मिले, जिसे जब्त कर लिया गया।
22 लाख का भुगतान रुका था नौ महीने से
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, प्रणव पहली बार जब शिकायत सीबीआई के पास लेकर गया तो उससे पूरे साक्ष्य मांगे गए थे। उसके द्वारा ऑडियो की रिकार्डिंग, 9 महीने में किए गए काम, भुगतान के लिए किए आवेदन के साथ अन्य साक्ष्यों को मंगवाया गया। सारे साक्ष्य जब शिकायतकर्ता ने दे दिए तब केसी जोशी को रंगेहाथों पकड़े जाने की योजना बनी।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, प्रणव पहली बार जब शिकायत सीबीआई के पास लेकर गया तो उससे पूरे साक्ष्य मांगे गए थे। उसके द्वारा ऑडियो की रिकार्डिंग, 9 महीने में किए गए काम, भुगतान के लिए किए आवेदन के साथ अन्य साक्ष्यों को मंगवाया गया। सारे साक्ष्य जब शिकायतकर्ता ने दे दिए तब केसी जोशी को रंगेहाथों पकड़े जाने की योजना बनी।
शनिवार को लखनऊ में पूरी प्रक्रिया समझाई गई। इसके बाद सोमवार को टीम गोरखपुर पहुंच गई थी। इसी बीच प्रणव और केसी जोशी से मुलाकात तय नहीं हो सकी। सोमवार की देर शाम केसी जोशी ने मंगलवार को प्रणव को सरकारी आवास पर बुलाया। इसी के बाद पूरी कार्रवाई कर दी गई।