{"_id":"5fc4b8edc7c7cb3bd406179e","slug":"check-meter-of-electricity-corporation-will-check-meter-moving-faster-in-gorakhpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मीटर की तेज रफ्तार सुधारेगा बिजली निगम का चेक मीटर, ऐसे कर सकते हैं आवेदन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मीटर की तेज रफ्तार सुधारेगा बिजली निगम का चेक मीटर, ऐसे कर सकते हैं आवेदन
Mon, 30 Nov 2020 02:48 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 30 Nov 2020 02:48 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली निगम के जिन उपभोक्ताओं को मीटर तेज चलने की शिकायत है, वे चेक मीटर से जांच करा सकते हैं। चेक मीटर लगाने के लिए उपभोक्ता को तय शुल्क देना होगा। इसके बाद एक माह के लिए उपभोक्ता के घर में लगे स्थायी मीटर के साथ चेक मीटर लगा दिया जाएगा। नया बिल आने पर पुराने मीटर से आने वाले बिल का मिलान कर समस्या दूर की जाएगी।
बिजली निगम के उपभोक्ताओं की अक्सर शिकायत रहती है कि उनका मीटर तेज चल रहा है। ऐसी शिकायतों के निराकरण के लिए निगम ने चेक मीटर की व्यवस्था बनाई है। हालांकि यह व्यवस्था पहले भी थी, लेकिन अब सोशल मीडिया को भी इसके लिए माध्यम बना दिया गया है। सोशल मीडिया (व्हाट्सएप, ट्विटर आदि) के जरिए जो उपभोक्ता मीटर तेज चलने की शिकायत करेगा, उसके यहां बिजली निगम एक और मीटर लगा देगा। सिंगल फेज के लिए 50 रुपये और ट्रिपल फेज के लिए 150 रुपये चार्ज जमा करना होगा।
इसके बाद यह नया मीटर पुराने के साथ संचालित होगा। बाद में दोनों की रीडिंग का मिलान किया जाएगा। रीडिंग में अंतर मिलने पर पुराना मीटर बदला जाएगा। पुरानी प्रक्रिया में मीटर तेज चलने की शिकायत उपभोक्ताओं को खंड कार्यालय पर करनी होती है।
विज्ञापन
इसके बाद मीटर निकालकर टेस्टिंग के लिए लैब में भेजा जाता है। मीटर में तकनीकी खामी पाई जाती है, तब मीटर बदलने की प्रक्रिया शुरू होती है। इस प्रक्रिया में लंबा समय लग जाता है। पूरक मीटर के प्रयोग से लंबी प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी।
विज्ञापन
बिजली निगम के उपभोक्ताओं की अक्सर शिकायत रहती है कि उनका मीटर तेज चल रहा है। ऐसी शिकायतों के निराकरण के लिए निगम ने चेक मीटर की व्यवस्था बनाई है। हालांकि यह व्यवस्था पहले भी थी, लेकिन अब सोशल मीडिया को भी इसके लिए माध्यम बना दिया गया है। सोशल मीडिया (व्हाट्सएप, ट्विटर आदि) के जरिए जो उपभोक्ता मीटर तेज चलने की शिकायत करेगा, उसके यहां बिजली निगम एक और मीटर लगा देगा। सिंगल फेज के लिए 50 रुपये और ट्रिपल फेज के लिए 150 रुपये चार्ज जमा करना होगा।
विज्ञापन
इसके बाद यह नया मीटर पुराने के साथ संचालित होगा। बाद में दोनों की रीडिंग का मिलान किया जाएगा। रीडिंग में अंतर मिलने पर पुराना मीटर बदला जाएगा। पुरानी प्रक्रिया में मीटर तेज चलने की शिकायत उपभोक्ताओं को खंड कार्यालय पर करनी होती है।
विज्ञापन
इसके बाद मीटर निकालकर टेस्टिंग के लिए लैब में भेजा जाता है। मीटर में तकनीकी खामी पाई जाती है, तब मीटर बदलने की प्रक्रिया शुरू होती है। इस प्रक्रिया में लंबा समय लग जाता है। पूरक मीटर के प्रयोग से लंबी प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी।
तीन तरीके से कर सकते हैं आवेदन
बिजली निगम में चेक मीटर के लिए तीन तरह से आवेदन कर सकते हैं। मीटर तेज चलने पर खंड कार्यालय जाकर आवेदन देकर चेक मीटर लगवाया जा सकता है। अपने खंड के अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर व्हाट्सएप कर और मेल आईडी पर संदेश भेजकर भी मीटर लगवा सकते हैं। इसके अलावा ट्विटर पर भी शिकायत की जा सकती है।
अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि किसी उपभोक्ता को मीटर तेज चलने की शिकायत है तो वह चेक मीटर के लिए आवेदन कर सकता है। एक महीने की जांच के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि मीटर तेज चल रहा या नहीं। मीटर तेज चलता पाया गया तो उसे नियमानुसार बदलने की कार्रवाई की जाएगी।
अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि किसी उपभोक्ता को मीटर तेज चलने की शिकायत है तो वह चेक मीटर के लिए आवेदन कर सकता है। एक महीने की जांच के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि मीटर तेज चल रहा या नहीं। मीटर तेज चलता पाया गया तो उसे नियमानुसार बदलने की कार्रवाई की जाएगी।