{"_id":"6ada7c09448c1cc7650f0f12","slug":"chargesheet-filed-against-garima-and-others-in-the-case-of-the-veterinarians-suicide-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1494863-2026-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: पशु चिकित्सक की खुदकुशी के मामले में गरिमा समेत अन्य पर चार्जशीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: पशु चिकित्सक की खुदकुशी के मामले में गरिमा समेत अन्य पर चार्जशीट
विज्ञापन
गोरखपुर। गोरखनाथ क्षेत्र के राजेंद्र नगर स्थित बसंत एन्क्लेव अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से कूदकर पशु चिकित्सक डॉ. परमात्मा की खुदकुशी के मामले में पुलिस ने गरिमा सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। गरिमा सिंह और उसके पिता समेत अन्य आरोपी लोन जालसाजी के मामले में पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। सीओ रवि सिंह ने चार्जशीट दाखिल किए जाने की पुष्टि की है।
डॉ. परमात्मा ने 13 अगस्त की सुबह अपने अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। घटना के बाद उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला था। इसमें उन्होंने गरिमा सिंह, पुत्री ध्रुव नारायण सिंह, को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया था। इसके बाद मृतक के परिजनों ने गरिमा और उसके गिरोह पर गंभीर आरोप लगाए थे। मृतक की पत्नी का आरोप था कि गरिमा सिंह ने डॉ. परमात्मा के नाम पर 1.40 करोड़ रुपये का लोन कराकर पूरी रकम हड़प ली थी।
वहीं, लोन की किस्तों को लेकर बैंक की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था। पत्नी के मुताबिक लोन की ईएमआई डॉ. परमात्मा के वेतन से भी कई गुना अधिक थी। परिवार का आरोप था कि आर्थिक दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि डॉ. परमात्मा की खुदकुशी के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना पूरी होने के बाद गरिमा सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. परमात्मा ने 13 अगस्त की सुबह अपने अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। घटना के बाद उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला था। इसमें उन्होंने गरिमा सिंह, पुत्री ध्रुव नारायण सिंह, को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया था। इसके बाद मृतक के परिजनों ने गरिमा और उसके गिरोह पर गंभीर आरोप लगाए थे। मृतक की पत्नी का आरोप था कि गरिमा सिंह ने डॉ. परमात्मा के नाम पर 1.40 करोड़ रुपये का लोन कराकर पूरी रकम हड़प ली थी।
विज्ञापन
वहीं, लोन की किस्तों को लेकर बैंक की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था। पत्नी के मुताबिक लोन की ईएमआई डॉ. परमात्मा के वेतन से भी कई गुना अधिक थी। परिवार का आरोप था कि आर्थिक दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि डॉ. परमात्मा की खुदकुशी के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना पूरी होने के बाद गरिमा सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
विज्ञापन