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Gorakhpur News: छात्रवृत्ति के लिए बदली आय और योग्यता
Fri, 17 May 2024 04:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 17 May 2024 04:58 AM IST
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फोटो
- शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति की नई गाइडलाइन जारी
- ज्यादा लाना होगा प्राप्तांक और आय सीमा में मिली छूट
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। हाई स्कूल, इंटर एवं उच्च शिक्षा तक छात्र-छात्राओं के लिए शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृति के लिए नए सत्र में पैमाना बदल गया है। वार्षिक आय सीमा में छूट मिली है, जबकि प्राप्तांक की सीमा भी बढ़ाई गई है। नए नियमों के अनुसार पात्र छात्र-छात्राओं को ही छात्रवृति व शुल्क प्रतिपूर्ति मिलेगी।
शासन ने छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। नॉन प्रोफेसनल कोर्स में सामान्य एवं अन्य पिछड़ा व अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राएं 50 प्रतिशत तक अंक पाना अनिवार्य होगा, इतने अंक पाएंगे, तभी उनका आवेदन सत्यापित किया जाएगा, इस वर्ग में अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए प्राप्तांक 33 प्रतिशत तक निर्धारित है।
प्रोफेसनल कोर्स में इसमें प्रवेश की न्यूनतम अर्हता स्नातक होगी, उसमें सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 55 प्रतिशत एवं अन्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए 50 प्रतिशत या उसके अधिक अंक प्राप्त करने पर ही छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त होगा।
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पूर्व दशम छात्रवृत्ति (9-10) में सभी वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए माता- पिता की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये तक कर दी गई है , जबकि पहले यह सीमा सिर्फ अनुसूचित जाति जनजाति के लिए ही निर्धारित थी।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति (कक्षा 11 से उच्च शिक्षा स्तर के लिए) सामान्य वर्ग व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए दो लाख रुपये एवं अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए 2.5 लाख रुपये वार्षिक आय पर छात्रवृत्ति दी जाएगी।
हाईस्कूल उत्तीर्ण करने के छह साल बाद आईटीआई करने वालों को विद्यार्थियों छात्रवृत्ति का लाभ नही मिलेगा। हाई स्कूल उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई बोर्ड एवं आईसीएसई बोर्ड के अलावा किसी भी अन्य बोर्ड से हाईस्कूल पास छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त नहीं होगा।
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प्राप्तांक कम होने से 375 को नहीं मिली छात्रवृत्ति
समाज कल्याण विभाग में प्राप्तांक मानक से कम होने के मामले में 375 छात्र-छात्राओं की शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति रोक दी गई है, जबकि निदेशालय से भी इस मामले में कुछ विद्यार्थियों को डेटा ब्लॉक किया गया है। समाज कल्याण विभाग में सोमवार को तीन छात्राएं छात्रवृत्ति नहीं मिलने की शिकायत करने पहुंची थी, जांच में पता चला कि उनके प्राप्तांक कम है।
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कोट-
हाई स्कूल, इंटर व उच्च शिक्षा की शल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है।
इसमें प्राप्तांक, वार्षिक आय, आय प्रमाण पत्र सहित अन्य नियमों में परिवर्तन किया गया है।
वशिष्ठ नारायण सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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- शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति की नई गाइडलाइन जारी
- ज्यादा लाना होगा प्राप्तांक और आय सीमा में मिली छूट
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। हाई स्कूल, इंटर एवं उच्च शिक्षा तक छात्र-छात्राओं के लिए शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृति के लिए नए सत्र में पैमाना बदल गया है। वार्षिक आय सीमा में छूट मिली है, जबकि प्राप्तांक की सीमा भी बढ़ाई गई है। नए नियमों के अनुसार पात्र छात्र-छात्राओं को ही छात्रवृति व शुल्क प्रतिपूर्ति मिलेगी।
शासन ने छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। नॉन प्रोफेसनल कोर्स में सामान्य एवं अन्य पिछड़ा व अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राएं 50 प्रतिशत तक अंक पाना अनिवार्य होगा, इतने अंक पाएंगे, तभी उनका आवेदन सत्यापित किया जाएगा, इस वर्ग में अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए प्राप्तांक 33 प्रतिशत तक निर्धारित है।
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प्रोफेसनल कोर्स में इसमें प्रवेश की न्यूनतम अर्हता स्नातक होगी, उसमें सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 55 प्रतिशत एवं अन्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए 50 प्रतिशत या उसके अधिक अंक प्राप्त करने पर ही छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त होगा।
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पूर्व दशम छात्रवृत्ति (9-10) में सभी वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए माता- पिता की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये तक कर दी गई है , जबकि पहले यह सीमा सिर्फ अनुसूचित जाति जनजाति के लिए ही निर्धारित थी।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति (कक्षा 11 से उच्च शिक्षा स्तर के लिए) सामान्य वर्ग व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए दो लाख रुपये एवं अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए 2.5 लाख रुपये वार्षिक आय पर छात्रवृत्ति दी जाएगी।
हाईस्कूल उत्तीर्ण करने के छह साल बाद आईटीआई करने वालों को विद्यार्थियों छात्रवृत्ति का लाभ नही मिलेगा। हाई स्कूल उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई बोर्ड एवं आईसीएसई बोर्ड के अलावा किसी भी अन्य बोर्ड से हाईस्कूल पास छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त नहीं होगा।
प्राप्तांक कम होने से 375 को नहीं मिली छात्रवृत्ति
समाज कल्याण विभाग में प्राप्तांक मानक से कम होने के मामले में 375 छात्र-छात्राओं की शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति रोक दी गई है, जबकि निदेशालय से भी इस मामले में कुछ विद्यार्थियों को डेटा ब्लॉक किया गया है। समाज कल्याण विभाग में सोमवार को तीन छात्राएं छात्रवृत्ति नहीं मिलने की शिकायत करने पहुंची थी, जांच में पता चला कि उनके प्राप्तांक कम है।
कोट-
हाई स्कूल, इंटर व उच्च शिक्षा की शल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है।
इसमें प्राप्तांक, वार्षिक आय, आय प्रमाण पत्र सहित अन्य नियमों में परिवर्तन किया गया है।
वशिष्ठ नारायण सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी