Chandra Grahan: शरद पूर्णिमा आज, लगेगा खंडग्रास चंद्र ग्रहण
शनिवार की मध्यरात्रि एक बजकर पांच मिनट से चंद्रग्रहण प्रारंभ होगा। ग्रहण का मध्यकाल एक बजकर 44 मिनट पर और समापन दो बजकर 24 मिनट पर होगा। पूर्ण चंद्रग्रहण एक घंटा 19 मिनट का होगा।
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श्रद्धालु शरद पूर्णिमा का व्रत शनिवार को रखेंगे। वाल्मिकी जयंती भी इसी दिन मनाई जाएगी। ऐसी मान्यता है कि रामायण के लेखक महाकवि वाल्मिकी का जन्म आश्विन पूर्णिमा के दिन हुआ था। इसी दिन खंडग्रास चंद्र ग्रहण भी लगेगा। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने इसी पूर्णिमा की रात्रि में गोपियों के साथ महारास किया था। इस दिन भगवान विष्णु का पूजन कर सत्यनारायण व्रत भी करना चाहिए।
शनिवार की मध्यरात्रि एक बजकर पांच मिनट से चंद्रग्रहण प्रारंभ होगा। ग्रहण का मध्यकाल एक बजकर 44 मिनट पर और समापन दो बजकर 24 मिनट पर होगा। पूर्ण चंद्रग्रहण एक घंटा 19 मिनट का होगा। वहीं, ग्रहण का सूतक नौ घंटे पूर्व यानी शाम चार बजकर पांच मिनट से प्रारंभ हो जाएगा। सूतक लगने के साथ ही सभी मंदिरों के द्वार बंद हो जाएंगे।
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ग्रहण में गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान
डॉ. जोखन पांडेय शास्त्री के अनुसार, ग्रहण लगने से लेकर समाप्ति तक गर्भवती महिलाओं को काटने, सिलने या पिरोनो जैसे कार्य, जिसमें सुई या धारदार चीजों का प्रयोग हो, नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि इससे गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंच सकता है। बताया कि धार्मिक मान्यताएं कहती हैं कि ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को सोना नहीं चाहिए। इस समय बिना स्पर्श किए ईश्वर को स्मरण करें।