खुशखबर: कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित हुआ सीमा शुल्क अधिसूचित हवाई अड्डा, वित्त मंत्रालय ने दी जानकारी
नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय हवाई को उड़ान से संबंधित सभी तरह के संसाधनों से सुसज्जित किया जा चुका है। इसे चालू कराने के लिए सरकार की तरफ से सिर्फ निर्णय लेना है। खास बात यह है कि यह प्रदेश का सबसे बड़ा रनवे है। 21 किलोमीटर की लंबाई में चारों तरफ से बाउंड्रीवाल है।
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उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के लिए एक राहत की खबर सामने आई है। यहां कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ने कुशीनगर हवाई अड्डे को सीमा शुल्क अधिसूचित हवाई अड्डा घोषित किया है। इससे बौद्ध तीर्थयात्रियों सहित अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की आवाजाही में भी आसानी होगी। यह जानकारी वित्त मंत्रालय दी है। यह हवाईअड्डा करीब 600 एकड़ में बनाया गया है। भारतीय वायुसेना का बोइंग-737 विमान बीते सात जून को इस हवाई अड्डे पर उतरा जा चुका है, जो 19 मिनट तक यहां रुका रहा।
Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC) has declared Kushinagar Airport as a Customs notified airport. This would also facilitate international passenger movements including that of Buddhist pilgrims: Ministry of Finance pic.twitter.com/WMOsKrsJnHविज्ञापन— ANI (@ANI) September 15, 2021
वहीं बीते महीने कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की उड़ान के लिए लाइसेंस डेढ़ साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। पूर्व में इस हवाई अड्डे को मिला लाइसेंस 21 अगस्त 2021 को खत्म हो गया था। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस लाइसेंस को 18 महीने के लिए और बढ़ा दिया है। लाइसेंस की वैधता तिथि अब 21 फरवरी 2023 तक हो गई है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लेकर डीजीसीए ने सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण को उड़ान शुरू कराने के लिए लाइसेंस जारी कर दिया था। यह प्रदेश के तीसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का लाइसेंस है। इसके साथ ही यह प्रदेश का सबसे बड़ा रनवे वाला हवाई अड्डा है।