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Gorakhpur News: जांच में सीडीपीओ पाए गए दोषी, होगी कार्रवाई
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आंगनबाड़ी संघ की प्रदेश अध्यक्ष ने लगाया था धन उगाही का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बाल विकास परियोजना अधिकारी चरगांवा के खिलाफ चल रही जांच में कमेटी ने जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें उन्हें दोषी पाया गया है। पत्रावली सीडीओ के पास है। दो दिन के अंदर कार्रवाई हो सकती है। यह कहना है जिला कार्यक्रम अधिकारी का।
आंगनबाड़ी सहायिका एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष गीतांजली मौर्या ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया था कि सीडीपीओ चरगांवा भ्रष्टाचार में डूबे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विभागीय कार्य करने में असमर्थ है। क्योंकि अल्प मानदेय पाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से तीन से पांच हजार महीने की मांग कर अपनी चहेती वर्कर से वसूली कराते हैं। यदि किसी ने धन देने से इन्कार कर दिया तो उसे अकेले बुलाकर धमकाया जाता है। इससे कार्यकर्ताओं में रोष है।
शिकायत की जांच के लिए तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। प्रदेश अध्यक्ष ने इस पर आपत्ति की तो सीडीओ के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी ने बीडीओ चरगांवा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी। कमेटी में समाज कल्याण अधिकारी और प्रोबेशन अधिकारी को शामिल किया गया। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डीडीओ को सौंप दी है। डीडीओ ने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट में सीडीपीओ कई बिंदुओ पर दोषी पाए गए हैं। कार्रवाई डीपीओ के स्तर से होगी। जबकि डीपीओ ने फाइल सीडीओ के पास भेज दी है।
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कोट
सीडीपीओ चरगांवा के खिलाफ जांच कमेटी ने रिपोर्ट डीडीओ को सौंप दी है। सीडीपीओ चरगांवा दोषी पाए गए हैं। पत्रावली सीडीओ के पास है। एक-दो दिन में कार्रवाई हो सकती है।
-अभिनव कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बाल विकास परियोजना अधिकारी चरगांवा के खिलाफ चल रही जांच में कमेटी ने जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें उन्हें दोषी पाया गया है। पत्रावली सीडीओ के पास है। दो दिन के अंदर कार्रवाई हो सकती है। यह कहना है जिला कार्यक्रम अधिकारी का।
आंगनबाड़ी सहायिका एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष गीतांजली मौर्या ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया था कि सीडीपीओ चरगांवा भ्रष्टाचार में डूबे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विभागीय कार्य करने में असमर्थ है। क्योंकि अल्प मानदेय पाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से तीन से पांच हजार महीने की मांग कर अपनी चहेती वर्कर से वसूली कराते हैं। यदि किसी ने धन देने से इन्कार कर दिया तो उसे अकेले बुलाकर धमकाया जाता है। इससे कार्यकर्ताओं में रोष है।
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शिकायत की जांच के लिए तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। प्रदेश अध्यक्ष ने इस पर आपत्ति की तो सीडीओ के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी ने बीडीओ चरगांवा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी। कमेटी में समाज कल्याण अधिकारी और प्रोबेशन अधिकारी को शामिल किया गया। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डीडीओ को सौंप दी है। डीडीओ ने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट में सीडीपीओ कई बिंदुओ पर दोषी पाए गए हैं। कार्रवाई डीपीओ के स्तर से होगी। जबकि डीपीओ ने फाइल सीडीओ के पास भेज दी है।
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कोट
सीडीपीओ चरगांवा के खिलाफ जांच कमेटी ने रिपोर्ट डीडीओ को सौंप दी है। सीडीपीओ चरगांवा दोषी पाए गए हैं। पत्रावली सीडीओ के पास है। एक-दो दिन में कार्रवाई हो सकती है।
-अभिनव कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी