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गोरखपुर: थाना दिवस में दर्ज किए जाएंगे भू-विवाद के मामले, कराएंगे निपटारा

Tue, 24 Aug 2021 08:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 24 Aug 2021 08:47 AM IST
सार

अब पुलिस भूमि, मकान संबंधी मामले को थाना दिवस में दर्ज करेगी और फिर बीपीओ, लेखपाल से संपर्क कर मौके पर जाकर इसका निस्तारण भी कराएगी। 

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Cases of land dispute will be registered in police station day in gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में भूमि विवाद का मामला बताकर थाने पर आने वाले फरियादी को लौटाने की आदत अब बदलनी होगी। अब पुलिस भूमि, मकान संबंधी मामले को थाना दिवस में दर्ज करेगी और फिर बीपीओ, लेखपाल से संपर्क कर मौके पर जाकर इसका निस्तारण भी कराएगी। जहां कहीं कोर्ट का यथास्थिति का आदेश होगा, वहां पर जाकर जो भी स्थिति होगी उसकी फोटोग्राफ कराना होगा और रिपोर्ट तैयार की जाएगी। बीपीओ और लेखपाल संयुक्त रूप से रिपोर्ट तैयार करेंगे। एडीजी ने इस संबंध में जोन के सभी एसएसपी, एसपी को आदेश जारी कर दिया है।
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एडीजी अखिल कुमार के मुताबिक, ज्यादातर जमीन संबंधी विवाद के मामले सामने आ रहे हैं। इसमें पुलिस राजस्व का मामला बताकर टाल देती है, जबकि थाना दिवस में राजस्वकर्मी भी मौजूद रहते हैं। ऐसे में यह फैसला लिया गया है कि किसी भी दिन प्रार्थना पत्र आए तो उसे एकत्र किया जाए और थाना दिवस के दिन उसे दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जाए। सीओ और थानेदार इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। यह काम थाने में नियुक्त हेड कांस्टेबल के पास होगा जो आईजीआरएस और शिकायती पत्र के रखरखाव करता है।

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वह इन प्रार्थना पत्र को एकत्र करेंगे और थाना दिवस में रखेंगे। बीपीओ (बीट पुलिस अधिकारी) प्रार्थना पत्र आने पर वादी से संपर्क कर मौके पर जाकर मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए तत्काल हलका लेखपाल से संपर्क हुए विचार विमर्श करके निस्तारित करेंगे। समस्या मौके पर निस्तारित हो जाती है तो बीपीओ और लेखपाल संयुक्त आख्या दाखिल करेंगे। इसी तरह यथास्थिति बनाए रखने के मामले में दोनों पक्ष को हिदायत देने के साथ ही पाबंद किया जाए। साथ ही विवादित स्थल की फोटो लेनी होगी। दोनों पक्ष का बयान दर्ज करना होगा, कितना निर्माण हुआ है, इसकी भी जानकारी देनी होगी। इसे जीडी में भी दर्ज करना होगा।

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सीओ के पास आए मामले तो कार्यालय से कराएं जांच

भूमि विवाद के ऐसे मामले जो सीओ के पास आते हैं, उनकी जांच कार्यालय से कराएं और प्रकरण को समाधान दिवस में दर्ज कर निस्तारण किया जाए। सीओ को निस्तारण आख्या भी भेजनी होगी।
बनाएं ग्रुप, लेखपाल के संपर्क में रहें


एडीजी का मानना है कि कई बार इस तरह के मामले सामने आते हैं कि बीपीओ का लेखपाल से संपर्क ही नहीं है। अब यह नहीं चलेगा। पहले बताया जा चुका है कि लेखपाल के बारे में जानकारी होनी चाहिए। बीपीओ व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं और संपर्क में रहें। कोटेदार, ग्राम प्रधान, शिक्षामित्र और कानूनगो को भी ग्रुप में शामिल करें, ताकि इस काम के अलावा अन्य सूचनाएं भी मिल सकें।

दर्ज करें भू माफिया पर केस
पुलिस को इस काम के दौरान अगर किसी भू-माफिया की जानकारी मिल रही है तो तत्काल केस दर्ज कराकर कार्रवाई भी करें। निस्तारण के साथ ही भू माफिया की पहचान कर उन पर कार्रवाई करना जरूरी है।
 

एडीजी गोरखपुर जोन अखिल कुमार ने बताया कि जोन के सभी एसएसपी/एसपी को इस संबंध में निर्देशित किया गया है। भूमि विवाद के मामलों का निस्तारण कैसे कराएं, इसकी विस्तृत कार्ययोजना भी तैयार कर भेजी गई है। इस पर पुलिस काम करेगी और लापरवाही सामने आई तो सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

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